लोन के लिए किया था एप्लाई,वहां से लीक हुआ डेटा...
सॉफ्टवेयर इंजीनियर से 7 लाख रूपये की ठगी, 3 महीने बाद हुई FIR !
ग्वालियर। मुरार इलाके में रहने वाले एक सॉफ्टवेयर इजीनियर का साइबर ठगों ने अपनी मीठी बातों में फंसाकर 7 लाख रूपये से ज्यादा की चपत लगा दी है। ठगी ने स्वयं को बैंक कर्मचारी बताकर पहले विश्वास जीता और फिर अनचाहे लोनको बन्द कराने के नाम पर किस्तों में मोटी रकम वसूल ली। घटना 3 सितम्बर 2025 से 3 फरवरी 2026 के बीच त्यागीनगर मुरार की है। चौंकाने वाली बात यह है कि पीडि़त को पुलिस को मामला दर्ज कराने के लिये ही 3 माह तक चक्कर काटने पड़े। आखिर बुधवार का मुरार थाना पुलिस ने ठगी का मामला दर्ज किया है। अब पुलिस मामले की जांच में जुटी है। किन-किन अकाउंट में रूपये ट्रांसफर किये गये है।
लोन के लिए किया था एप्लाई, वहां से लीक हुआ डेटा
त्यागी नगर निवासी 32 वर्षीय विपिन कुमार सिंह बेंगलुरु की एक प्रतिष्ठित कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उनको अगस्त 2025 में रुपयों की जरूरत थी। उन्होंने एचडीएफसी बैंक में लोन के लिए आवेदन किया था। आवेदन के कुछ समय बाद ही उनके पास अज्ञात नंबरों से लोन दिलाने के कॉल आने शुरू हो गए। इसी दौरान ‘दिव्यांशु हंस’ नामक युवक का फोन आया, जिसने खुद को आईसीआईसीआई बैंक का कर्मचारी बताया।
‘ट्रैक माय लोन’ ऐप पर अपलोड कराए दस्तावेज
शुरुआत में विपिन ने लोन लेने से इनकार कर दिया, क्योंकि उनका काम एचडीएफसी से हो चुका था। लेकिन ठग दिव्यांशु ने भविष्य का वास्ता देकर विपिन को ‘Track My Loan’ नामक ऐप पर अपने दस्तावेज अपलोड करने को कहा। विपिन उसकी बातों में आ गए और पेपर अपलोड कर दिए। कुछ समय बाद उनके खाते में अचानक आईसीआईसीआई बैंक से ₹24.91 लाख का लोन क्रेडिट हो गया, जो उन्होंने मांगा ही नहीं था।
लोन बंद कराने के नाम पर ठगा
बिना मांगे लोन मिलने से विपिन घबरा गए। उन्होंने दिव्यांशु से संपर्क किया, जिसने बड़ी ही चतुराई से भरोसा दिलाया कि वह इस लोन को सिस्टम से क्लोज करा देगा। इसके लिए उसने ‘प्रोसेसिंग’ और ‘क्लोजर चार्ज’ के नाम पर किस्तों में रुपए मंगवाना शुरू किए। इसके बाद अलग-अलग समय में 7,09,691 रुपए ऐंठ लिए। इतनी बड़ी रकम जमा करने के बाद भी लोन बंद नहीं हुआ और ठग ने विपिन का नंबर ब्लॉक कर दिया।


0 Comments