जिला प्रशासन ने व्यापक और सख्त व्यवस्थाएं लागू कर दी हैं...
अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकथाम के लिए प्रशासन सख्त,24×7 हो रही है निगरानी !
ग्वालियर। अक्षय तृतीया (19/20 अप्रैल 2026) के अवसर पर संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक और सख्त व्यवस्थाएं लागू कर दी हैं। प्रशासन का उद्देश्य बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर पूर्ण रूप से रोक लगाना और समाज में जागरूकता बढ़ाना है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश अनुसार बाल विवाह रोकने के लिए जिले में 24×7 कंट्रोल रूम (0751-2990969) स्थापित किया गया है, जो लगातार निगरानी करेगा। सभी संबंधित विभागों और परियोजना अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने और किसी भी संदिग्ध मामले में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा बाल विवाह रोकने के लिए विशेष उड़नदस्ता (निगरानी दल) का गठन किया गया है, जो संदिग्ध मामलों पर तुरंत कार्रवाई करेगा। साथ ही धार्मिक स्थलों, विवाह स्थलों और सामुदायिक स्थानों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास श्रीमती उपासना राय ने बताया हे कि बाल विवाह रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए स्कूलों, पंचायतों और सामुदायिक स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बैंड, हलवाई, टेंट हाउस और प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को भी बाल विवाह रोकथाम के लिए जागरूक कर सहयोग लिया जा रहा है।
पर्यवेक्षकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ऐसे परिवारों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां बाल विवाह की संभावना हो। इसके साथ ही स्कूल छोड़ चुके बच्चों (ड्रॉपआउट) की सूची तैयार कर उनकी विशेष निगरानी की जा रही है। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना तुरंत प्रशासन या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें।


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