भारत में इस समय 31.87 लाख से ज्यादा ऐसे EPF खाते हैं जो अब चालू नहीं हैं...
₹10900 करोड़ का कोई वारिस नहीं! PF खातों में पड़ा है लावारिस पैसा,कहीं ये पैसा आपका तो नहीं !
भारत में इस समय 31.87 लाख से ज्यादा ऐसे EPF खाते हैं जो अब चालू नहीं हैं और उनमें करीब 10,915 करोड़ रुपये जमा हैं. इसके लिए एक 'ऑटो-रिफंड' पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है. अपने करियर में लोग कई बार बेहतर मौके और अच्छी सैलरी की तलाश में नौकरी बदलते हैं, लेकिन क्या नई जॉब लगने के बाद आपने अपने पुराने PF खातों का हिसाब नहीं रखा है? एक नई स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है कि बहुत से लोगों को अपने पुराने पीएफ अकाउंट्स की कोई खबर ही नहीं है. जबकि इन अकाउंट्स में बड़ी रकम है.
एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इस समय 31.87 लाख से ज्यादा ऐसे EPF खाते हैं जो अब चालू नहीं हैं और उनमें करीब 10,915 करोड़ रुपये जमा हैं. इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि चीजों को आसान बनाने के लिए सिस्टम होने के बावजूद पिछले कुछ सालों में यह संख्या तेजी से बढ़ी है.
एम्प्लॉईज प्रोविडेंट फंड (EPF) लंबे समय तक बचत का एक ऐसा तरीका है, जो रिटायरमेंट के बाद इंसान को फाइनेंशियली सिक्योर बनाता है. हालांकि, जब अकाउंट तीन साल तक इनएक्टिव रहते हैं, तो उन्हें इनऑपरेटिव (निष्क्रिय) मान लिया जाता है. एक स्टडी से पता चला है कि ऐसे अकाउंट की संख्या 2020 में 9.8 लाख से बढ़कर 2025 में लगभग 31.9 लाख हो गई है—यानी सिर्फ पांच सालों में तीन गुना बढ़ोतरी.
क्यों बढ़ रहे अनक्लेम्ड अकाउंट?...
- कई बार नौकरी बदलते वक्त लोग अपने पुराने पीएफ अकाउंट को नए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के साथ मर्ज नहीं करते हैं. इसके चलते पुराने खातों का कोई हिसाब नहीं रहता है.
- 2014 में UAN शुरू होने से पहले के लाखों खाते अभी भी लिंक नहीं हुए हैं. ऐसे में उन तक पहुंचना मुश्किल हो गया है.
- कई अकाउंट्स ऐसे भी है, जिनमें बैंक डिटेल, आधार या पैन अपडेटनहीं है. ऐसे में ऑनलाइन विदड्रॉल में मुश्किलें आती हैं.
- 1000 से कम बैलेंस वाले लगभग 7.11 लाख अकाउंट्स हैं. कई बार लोग छोटे-मोटे अमाउंट के लिए जटिल कागजी कार्रवाई से बचना बेहतर समझते हैं.
- नॉमिनी के अभाव में भी कई बार पैसा रूक जाता है.
समस्या के समाधान के लिए 'ऑटो-रिफंड' के नाम से एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है...
सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए 'ऑटो-रिफंड' के नाम से एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है. इसके तहत, जिन इनऑपरेटिव अकाउंट्स में 1000 या उससे कम बैलेंस होंगे, उनके लिए अलग से अप्लाई करने की जरूरत नहीं है. EPFO ऐसे खातों की पहचान कर आपका पैसा आपके बैंक अकाउंट में सीधे ट्रांसफर कर देगा. इससे बड़ी रकम के लिए आप UAN पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन क्लेम कर सकते हैं.
मान लीजिए कि आपके पास UAN नहीं है या ऑनलाइन क्लेम में कोई परेशानी आ रही है, तो आप फॉर्म 19/10C डाउनलोड कर उसे भरकर अपने पास के किसी EPFO ऑफिस में जमा करा सकते हैं.


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