G News24: होर्मुज में भारतीय जहाजों पर फायरिंग को लेकर बोले ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि !

 'भारत और ईरान के रिश्ते 5000 साल पुराने',...

 होर्मुज में भारतीय जहाजों पर फायरिंग को लेकर बोले ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि !

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास भारतीय टैंकरों को निशाना बनाया गया है. इस मुद्दे पर भारत ने विरोध जाहिर की है. इस बीच डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही बयान दिया है.भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही से होर्मुज स्ट्रेट के पास दो भारतीय झंडे वाले तेल टैंकरों पर हुए हमले के बारे में पूछा गया. इस पर उन्होंने कहा कि इस तरह की किसी घटना की जानकारी नहीं है. हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि भारत और ईरान के रिश्ते बहुत मजबूत हैं और उन्हें उम्मीद है कि अगर कोई समस्या है तो उसे बातचीत से सुलझा लिया जाएगा.

इलाही ने कहा कि ईरान और भारत के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ता रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, बल्कि शांति चाहता है. उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच हुई बातचीत को सफल बताया और कहा कि दोनों देशों के नेताओं के बीच अच्छी समझ है. उन्होंने यह भी बताया कि भारत और ईरान के रिश्ते हजारों साल पुराने हैं और दोनों देशों के बीच संस्कृति, शिक्षा और सभ्यता का गहरा जुड़ाव रहा है.

होर्मुज में ईरान की फायरिंग पर होने पर भारतीय जहाज ने SOS भेजा था ...

होर्मुज खुला या बंद... इसको लेकर ईरान और अमेरिका ने जबर्दस्त कन्फ्यूजन बनाकर रखा है. एक दिन खुलने की खबर आती है, कुछ देर बाद बंद होने की. अब तक भारतीय जहाज बड़े आराम से आ रहे थे, अचानक ईरान की तरफ से फायरिंग कर दी गई. फौरन भारत ने ईरानी राजदूत को बुलाकर कहा है कि हमारा मैसेज वहां तक पहुंचा दें. 

होर्मुज के इलाके में तिरंगे झंडे वाले दो जहाजों पर अचानक फायरिंग के बाद क्या हुआ? इसके बारे में एक ऑडियो मैसेज से पूरी बात पता चला है. एक भारतीय शिप से फौरन भेजे गए आपातकालीन संदेश (SOS) में उस पल की जानकारी रिकॉर्ड हुई. अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शिप के चालक दल के एक सदस्य ने मैसेज भेजा, 'आपने (ईरानी सेना) तो हमें आगे बढ़ने की परमिशन दे रखी है ना... अब आप गोलबारी कर रहे हैं.' इसके बाद शिप को वापस मोड़ लिया गया. अच्छी बात यह है कि दोनों में से किसी भी जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा और न ही कोई घायल हुआ है. भारत ने फौरन ईरानी राजदूत को तलब कर अपनी चिंता जताई. 

भारतीय जहाज से यह ऑडियो मैसेज भेजा गया था, 'सीपा नेवी, सीपा नेवी (Sepah Navy ईरान की नौसेना की यूनिट). यह मोटर वेसेल सनमार हेराल्ड है. आपने हमें आगे बढ़ने के लिए क्लियरेंस दिया है. हमारा नाम आपकी लिस्ट में है. आपने हमें जाने का क्लियरेंस दिया... अब आप फायरिंग क रहे हैं. हमें वापस होने दीजिए.' यह ऑडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल है. 

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बनाया गया निशाना

ओमान के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के करीब दो भारतीय झंडे वाले तेल टैंकरों पर गोलीबारी हुई. इन टैंकरों के नाम जग अर्नव और सनमार हेराल्ड बताए गए हैं, जो इराक का तेल लेकर जा रहे थे. मौजूदा वक्त में पश्चिम एशिया में युद्ध जारी है, जिससे तेल की सप्लाई और कीमतों को लेकर पहले से ही चिंता थी. बताया गया कि दोनों जहाजों पर गोली चलाई गई. इस घटना के बाद भारत ने सख्त प्रतिक्रिया दी. विदेश मंत्रालय ने भारत में ईरान के राजदूत को बुलाकर इस मामले पर औपचारिक विरोध दर्ज कराया. ईरानी राजदूत डॉ. मोहम्मद फ़तहली को विदेश मंत्रालय में अधिकारियों से बातचीत के लिए बुलाया गया.

विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान

MEA ने बयान में कहा कि उन्होंने व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को भारत द्वारा दिए जाने वाले महत्व को रेखांकित किया और याद दिलाया कि ईरान ने पहले भी भारत आने वाले कई जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया था. व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की इस गंभीर घटना पर अपनी चिंता दोहराते हुए, विदेश सचिव ने राजदूत से आग्रह किया कि वे ईरान के अधिकारियों को भारत का नजरिया बताएं और होर्मुज से भारत आने वाले जहाजों को सुगम बनाने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द फिर से शुरू करें. विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरानी राजदूत ने इन विचारों को ईरानी अधिकारियों तक पहुंचाने का वचन दिया है. 


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