G News 24 : मुस्लिम देश में 47 मीटर ऊंचा मंदिर,UNESCO ने कहा वैश्विक धरोहर,PM मोदी करेंगे इस मंदिर दौरा !

 योग्याकार्ता के ऐतिहासिक प्रम्बानान मंदिर की यात्रा ...

मुस्लिम देश में 47 मीटर ऊंचा मंदिर,UNESCO ने कहा वैश्विक धरोहर,PM मोदी करेंगे  इस मंदिर दौरा !

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जुलाई से इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के छह दिवसीय दौरे पर जा रहे हैं. अपने इस दौरे के पहले चरण में पीएम मोदी 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे. भारत और इंडोनेशिया ने मई 2018 में तय किया था कि वे एक दूसरे के बहुत खास दोस्त बनकर काम करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे के दौरान योग्याकार्ता के ऐतिहासिक प्रम्बानान मंदिर की यात्रा दोनों देशों के सदियों पुराने संबंधों और साझा इतिहास को एक नई मजबूती देगी.

उस बड़े फैसले के बाद, पीएम मोदी पहली बार खास तौर पर इंडोनेशिया की सरकारी यात्रा पर जा रहे हैं. अपनी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी जकार्ता में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ खास आपसी बातचीत करेंगे. इसके साथ ही वे जकार्ता में भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित करेंगे. लेकिन इस पूरे दौरे में सबसे ज्यादा चर्चा इंडोनेशिया के योग्याकार्ता में स्थित ऐतिहासिक प्रम्बानान मंदिर परिसर की हो रही है, जहां पीएम मोदी जाने वाले हैं. आज हम उस मंदिर के बारे में डिटेल से बताएंगे.

प्रम्बानान मंदिर का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व

प्रम्बानान मंदिर सिर्फ एक इमारत नहीं है, बल्कि यह भारत और इंडोनेशिया के सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों का जीता जागता सबूत है. इंडोनेशिया के योग्याकार्ता में स्थित ये मंदिर नौवीं शताब्दी का बना हुआ है. 

ये पूरे दक्षिण पूर्व एशिया में भगवान शिव को समर्पित सबसे बड़ा और भव्य हिंदू मंदिर परिसर है. इस मंदिर की अद्भुत बनावट को देखते हुए यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है. 

जब पीएम मोदी यहां कदम रखेंगे, तो ये दोनों देशों के साझा इतिहास को एक नई मजबूती देगा. इस मंदिर की दीवारों पर उकेरी गई कलाकृतियां आज भी सैलानियों को हैरान कर देती हैं.

त्रिमूर्ति को समर्पित वास्तुकला का बेजोड़ नमूना

इस ऐतिहासिक मंदिर की सबसे बड़ी खासियत इसकी बनावट और इसके पीछे की धार्मिक मान्यता है. मुख्य मंदिर परिसर में तीन सबसे बड़े मंदिर हैं, जो हिंदू धर्म के त्रिमूर्ति यानी भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित हैं.

इन तीनों में भी सबसे ऊंचा और विशाल मंदिर भगवान शिव का है, जिसकी ऊंचाई लगभग 47 मीटर है. शिव मंदिर के अंदर महादेव की एक बहुत ही भव्य मूर्ति स्थापित है. 

इसके साथ ही इस परिसर में त्रिमूर्ति के वाहनों यानी नंदी, गरुड़ और हंस के लिए भी अलग से तीन मंदिर बनाए गए हैं. इस पूरे परिसर को देखना किसी दिव्य लोक की यात्रा करने जैसा महसूस होता है.

मंदिर की दीवारों पर रामायण की गाथा

प्रम्बानान मंदिर की नक्काशी इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती मानी जाती है. मंदिर की बाहरी और भीतरी दीवारों पर पत्थरों को काटकर बेहद बारीक नक्काशी बनाई गई हैं. इन पत्थरों पर पूरी रामायण और भागवत पुराण की कहानियों को चित्रों के जरिए दिखाया गया है.

यहां की रामायण गैलरी को देखकर समझ आता है कि भारत से हजारों किलोमीटर दूर इंडोनेशिया में भी सनातन संस्कृति की जड़ें कितनी गहरी रही हैं. मंदिर परिसर में हर शाम एक खास रामायण बैले नृत्य का आयोजन भी होता है, जो पूरी दुनिया में मशहूर है. पीएम मोदी की इस यात्रा से इस सांस्कृतिक धरोहर को पूरी दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी.

भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत होते कूटनीतिक रिश्ते

प्रधानमंत्री मोदी का यह प्रम्बानान मंदिर दौरा सिर्फ पर्यटन के लिहाज से नहीं, बल्कि कूटनीतिक नजरिए से भी बहुत बड़ा कदम है. ये यात्रा दिखाती है कि भारत अपनी एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ केवल व्यापारिक रिश्ते ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्तों को भी बढ़ावा दे रहा है. 

इंडोनेशिया एक मुस्लिम बहुल देश है, लेकिन इसके बावजूद उसने अपनी इस प्राचीन हिंदू धरोहर को बहुत सम्मान के साथ सहेज कर रखा है. पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को और ज्यादा गहरा करेगी.

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