G News 24: सरकारी कस्टडी (तिजोरी) से सोने की असली ज्वेलरी गायब कर उसकी जगह पर नकली ज्वेलरी रखी !

पूरी साजिश के पीछे छिपे असली दोषियों का पता लगाया जाए :हाईकोर्ट...

सरकारी कस्टडी (तिजोरी) से सोने की असली ज्वेलरी गायब कर उसकी जगह पर नकली ज्वेलरी रखी !

ग्वालियर।  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने सरकारी कस्टडी (तिजोरी) से असली सोने की ज्वेलरी गायब कर उनकी जगह पर नकली ज्वेलरी रखने के दशकों पुराने गंभीर मामले में सख्त रूख अपनाया है। न्यायामूर्ति जीएस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की युगल पीठ ने सीआईडी को मामले की आगे की जांच जारी रखने के निर्देश दिये है। ताकि पूरी साजिश के पीछे छिपे असली दोषियों का पता लगाया जा सके। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि मामले के एक आरोपी के निचली अदालत से दोषमुक्त (बरी) होने का यह अर्थ नहीं है कि सरकारी तिजोरी में रखी ज्वेलरी की अदला-बदली करने वाले असली आरोपियों की तलाश बंद कर दी जाये।

सुनवाई के दौरान एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है जब यह रिट अपील हाईकोर्ट में लंबित थी ।तब जिम्मेदार सरकारी अधिकारियों और ओआईसी ने हाईकोर्ट को यह अहम जानकारी नहीं दी कि इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी थी। निचली अदालत में ट्रायल चल रहा था। इतना ही नहीं वर्ष 2019 में ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को बरी भी कर दिया था। इसके बावजूद मामला कई बार सूचीबद्ध होने पर भी सरकारी पक्ष ने हाईकोर्ट को इसकी जानकारी नहीं दी। इस लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैये पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जाहिर की।

हाईकोर्ट ने सरकारी खजाने और न्यायालय की अभिरक्षा (कस्टडी) में रखे जेवरातों की अदला-बदली को बेहद गंभीर अपराध माना है। कोर्ट ने कहा कि जब तक सरकारी कस्टडी से असली सोना गायब करने वाले वास्तविक दोषियों की पहचान कर उन्हें सजा नहीं दिलाई जाती, तब तक जांच बंद नहीं की जा सकती। सीआईडी को नए साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच कर पूरे षड्यंत्र का खुलासा करने के निर्देश दिए गए हैं।


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