पीएम मोदी ने हाल ही में 24 घंटे में 2 बार तेल बचाने की अपील देशवासियों से की थी ...
पीएम मोदी की अपील का असर, गुजरात के मंत्री काफिले से हटाने लगे पुलिस पायलटिंग वाहन !
पीएम मोदी ने हाल ही में 24 घंटे में 2 बार तेल बचाने की अपील देशवासियों से की है. हैदराबाद और वडोदरा में पीएम मोदी ने पेट्रोलियम पदार्थों का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने की अपील की है. पीएम मोदी की मुहिम का कितना असर देखने को मिल रहा है, आइए बताते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में 24 घंटे में 2 बार तेल बचाने की अपील देशवासियों से की है. हैदराबाद और वडोदरा की रैलियों में पीएम मोदी ने पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का सावधानी से इस्तेमाल करने की अपील की है. पीएम मोदी की मुहिम का कितना असर देखने को मिल रहा है, आइए बताते हैं. इस बीच बीजेपी के कई मंत्रियों ने अहम फैसला लेते हुए अपना काफिल एकदम छोटा करने और उसमें भी पुलिस पायलटिंग का एक वाहन पूरी तरह हटाने का फैसला किया है.
इन मंत्रियों ने हटाई पेट्रोल कार
केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल के बाद अब मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया और मंत्री कांति अमृतिया भी पुलिस पायलटिंग वाहन का इस्तेमाल नहीं करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ईंधन की बचत और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील के बाद गुजरात के दिग्गज नेताओं ने ये अहम फैसला लिया है.
निर्णायक फैसला !
पीएम मोदी की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए इन नेताओं ने साफ किया है कि जब तक ईंधन की कीमतों और उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी, वे अतिरिक्त सुरक्षा या पायलट वाहनों के बिना यात्रा करेंगे. इस फैसले से न केवल ईंधन की भारी बचत होगी, बल्कि सरकारी खजाने पर पड़ने वाला बोझ भी कम होगा. 'ईंधन बचाओ, देश बचाओ' के संकल्प के साथ अब गुजरात के ये प्रमुख नेता बिना पायलट वाहन के सड़कों पर नजर आएंगे.
गुजरात यूनिवर्सिटी का बड़ा फैसला !
गुजरात यूनिवर्सिटी ने बड़ा फैसला लेते हुए अपने कर्मचारियों को ‘कार पूलिंग’ और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का उपयोग करने का आदेश जारी किया है. गुजरात यूनिवर्सिटी ने पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. प्रधानमंत्री मोदी की अपील को ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं.
सर्कुलर में कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां तक संभव हो, आस-पास रहने वाले सहकर्मियों के साथ एक ही वाहन में दफ्तर आएं. वाहनों के उपयोग को कम करने के लिए मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस (EV) और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का उपयोग करने का अनुरोध किया गया है. कार्यक्षमता बढ़ाने और आवाजाही कम करने के लिए यथासंभव ऑनलाइन काम करने पर जोर दिया गया है. पेट्रोल-डीजल की खपत कम कर ईंधन की बचत करना इसका मुख्य उद्देश्य है. कुलपति के आदेशानुसार यह परिपत्र यूनिवर्सिटी के सभी विभागों और भवनों के लिए तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. माना जा रहा है कि जल्द ही देश के 22 बीजेपी शाषित राज्यों में भी इसी तरह के तरीके अपनाए जा सकते हैं।


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