G NEWS 24 : मैदानों में झुग्गियां और सड़कों पर बाजार, जिम्मेदार कौन !

पूछता है ग्वालियर...

मैदानों में झुग्गियां और सड़कों पर बाजार, जिम्मेदार कौन !


ग्वालियर शहर के नागरिकों की ओर से जिला प्रशासन, नगर निगम और संबंधित विभागों से एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों जैसे ट्रांसपोर्ट नगर, मेला ग्राउंड और फूलबाग मैदान के आसपास लंबे समय से पॉलिथीन और अस्थायी झुग्गियों में निवास कर रहे लोगों की स्थिति को लेकर आमजन के मन में अनेक सवाल उठ रहे हैं। नागरिक जानना चाहते हैं कि ये लोग कौन हैं, कहां से आए हैं और किस आधार पर सार्वजनिक मैदानों तथा सरकारी भूमि पर लंबे समय से निवास कर रहे हैं। यदि ये लोग वास्तव में विस्थापित, गरीब या जरूरतमंद हैं तो उनके पुनर्वास के लिए क्या योजना बनाई गई है? वहीं यदि यह भूमि अतिक्रमण की श्रेणी में आती है, तो फिर प्रशासन द्वारा इस पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?

इसी प्रकार शहर की कई व्यस्त सड़कों और सार्वजनिक मार्गों पर अस्थायी ड्राई फ्रूट एवं अन्य बाजार संचालित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह ड्राई फ्रूट मार्केट गोपाचल के प्रवेश द्वार के ठीक सामने लगता है जिससे इस रोड का उपयोग आवागमन के लिए नहीं हो पता है, जब इन्हें यहां से हटा दिया जाता है तो ये लोग मार्कण्डेश्वर महादेव मंदिर के बगल से मुख्य सड़क पर अपनी दुकानें सजाकर बैठ जाते हैं, प्रशासन एवं नगर निगम को बोध होना चाहिए की यहां एलिवेटेड रोड का कार्य चल रहा इसलिए सड़क पर चलने के लिए पहले ही जगह नहीं है ऊपर से इनके द्वारा अतिक्रमण कर सड़क घेरकर के दुकानदारी की जा रही है, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।

जनता का कहना है कि कानून और नियम सभी नागरिकों के लिए समान होने चाहिए। यदि किसी आम व्यक्ति द्वारा सड़क या सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया जाता है तो उसके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई होती है, लेकिन बड़े पैमाने पर हो रहे ऐसे अतिक्रमणों पर प्रशासन की चुप्पी कई प्रश्न खड़े करती है। हालांकि यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि किसी भी व्यक्ति या समुदाय के प्रति पूर्वाग्रह या भेदभाव के बजाय समस्या का समाधान कानून, मानवीय दृष्टिकोण और पुनर्वास की उचित व्यवस्था के साथ किया जाना चाहिए। प्रशासन का दायित्व है कि वह सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को सुनिश्चित करे, साथ ही जरूरतमंद परिवारों के पुनर्वास की दिशा में भी ठोस कदम उठाए।

ग्वालियर की जनता प्रशासन से स्पष्ट जवाब चाहती है—इन अस्थायी बस्तियों और सड़कों पर संचालित बाजारों की वैधानिक स्थिति क्या है, इनके संबंध में क्या नीति है, और शहर को अतिक्रमण मुक्त एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए आगे क्या कार्ययोजना तैयार की गई है?

Reactions

Post a Comment

0 Comments