G News 24 : वैध किसानों की जमीन पर फर्जी नामों पर चढ़ाने का खेल बेनकाब,पटवारी निलंबित,FIR के आदेश !

 वैध न्यायालयीन आदेश के राजस्व अभिलेखों में अवैध और अनधिकृत प्रविष्टियां कर दी गई थीं दर्ज ...

वैध किसानों की जमीन पर फर्जी नामों पर चढ़ाने का खेल बेनकाब,पटवारी निलंबित,FIR  के आदेश !

श्योपुर। कराहल क्षेत्र में राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेरफेर कर वैध किसानों के नाम हटाकर अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज करने के गंभीर मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। तत्कालीन पटवारी हल्का नंबर-10 गोठरा एवं वर्तमान में तहसील कार्यालय से संबद्ध चन्द्रकांत सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले में पुलिस प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के लिए नायब तहसीलदार गोरस को निर्देश जारी किए गए हैं।

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कराहल बीएस श्रीवास्तव द्वारा पारित आदेश के अनुसार ग्राम गोठरा के कई सर्वे नंबरों में बिना किसी वैध न्यायालयीन आदेश के राजस्व अभिलेखों में अवैध और अनधिकृत प्रविष्टियां दर्ज कर दी गई थीं। जांच में सामने आया कि वर्ष 2024-25 तक जिन भूमियों पर आदिवासी एवं पटेलिया समुदाय के वैध कृषकों के नाम दर्ज थे, वहां उनकी प्रविष्टियां हटाकर अन्य व्यक्तियों के नाम चढ़ा दिए गए।

जांच में खुला बड़ा राजस्व घोटाले का राज

जांच रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी से मार्च 2026 के बीच पटवारी की आईडी का उपयोग कर कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज अपलोड किए गए और भूमि स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड में बदलाव कर दिया गया। इतना ही नहीं, “अहस्तांतरणीय विक्रय से वर्जित” भूमि की प्रकृति भी बदलकर “भूमिस्वामी” दर्ज कर दी गई। शिकायत मिलने के बाद गठित जांच दल ने मामले की पड़ताल की। जांच के दौरान पाया गया कि शिकायत सामने आने के बाद कुछ सर्वे नंबरों में प्रविष्टियां वापस पूर्व स्थिति में कर दी गईं, लेकिन कई रिकॉर्ड में अब भी विवादित नाम दर्ज पाए गए। 

प्रशासन सख्त

एसडीएम कराहल ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला सुनियोजित तरीके से राजस्व अभिलेखों में छेड़छाड़ कर वैध किसानों के अधिकारों को प्रभावित करने का प्रतीत होता है। इसे गंभीर अपराध मानते हुए संबंधित पटवारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई 

प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़, फर्जी प्रविष्टियां दर्ज करने और किसानों की भूमि संबंधी जानकारी में बदलाव करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

विवादित सर्वे नंबरों की विस्तृत सूची

क्रमांक सर्वे नंबर

  • 1 736/6
  • 2 736/7
  • 3 736/10
  • 4 736/12
  • 5 736/13
  • 6 736/14
  • 7 736/15

इन भूमियों पर वर्ष 2024-25 के राजस्व अभिलेखों में निम्न  वैध कृषकों के नाम:

  1. सुरही बाई बेवा मकना
  2. नाथू पुत्र मकना
  3. बलवंत पुत्र मकना
  4. काचूड़ी पुत्री मकना
  5. गंगा पुत्री मकना
  6. जमुना पुत्री मकना
  7. नवल पुत्र नागजी
  8. दितली बेवा नागजी
  9. करण पुत्र नागजी
  10. जबरसिंह पुत्र नागजी
  11. परवीन पुत्र रायसिंह
  12. विक्रम पुत्र रायसिंह
  13. महेश पुत्र रायसिंह
  14. बसूड़ी बेवा जयसिंह

इनकी भूमि की प्रकृति “भूमिस्वामी अहस्तांतरणीय, विक्रय से वर्जित” दर्ज थी।

जिन  कथित रूप से निम्न व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दिए गए...

  1. बलजीत सिंह पुत्र जोरावर सिंह
  2. जोरावर सिंह पुत्र रामसिंह
  3. परिमाल कौर पत्नी अमृत सिंह
  4. बलवीर कौर पत्नी जोरावर सिंह
  5. इन्द्रजीत सिंह पुत्र दयाल सिंह
  6. कुलदीप कौर पत्नी हरजिंदर सिंह
  7. जगजीत सिंह पुत्र इन्द्रजीत सिंह
  8. अमृतपाल सिंह पुत्र हरजीत सिंह

वर्तमान स्थिति...

जांच के दौरान चार सर्वे नंबरों में प्रविष्टियां पुनः पूर्ववत कर दी गईं, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार अभी भी कुछ रिकॉर्ड में निम्न नाम दर्ज पाए गए...

  1. जोरावर सिंह पुत्र रामसिंह
  2. कुलदीप कौर पत्नी हरजिंदर सिंह
  3. जगजीत सिंह पुत्र इन्द्रजीत सिंह
  4. अमृतपाल सिंह पुत्र हरजीत सिंह

गोठरा भूमि घोटाले में जांच का दायरा बढ़ा, 7 सर्वे नंबरों में फर्जी नामांतरण का आरोप। पटवारी निलंबित, FIR के आदेश जारी। अब सवाल यह है कि करोड़ों रुपये मूल्य की इन जमीनों में बदलाव किसके इशारे पर किया गया और लाभ किसे पहुंचाया जाना था?

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