लगातार नमी और वर्षा की वजह से कई क्षेत्रों में अभी भी गेहूं की कटी हुई फसल खेतों पड़ी हुई है...
ग्वालियर में तेज आंधी और झमा-झम वर्षा के साथ हुई ओलावृष्टि, दो घंटे के बीच 2 बार हुई ओलावृष्टि !
ग्वालियर। मौसम ने एक बार फिर से अचानक से करवट ली है। अप्रेल के महीने में मानसून जैसी झमा-झम वर्षा के जबर्दस्त ओलावृष्टि शनिवार की शाम लगभग 4.05 से 6 बजे के बीच देखने को ग्वालियर में देखने को मिली। यहां दो घंटे के बीच 2 बार ओले गिरे। ओलावृष्टि के साथ ही तेज वर्षात भी हुई है। मौसम विभाग ने पहले ही तेज वर्षा और आंधी के साथ ओले गिरने की संभावना जताई थी।
शहर में जम्मू कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को हल्की बूंदाबांदी के साथ दिनभर बादल छाये रहे। जिससे गर्मी से राहत मिल। अधिकतम तापमान गिरकर 36.2 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गयाहै। जबकि शनिवार को न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री सैल्सियस रहा है। मौसम विभाग ने 4 अप्रैल के लिये येलो अलर्ट जारी किया था। मौसम विभाग के अनुसार 7 अप्रैल मंगलवार तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। हालांकि, बदला हुआ मौसम किसानों के लिये चिंता बढ़ा रहा है। लगातार नमी और वर्षा की वजह से गेहूं की कटी हुई खेतों पड़ी है।
बीते दिनों तेज धूप और गर्मी से लोग परेशान थे। घर से निकलते समय लोग चेहरा और शरीर ढंककर निकल रहे थे और धूप से बचने के लिए छांव तलाश रहे थे। हालांकि, रात में हुई हल्की बारिश और तेज हवाओं ने मौसम को सुहाना बना दिया और लोगों को राहत मिली। खेतों में खड़ी गेहूं की बालियां भीगने से दाने काले पड़ने लगे हैं और उनकी चमक फीकी हो रही है। इससे बाजार में कीमतों पर असर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम ऐसा ही बना रहा, तो फसल को और नुकसान हो सकता है। अगले 24 घंटों में भी तेज बारिश, आंधी और बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है।
ओलावृष्टि पर प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को दिए निगरानी के निर्देश...
ग्वालियर क्षेत्र हुई बारिश और ओलावृष्टि को लेकर प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दूरभाष पर चर्चा कलेक्टर रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय एवं जिला पंचायत सीईओ सोजान सिंह रावत से बात करते हुए निर्देश दिए कि सभी संबंधित अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी करें और जहां आवश्यकता हो, वहां तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट कहा कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जल्द से जल्द आकलन किया जाए, ताकि प्रभावित नागरिकों को समय पर राहत प्रदान की जा सके। साथ ही उन्होंने शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने पर तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए,
डीएम ने ग्वालियर शहर में हुई ओलावृष्टि पर क्षेत्र में सतत संपर्क बनाए रखने के दिए निर्देश...
ग्वालियर शहरी क्षेत्र में 4 अप्रैल की शाम ओलावृष्टि हुई है। ग्वालियर जिले में ओलावृष्टि की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार केवल शहरी क्षेत्र में ही ओले गिरे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में ओलावृष्टि की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने शहरी क्षेत्र में ओलावृष्टि को देखते हुए जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सतत निगरानी रखें। कहीं पर भी ओलावृष्टि की जानकारी मिलती है तो तत्काल मौके पर जाकर स्थिति का प्रारंभिक आंकलन करें।
मौसम की स्थिति को देखते हुए सभी राजस्व अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में निरंतर संपर्क बनाए रखें। कहीं पर भी ओलावृष्टि की सूचना मिलती है तो तत्परता से राजस्व अधिकारी मौका मुआयना कर प्रारंभिक आंकलन करें। इसके साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को भी तत्परता से सूचित करें। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ओलावृष्टि ग्वालियर शहर में ही हुई है। ग्रामीण क्षेत्र में ओलावृष्टि की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।


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