तिब्बत में बुधवार को ग्लेशियर फटने के बाद नेपाल में जलप्रलय...
30 से ज्यादा देशों के लोग लापता, 36 घंटे बाद जानें अब क्या हालात !
तिब्बत में बुधवार को ग्लेशियर फटने के बाद चीन-नेपाल सीमा क्षेत्र में भारी तबाही मची है. बाढ़ और मलबे की चपेट में आने से सैकड़ों लोगों की मौत हो गई, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं. दोनों देशों के अधिकारियों के अनुसार, अब तक 160 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 1,300 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. लापता लोगों में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक शामिल हैं।
इनमें बे लोग शामिल हैं जो या तो ट्रैकिंग के लिए क्षेत्र में पहुंचे थे या हिंदुओं के पवित्र स्थलों की यात्रा पर थे. नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, सिंगापुर के 8, जर्मनी के 8 और रूस के 8 पर्यटक भी लापता हैं. वहीं, दक्षिण अफ्रीका के 6, लातविया के 6 और जापान के 5 नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है.
लगातार बढ़ रहा मौत का आंकड़ा
नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. नेपाल पुलिस के अनुसार, गुरुवार शाम 5 बजे तक आठ जिलों से कुल 359 शव बरामद किए जा चुके हैं. नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अबी नारायण कफ्ले ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से संशोधित आंकड़ों की पुष्टि की. ताजा आंकड़ों के अनुसार, रसुवा से 17 शव, नुवाकोट से 28, धादिंग से 33, चितवन से 132, गोरखा से 30, तनहुँ से 22, नवलपरासी पूर्व से 82 और नवलपरासी पश्चिम से 15 शव बरामद किए गए हैं.पुलिस, सेना और अन्य राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार बचाव अभियान चला रही हैं तथा फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रही हैं.
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने गुरुवार को बताया कि 517 विदेशी पर्यटक अब भी लापता हैं. चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार, तिब्बत के ग्यिरोंग (Gyirong) काउंटी में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि 558 लोग लापता हैं. चीन के विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि नेपाल की ओर से करीब 100 चीनी नागरिक लापता बताए गए हैं. नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, अमेरिका के 65 नागरिक लापता हैं, जबकि मलेशिया के 51 लोगों का अब तक पता नहीं चल पाया है.
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि उसके 53 नागरिक लापता हैं और 46 विदेशी पर्यटकों का नेपाली अधिकारियों से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है. इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया के 35, ब्रिटेन के 33 और कनाडा के 25 नागरिक लापता बताए गए हैं. दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया के अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि नेपाल के एक जलविद्युत परियोजना क्षेत्र में काम कर रहे उनके नौ नागरिक लापता हैं.
नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, सिंगापुर के 8, जर्मनी के 8 और रूस के 8 पर्यटक भी लापता हैं. वहीं, दक्षिण अफ्रीका के 6, लातविया के 6 और जापान के 5 नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. अधिकारियों का कहना है कि राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन खराब मौसम, दुर्गम पहाड़ी इलाकों और तेज बहाव के कारण अभियान में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. नेपाल और चीन दोनों देशों की एजेंसियां संयुक्त रूप से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लापता लोगों की तलाश जारी है.
बाढ़ में बाल-बाल बचे नागपुर के 106 लोग
नेपाल में बाढ़ से मची तबाही का आज दूसरा दिन है. अब तक सैकड़ों लोग काल के गाल में समा गए हैं. 1500 से अधिक लोग अब भी लापता हैं. भोटेकोशी नदी के जल-प्रलय ने ऐसा तांडव मचाया है कि इंसानों की बस्तियां उजड़ गईं और परिंदों के आशियाने तक तिनके की तरह बह गए. नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच एक राहत की खबर भी आई है. काठमांडू में फंसे नागपुर के 106 भारतीय यात्रियों की सुरक्षित वतन वापसी शुरू हो गई है. ये सभी काठमांडू से यात्री मिनी बसों के जरिए बिहार के दानापुर के लिए रवाना हो चुके हैं और शुक्रवार सुबह जनकपुर-बिहार बॉर्डर पहुंचेंगे. दानापुर पहुंचने के बाद इन सभी नागरिकों को विशेष ट्रेन व्यवस्था के जरिए सुरक्षित उनके गृह नगर नागपुर भेजा जाएगा.
भारत ने 47.5 टन विशेष राहत सामग्री भेजी है...
संकट की इस घड़ी में भारत ने पड़ोसी धर्म निभाते हुए युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया है और अब तक 47.5 टन विशेष राहत सामग्री प्रभावित इलाकों में पहुंचा दी है. पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर एयरलिफ्ट किया जा रहा है.




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