भारत ने याद दिलाया ऑपरेशन सिंदूर...
पाक सरहद पर हल-चल तेज,250 चीनी तोपों की तैनाती पर भारत अलर्ट !
भारत-पाकिस्तान सीमा पर एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. सीमा पार पाकिस्तान ने 250 से ज्यादा चीनी SH-15 तोपों की तैनाती भारत के बार्डर पर कर दी है, जिसको लेकर भारतीय सेना पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. विदेश मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' की याद दिलाई है.
भारत-पाकिस्तान सीमा पर एक बार फिर से सैन्य हलचल बढ़ गई है. पाकिस्तान बार्डर के करीब 250 से ज्यादा चीनी आधुनिक तोपों की तैनाती कर रहा है, इस पर भारत अलर्ट मोड में आ गया है. चीन की मदद से पाकिस्तान की इस नापाक सैन्य लामबंदी पर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए ऑपरेशन सिंदूर की याद दिलाई है और साफ कर दिया कि भारत अपनी संप्रभुता और सीमाओं की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है. सिर्फ इतना ही नहीं भारत ने पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में कराए गए स्थानीय चुनावों को एक बड़ा ढोंग करार दिया है.
पाकिस्तान भारत से लगी सीमा पर बड़ी संख्या में चीनी निर्मित SH-15 सेल्फ-प्रोपेल ऑटो पायलेट तोपों की तैनाती की रिपोर्टों के बीच भारत सरकार की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा और देश की रक्षा के लिए जो भी आवश्यक होगा, वह कदम उठाएगा.
विदेश मंत्रालय के साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान स्पोकपर्सन रणधीर जायसवाल से जब इस तैनाती के बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद पर भारत का रुख बिल्कुल साफ है.
विदेश मंत्रालय के स्पोकपर्सन ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने देखा कि कैसे पाकिस्तान को माकूल जवाब दिया गया था. हमारी तरफ से रुख यह है कि सीमा पार आतंकवाद पूरी तरह से बंद होना चाहिए. हम अपने राष्ट्रीय हित में और खुद की रक्षा के लिए जो भी जरूरी होगा, वह करेंगे, जिसके लिए हम हमेशा सतर्कता के साथ तैनात रहते हैं.
250 चीनी SH-15 तोपों की तैनाती का मामला
विदेश मंत्रालय के स्पोकपर्सन का यह बयान उन रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने अपने तोपखाने के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत भारत के सामने वाले इलाकों में लगभग 250 चीनी मूल की SH-15 व्हील्ड सेल्फ-प्रोपेल होवित्जर तौपें तैनात की हैं.
क्या है SH-15 तोप?
पाकिस्तान ने 2019 में चीनी सरकारी रक्षा फर्म नोरिनको से 236 SH-15 (155mm/52-कैलिबर) व्हील्ड सेल्फ-प्रोपेल आर्टिलरी गन का ऑर्डर दिया था. इसकी डिलीवरी 2022 में शुरू हुई थी और दूसरी खेप 2023 में पहुंची.
टेक्नोलॉजी ट्रांसफर
पाकिस्तान ने हैवी इंडस्ट्रीज टैक्सिला में इस आर्टिलरी सिस्टम के निर्माण के लिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर का समझौता भी हासिल किया है.
कहां हुई है तैनाती?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीन में PCL-181 के नाम से जानी जाने वाली इन तोपों को मुख्य रूप से भारत के सामने पाकिस्तान के गुजरांवाला, सियालकोट और जलालपुर जट्टान सेक्टरों में, विशेष रूप से शकरगढ़ उभार के आसपास तैनात किया गया है. इन तोपों का इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी किया गया था.
155mm की यह आर्टिलरी सिस्टम कई प्रकार के गोला-बारूद दागने में सक्षम है. रॉकेट से चलने वाले गोलों का इस्तेमाल करने पर इसकी मारक क्षमता 50 किलोमीटर से भी ज्यादा हो जाती है.
फॉर्मर डायरेक्टर जनरल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल पीआर शंकर के मुताबिक इससे से पाकिस्तान की मारक क्षमता मजबूत होती है और यह उसकी सेना के रॉकेट फोर्स को पूरा करते हुए लंबी दूरी की हमले की क्षमताओं को बढ़ाती है.
PoK में 'फर्जी' चुनाव
ब्रीफिंग के दौरान स्पोकपर्सन रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए चुनावों की कड़ी आलोचना की. उन्होंने इसे पूर्ण रूप से ढोंग बताया और पाकिस्तान पर जनता के विरोध को दबाने के लिए ताकत का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.
रणधीर ने कहा कि PoK में यह तथाकथित स्थानीय चुनाव एक पूर्ण ढोंग है. असली सच्चाई यह है कि वहां आम जनता का विरोध प्रदर्शन हो रहा है और पाकिस्तानी बलों द्वारा अंधाधुंध हत्याएं की जा रही हैं. ऐसे खोखले अभ्यास वास्तविकता को नहीं छिपा सकते.
विदेश मंत्रालय ने बताया कि जून से अब तक PoK में जारी कार्रवाई के दौरान कम से कम 90 नागरिकों की जान जा चुकी है. स्पोकपर्सन जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तानी तंत्र ने जनता के असंतोष का जवाब गोलियों, ब्लैकआउट, धमकी और दमन से दिया है और अब एक खोखले चुनावी अभ्यास के जरिए अपनी वैधता बनाने की कोशिश कर रहा है. भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस्लामाबाद को जवाबदेह ठहराने का अपील किया.
भारत भी कर रहा तैयारी
पाकिस्तान की इस तैनाती के बीच भारत भी अपनी फील्ड आर्टिलरी रैशनलाइजेशन प्लान के तहत अपने तोपखाने को लगातार एडवांस बना रहा है.भारतीय सेना ने M777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर, K-9 वज्र सेल्फ-प्रोपेल गन और स्वदेशी धनुष गन जैसी 155mm आर्टिलरी प्रणालियों को शामिल किया है.भारत ने देश में ही विकसित 307 एडवांस्ड टॉड आर्टिलरी गन सिस्टम का ऑर्डर भी दिया है.
इसके साथ ही, भारत ATAGS प्लेटफॉर्म पर आधारित एक व्हील्ड माउंटेड गन सिस्टम पर भी काम कर रहा है, जो जल्दी है तैयार हो सकता है और इसके शुरुआती फायरिंग ट्रायल पूरे हो चुके हैं.



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