ममता राज में मौज कर रहे घुसपैठियों की आई शामत !
घुसपैठियों को देश से निकालने शुभेंदु का 3D प्लान,खौफ में घुसपैठिये बॉर्डर की ओर भाग रहे हैं !
शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि बीजेपी सरकार बनते ही पश्चिम बंगाल से एक-एक घुसपैठिया बाहर कर दिया जाएगा. इसका सबूत मालदा और मुर्शिदाबाद के डिटेंशन सेंटर हैं. बंगाल सरकार के घुसपैठ रोकने के 3D प्लान के साथ, ममता बनर्जी की सरकार की विदाई के बाद क्या हालत है बांग्लादेशी घुसपैठियों की?
पश्चिम बंगाल से एक-एक बांग्लादेशी घुसपैठियों को निकालने के लिए प्रतिबद्ध शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार की कोशिशें रंग लाने लगी हैं. मालदा और मुर्शिदाबाद में बने डिटेंशन सेंटर काम करने लगे है. 26 जून को भी शुभेंदु अधिकारी ने घुसपैठियों को वार्निंग देते हुए कहा कि वो खुद से ही जल्दी-जल्दी पश्चिम बंगाल छोड़ दें. ग्राउंड ज़ीरो पर ज़ी न्यूज़ की टीम मौजूद है. डिटेंशन सेंटर बनने के बाद कई बांग्लादेशी खुद वापस लौटने लगे हैं. कुछ बांग्लादेशी घुसपैठियों ने कहा, 'सरकार बदल गई है, अब वैसे भी यहां रह कर क्या करेंगे.'
घुसपैठियों की हालत खराब
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी तक लगातार कह रहे हैं कि अवैध तरीके से भारत में बसे घुसपैठियों को वापस भेजने में किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठिये देश के संसाधनों का इस्तेमाल करेंगे तो भारत के नागरिकों को दिक्कत और कुछ न कुछ कमी जो जरूर होगी. अखिलेश यादव की सपा और ओवैसी की AIMIM का कहना है कि बीजेपी की सरकारें मुसलमानों को परेशान कर रही हैं.
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में बने होल्डिंग सेंटर से आई ग्राउंड रिपोर्ट
ज़ी न्यूज़ 24 की आंखों देखी यानी पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में बने होल्डिंग सेंटर से आई ग्राउंड रिपोर्ट के बारे में आपको बताएं तो मालदा जिले में बनी सफेद और नीले रंग की एक इमारत की चर्चा न सिर्फ बंगाल, बल्कि पूरे देश में हो रही है. इस डिटेंशन सेंटर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. यहां पर भारी तादाद में पुलिस बल तैनात किया गया है. इसके चारों ओर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है.
मालदा के इस होल्डिंग सेंटर में फिलहाल 9 संदिग्ध घुसपैठियों को रखा गया है. जिनमें 3 महिलाएं और 6 नाबालिग शामिल हैं. इन सभी को गाजोल के पांडुआ इलाके से हिरासत में लिया गया था. जांच एजेंसियों के मुताबिक, सभी संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक हैं. जिनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे.
मुर्शिदाबाद से ग्राउंड रिपोर्ट
मालदा के बाद बंगाल में दूसरा होल्डिंग सेंटर मुर्शिदाबाद में बना है. यहां तीन बांग्लादेशी घुसपैठियों को रखा गया है. ये तीनों मुर्शिदाबाद में बॉर्डर के रास्ते अवैध तरीके से दाखिल हुए थे. अब जबकि घुसपैठियों पर प्रहार हो रहा है तो सवाल ये भी उठ रहे हैं कि क्या ममता सरकार में इन बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण मिला था. क्या SIR प्रकिया के बाद इनके नाम वोटर लिस्ट से कट गए. जिसके बाद इनके लिए बंगाल छोड़ने के सिवा और कोई चारा नहीं बचा था.
घुसपैठियों को निकालने का '3D' फॉर्मूला
बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं को पश्चिम बंगाल से बाहर निकालने के लिए शुभेंदु अधिकारी ने '3D' फॉर्मूला लागू किया है. इस प्लान के तहत 'Detect' यानी पहचान करना. 'Delete' यानी सरकारी रिकॉर्ड से नाम हटाना और 'Deport' यानी देश से बाहर निकालना की नीति अपनाई जा रही है.
पश्चिम बंगाल से बांग्लादेशी घुसपैठियों को सीएम शुभेंदु अधिकारी की दो टूक चेतावनी
शपथ ग्रहण होते ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सरकार द्वारा बांग्लादेश से होने वाली अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए अब एक्शन प्लान पर काम किया जा रहा है. इस कड़ी में सीएम शुभेंदु अधिकारी ने घुसपैठियों को लास्ट वार्निंग दी है. बंगाल की धरती को बांग्लादेशी घुसपैठियों से मुक्त कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध अधिकारी ने राज्य में अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों को दो टूक चेतावनी देते हुए आखिरी वार्निंग दी है.
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा, है कि 'ये सब बांग्लादेशी हैं. उनकी सरकार को अपने लोगों को ले लेना चाहिए. एक बात हमने बड़ी साफ पुलिस को बता दी है कि इन लोगों को जेल में भेजने की जरूरत नहीं है. देश के रुपया में खाना खाएगा. इन लोगों को कपड़ा देगा, मेडिसिन क्यों देगा, क्या दामाद हैं ये लोग? मेरा इनसे कहना है जल्दी-जल्दी भागो, वरना जो सरकार को करना है करेगा. हमने पहले ही कहा था कि हमारी सरकार बांग्लादेशी घुसपैठियों को हर हाल में यहां से भगाएगी.'
बंगाल समेत देश के कई राज्यों में जहां-जहां अवैध घुसपैठियों के चलते भारत के मूल निवासियों के संसाधनों पर डाका पड़ा है. भारत के लोगों को मिलने वाली सुविधाओं पर बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठिए मौज उड़ा रहे हैं.
इस कल्चर को रोकने के लिए केंद्र की मोदी सरकार से लेकर असम, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, यूपी, उत्तराखंड समेत कई राज्यों की बीजेपी सरकारें एक्शन मोड में काम कर रही हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश में घुसपैठ को रोकने के लिए और डेमोग्राफी चेंज पर हाई लेवल कमेटी का गठन किया है. जिसकी सिफारिशों पर अमल करने के बाद देशभर में घुसपैठ का कोढ़ एक न एक दिन जरूर खत्म होगा.


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