G News 24 : मां ही घर की आत्मा होती है, मां ही बच्चे की पूरी दुनिया होती है,यह एहसास आपके चले जाने हुआ !

मां… मेरी पहली दुनिया,मेरा पहला संसार…

मां ही घर की आत्मा होती है, मां ही बच्चे की पूरी दुनिया होती है,यह एहसास आपके चले जाने हुआ !

आज मदर्स डे के अवसर पर जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूँ,तो एहसास होता है कि 21 वर्ष पहले तक मेरी पूरी दुनिया सिर्फ मेरी जीजी थीं…मैं अपनी मां को प्यार से “जीजी” कहकर बुलाता था। सितंबर 2004 में जब आप हमें छोड़कर गोलोक धाम चली गईं, उस दिन ऐसा लगा जैसे जीवन से छांव ही चली गई हो।आपके जाने के बाद समझ आया कि मां सिर्फ एक रिश्ता नहीं होती… मां ही घर की आत्मा होती है, मां ही बच्चे की पूरी दुनिया होती है।

आपके रहते कभी अकेलापन महसूस नहीं हुआ, लेकिन आपके जाने के बाद लोगों के बदलते चेहरे, रिश्तों की सच्चाई और दुनिया की कठोरता सब समझ में आने लगी। सच कहूँ जीजी… आपके जाने के बाद मैं भीतर से बिल्कुल अनाथ हो गया हूं ।

आज भी आपकी यादें ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी हैं। आपकी बातें, आपका स्नेह, आपका डांटना, आपका आंचल… सब कुछ आज भी मेरी सांसों में बसा हुआ है। मैं, आपकी बहू और आपकी पोती अक्सर साथ बैठकर आपको याद करते हैं। हर खुशी में आपकी कमी महसूस होती है, हर कठिन समय में आपका आशीर्वाद महसूस होता है। शायद यही आपका शुभ आशीष है कि हम आज सुखी हैं, निरोगी हैं और सम्मानपूर्वक अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

जीजी…

जहाँ भी हों, गोलोक में सुख, शांति और दिव्य आनंद में रहें।

बस इसी प्रकार अपना आशीर्वाद हम सब पर बनाए रखिए।

आपकी कमी कभी कोई पूरी नहीं कर सकता…

आपका बेटा - रवि

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