दिल्ली में फिर चलेगा पीला पंजा,कोर्ट ने खारिज की याचिकाएं !
यमुना किनारे बसे परिवारों पर बेघर होने का खतरा,लोगों का यहां रहना असुरक्षित है: दिल्ली प्रशासन
दिल्ली के यमुना बाजार इलाके में रहने वाले सैकड़ों परिवारों पर फिर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है. प्रशासन ने वहां के लोगों को जगह खाली करने का नोटिस थमा दिया है. कोर्ट की तरफ से जिला प्रशासन को कार्रवाई की पूरी छूट मिलने के बाद अब यहां किसी भी समय बुलडोजर चलने की आशंका है.प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान यमुना का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ का खतरा होने के कारण यह इलाका लोगों के लिए सुरक्षित नहीं है.
इससे पहले जब प्रशासन ने इलाके को खाली कराने का नोटिस जारी किया था, तब यहां के लोगों ने इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था. हालांकि, कोर्ट ने अपने ताजा और अंतिम आदेश में लोगों की सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है. अदालत के इस फैसले के बाद प्रशासन के लिए कार्रवाई का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.
प्रशासन का कहना है कि मानसून और बारिश के समय में यमुना का जलस्तर बढ़ने से इस पूरे इलाके में बाढ़ आ जाती है, जिससे यहां रहना असुरक्षित है. अधिकारियों के अनुसार, डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट की धारा 34 के तहत की जा रही है. ये कार्रवाई पूरी तरह वैध है. लोगों की सुरक्षा को देखते हुए ही इस खतरनाक क्षेत्र को खाली कराया जा रहा है.
यहां के लोगों का दर्द बाहर आया. उनका कहना है कि वे यहीं पैदा हुए और यहीं पले-बढ़े हैं. हमें विकास के काम से कोई परेशानी नहीं है, सरकार जो चाहे करे, लेकिन हमें यहीं कहीं छोटी सी जगह दे दे. रही बात बाढ़ की, तो हमें इसकी आदत हो चुकी है. जब पानी आता है, तो हम कुछ दिन के लिए बाहर चले जाते हैं और पानी उतरते ही वापस आ जाते हैं. अब हमारे पास कोई और रास्ता नहीं बचा है, इसलिए मजबूरी में सामान बांध रहे हैं.
मकानों के साथ-साथ यमुना नदी में नाव चलाकर अपना पेट पालने वाले नाविकों के सामने भी रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. नाविकों ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि नाव चलाना ही उनका एकमात्र काम है और वे अपनी नावें लेकर किसी दूसरे इलाके में नहीं जा सकते. उन्होंने मांग की है कि उनके रोजगार को देखते हुए उन्हें इसी क्षेत्र में रहने की अनुमति दी जाए.


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