बंगाल में 'महाराष्ट्र मॉडल' की चर्चा तेज हुई...
ममता बनर्जी के हाथ से सत्ता गई,अब पार्टी भी जाएगी !
महाराष्ट्र में अविभाजित शिवसेना के साथ क्या हुआ, आपको याद ही होगा. अब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजे आने के एक महीने के भीतर बंगाल में उसी 'महाराष्ट्र मॉडल' की चर्चा होने लगी है.
पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी की सत्ता जाने के बाद अब हाथ से पार्टी भी निकल सकती है. अप्रैल में एक चुनावी रैली की स्पीच के आखिर में ममता ने यह बात कही कि, रहा तृणमूल, तो फिर मिलेंगे... अब इसी बात के काफी मायने निकाले गए. अब कुछ वैसा ही होने की अटकलें लगाई जाने लगी हैं.
दरअसल, हाल में तृणमूल कांग्रेस की एक बैठक बुलाई गई थी. ममता बनर्जी के घर पर पहले से प्लान्ड इस मीटिंग में ज्यादातर विधायक आए ही नहीं. ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या तृणमूल कांग्रेस भी टूटने वाली है?
पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चा जोर पकड़ रही है कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के बगैर एक नई तृणमूल कांग्रेस जन्म ले सकती है. नाम कुछ मिलता जुलता या 'असली' के नाम पर तृणमूल कांग्रेस ही हो सकता है. कुछ घंटे पहले ही तृणमूल के दो विधायकों (ऋतब्रत बंदोपाध्याय और संदीपन साहा) को हस्ताक्षर विवाद को लेकर पार्टी के खिलाफ आवाज उठाने के लिए निकाल दिया गया. इसके बाद बगावत के सुर तेज हो गए.
2022 की तरह 2026 में बंगाल में भी 'महाराष्ट्र मॉडल' दोहराया जाएगा !
अब यह सवाल पूछा जाने लगा है कि क्या बंगाल में भी 'महाराष्ट्र मॉडल' दोहराया जाएगा? क्या तृणमूल में भी वैसी ही फूट पड़ेगी, जैसी 2022 में शिवसेना में पड़ी थी? दो विधायकों को निकाले जाने के बाद इस बात की संभावना और भी बढ़ गई है. अटकलें लगाई जा रही हैं कि करीब 50 विधायक तृणमूल से अलग हो सकते हैं. यह भी कहा जा रहा है कि कुछ सांसद इस बारे में बातचीत शुरू कर चुके हैं.
ममता बनर्जी के घर पर ज्यादातर विधायकों के न पहुंचने की वजह बताने की तमाम कोशिशें की गईं, लेकिन नाराजगी खुलकर सामने आ गई. कुछ विधायक खुलकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ बोलने लगे हैं. अब कुछ को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बाहर निकाला जा रहा है. ऐसे में स्थिति और बिगड़ सकती है.
पार्टी के कुछ नेता 'गद्दार' जैसा बर्ताव कर रहे हैं
ममता बनर्जी ने इस स्थिति के लिए अपनी ही पार्टी के भीतर के एक गुट और भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा डरा-धमकाकर, पैसों का लालच देकर तृणमूल के विधायकों और सांसदों को अपनी तरफ खींचने की कोशिश कर रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है और उनकी पार्टी के कुछ नेता 'गद्दार' जैसा बर्ताव कर रहे हैं.
ममता बनर्जी ने एक फेसबुक लाइव वीडियो में कहा, 'चार विधायक मेरे पास शिकायत लेकर आए थे. पुलिस उन्हें डरा-धमका रही थी. उनसे कहा गया कि अगर वे मीटिंग में शामिल हुए, तो आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया जाएगा. यह किस तरह का लोकतंत्र है? इस राज्य में जुल्म की सारी हदें पार हो चुकी हैं.' शनिवार को कालीघाट में हुई मीटिंग से तृणमूल के 80 विधायकों में से कम से कम 60 विधायक नदारद रहे थे. कहा यह भी जा रहा है कि तृणमूल के कुछ विधायक दक्षिण कोलकाता के एक होटल में मिले थे.


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