G News 24 : नंबर प्लेट की जगह ‘रुतबा’ क्या कानून से ऊपर हैं लग्जरी वाहन स्वामी !

 बिना नंबर दौड़ती लग्जरी गाड़ियां,आम आदमी की सुरक्षा पर बड़ा सवाल और प्रशासन की चुप्पी ...

नंबर प्लेट की जगह ‘रुतबा’ क्या कानून से ऊपर हैं लग्जरी वाहन स्वामी !

सड़कों पर इन दिनों एक खतरनाक ट्रेंड खुलकर सामने आ रहा है,लग्जरी वाहनों पर नंबर प्लेट की जगह “विधायक”, “पार्षद”, “अध्यक्ष” जैसे पदनाम या रुतबे के प्रतीक चिन्ह। यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि कानून के प्रति खुली अवहेलना है। सवाल यह है कि जो पुलिस और ट्रैफिक वाले बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन चालक के पीछे उसका चालान करने के लिए ऐसे दौड़ लगाते हैं जैसे कि पता नहीं उसने हेलमेट न लगाकर कितना बड़ा क्राइम कर दिया है !  

लेकिन क्या ग्वालियर पुलिस और ट्रैफिक पुलिस को बिना नंबर के दौड़ते थार स्कॉर्पियो जैसी लग्जरी गाड़ियां दिखाई नहीं देती, या फिर देखकर भी जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है? आखिर ऐसा क्यों ! सारे नियम कायदे केवल दो पहिया वाहन चालकों के लिए और फोर व्हीलर के लिए सारे नियम कायदे ताक पर रख दिए जाते हैं ! 

जबकि मोटर व्हीकल एक्ट साफ कहता है कि हर वाहन पर निर्धारित स्थान पर स्पष्ट और मानक नंबर प्लेट होना अनिवार्य है। इसके बावजूद, शहर में बेखौफ घूमते ऐसे वाहन इस बात की गवाही देते हैं कि या तो कानून का पालन कराने वाली एजेंसियां निष्क्रिय हैं या फिर प्रभावशाली लोगों के दबाव में हैं।

यह केवल नियमों की बात नहीं है,यह सीधे-सीधे आम नागरिक की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। दो पहिया वाहन चालक या पैदल चलने वाला यात्री कितनी भी सुरक्षा के साथ चले अगर फोर व्हीलर वाला उसे पीछे से टक्कर मारेगा तो ऐसे में क्या वह बच पाएगा तो जवाब होगा, नहीं ! इसलिए दो पहिया वाहन चालकों से हेलमेट के नाम पर वसूली करने की  बजाय पुलिस को बिना नंबर वाले लग्जरी चार पहिया वालों को ट्रैफिक रूल्स समझाना चाहिए

क्योंकि आए दिन जो इस प्रकार की दुर्घटनाएं हो रही है ज्यादातर में लग्जरी फोर व्हीलर वालों की ही लापरवाही सामने आ रही है। महंगी गाड़ी और ऊपर से बगैर नंबर की,ऐसे में इस वाहन चालक की मनोस्थिति को आप समझ सकते हैं कि वह उस गाड़ी में बैठकर अपने आप को क्या समझना होगा !  जब किसी वाहन पर नंबर नहीं होगा, तो दुर्घटना के बाद उसकी पहचान कैसे होगी? आए दिन हिट एंड रन के मामले सामने आते हैं, जहां पीड़ित या उसके परिवार को न्याय तक नहीं मिल पाता क्योंकि आरोपी वाहन की पहचान ही नहीं हो पाती।

और विडंबना देखिए,जो वाहन चालक नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं, वही दुर्घटना के बाद बीमा कंपनियों से क्लेम लेकर अपनी क्षति की भरपाई भी कर लेते हैं। लेकिन जिस निर्दोष व्यक्ति को टक्कर लगती है, उसकी जिंदगी या तो बर्बाद हो जाती है या खत्म। उसके परिवार के दर्द और संघर्ष की जिम्मेदारी कौन लेगा?

यह स्थिति केवल लापरवाही नहीं, बल्कि एक खतरनाक संकेत है,कानून का भय खत्म हो रहा है। जब सड़क पर चलने वाले कुछ लोग खुद को नियमों से ऊपर समझने लगते हैं, तो यह व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन जाता है।इसके अलावा दुर्घटना का दूसरा कारण है बगैर नंबर के चल रहे डंपर, ट्रैक्टर ट्रॉली भी दुर्घटनाओं का बहुत बड़ा कारण बनते हैं। इन पर भी सख्त कार्रवाई होना चाहिए।

अब समय आ गया है कि पुलिस, ट्रैफिक पुलिस,न्यायालय इस मुद्दे पर तत्काल और कठोर कार्रवाई करें...

  1. बिना नंबर प्लेट या गलत स्थान पर नंबर लिखे वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।
  2. ऐसे वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस पर सख्त रिमार्क दर्ज किए जाएं।
  3. बार-बार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई भी की जाए।

यह कोई अनुरोध नहीं, बल्कि एक चेतावनी है,अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह अराजकता और बढ़ेगी और आम नागरिक की जान की कीमत और सस्ती हो जाएगी।

कानून का राज तभी स्थापित होगा, जब ‘रुतबे’ नहीं, ‘नियम’ सड़कों पर नजर आएंगे ।

@दिव्या सिंह



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