GNews 24 : सलीम ने जिस जज़्बे और साहस से सच की एक चिंगारी भड़का दी है,वो एक दिन शोला जरूर बनेगी।

 कुरान पढ़कर उसे सच का पता चला,और जब वो सच उसने सबके सामने रखा तो हो गया हमला...

सलीम ने जिस जज़्बे और साहस से सच की एक चिंगारी भड़का दी है,वो एक दिन शोला जरूर बनेगी।

कोरोना काल में जब बहुत सारे लोग अपनी क्रिएटिविटी को साकार रूप देने में लगे थे उसी समय एक मुस्लिम सख्स ने अपने मजहब को करीब से समझने के लिए अपने मजहब की पवित्र किताब कुरआन का गहराई से अध्यन  किया। कुरान पढ़कर उसे  इस्लाम का सच पता चला।  उनमें से कुछ इस्लाम की विकृतियों से इतने आहत हुए कि उन्होंने इस्लाम ही छोड़ दिया और इस्लाम और मुहम्मद पर अपने सवालों को लेकर मौलवियों के पास गए लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिले। उनके जैसे अनेक लोग  जिन्हे उनके सवालों के जवाब नहीं मिल रहे थे इसका परिणाम ये हुआ कि उसके  जैसे कई युवाओं से इस्लाम छोड़ दिया। वे x-मुस्लिम बन गए।  वो न सिर्फ x-मुस्लिम बने बल्कि उन्होंने विभिन्न माध्यम से इस्लाम पर प्रश्न खड़े करने शुरू कर दिए। 

एक्स मुस्लिम सलीम और बाकी एक्स मुस्लिम में बुनियादी अंतर ये है कि बाकी एक्स मुस्लिम जहाँ मास्क लगाकर विडिओ बनाते हैं वहीँ सलीम ने अपनी जान की परवाह किये बगैर खुलकर इस्लाम और मुहम्मद के खिलाफ बोला और कभी चेहरा नहीं छुपाया।  उनके उस साहस का परिणाम हमारे सामने है उस पर उसी के घर में घुसकर जानलेबा हमला हुआ।  इसके बाद वह हॉस्पीटल में भर्ती है उसकी हालत बहुत गंभीर बनी हुई है। अभी जब में ये पोस्ट लिख रहा हूँ तो किसी फेसबुक पोस्ट के माध्यम से उनकी मृत्यु के भी समाचार आ रहे हैं। 

सवाल इससे आगे का है क्या एक सलीम को मार देने से इस्लाम जुड़ी बातें समाप्त हो जाएगी मुहम्मद के जीवन से जुड़ी सारी बातें क्या झुठलाई जा सकेंगी।  मुझे लगता है कि जिस तरह भगत सिंह को फाँसी देकर अंग्रेज स्वतंत्रता आंदोलन की नहीं रोक सके।  ठीक उसी तरह इस्लाम की  सच्चाई के खिलाफ शुरू की गई  ये एक्स मुस्लिमों की मुहीम रुकने वाली नहीं है।  

सलीम ने जिस जज़्बे और साहस से काम किया वो असाधारण है उन्होंने एक आग भड़का दी है जो निश्चित रूप से शोला बनेगी।  क्योंकि उन्होंने एक्स मुस्लिम का एक काफ़िला तैयार कर दिया है जो आगे बढ़ रहा है आप सभी से निवेदन ही कि आगे बढ़कर इन एक्स मुस्लिम को तन मन धन से सपोर्ट करें।

अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए कि उसने आपको भारत में पैदा किया !

हिंदुस्तानी मुसलमानों को आज दो रकात नफ़्ल पढ़कर अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए कि उसने आपको भारत में पैदा किया। शुक्रगुज़ार होना कमजोरी नहीं… ईमान की निशानी है।

जब दुनिया के कई हिस्सों में मुसलमान आपस में ही सियासी लड़ाइयों और जंग का शिकार हैं, तब हर भारतीय  मुस्लिम यहाँ अमन से रोज़ा रख रहे हैं, नमाज़ पढ़ रहे हैं, ज़कात दे रहे हैं।

  • मस्जिदें खुली हैं।
  • रोज़ा महफ़ूज़ है।
  •  इबादत पर कोई पहरा नहीं।

ये सब यूँ ही नहीं है...

  • ये इस मिट्टी की ताकत है। इस लोकतंत्र की ताकत है। इस बहुसंख्यक हिंदू क़ौम की सहनशीलता है।
  • हर वक़्त शिकायत करने से पहले एक बार सोचिए,आईने में स्वयं को देखिए।
  • जो देश आपको आसरा और दाना-पानी दे रहा है आपको आजादी दे रहा है,उसी को कोसना बंद कीजिए।
  • वतन ने आपको पहचान,अधिकार और सुरक्षा दी है। ये भारत आपके लिए उसे खुदा की सबसे बड़ी नेमत है। जिसे आप श्रद्धा से सजदा करते हैं।

इसलिए अल्लाह दुआ करिए कि भारत को युद्ध की इस खौफनाक  त्रासदी से बचाए रखें उसे सलामत रखे…और और यह भी मत भूलिए कि देश सलामत है तो सभी सलामत हैं। इसलिए देश और देश में रहने वाली सभी आवामों के प्रति सभी वफादार रहें। आपस में मिलकर रहें।

जाहिल और गवार अनपढ़ लोगों के बहकावे में आकर आपसी संबंध खराब ना करें। युद्ध कहीं हो रहा है,आप यहां मातम के नाम पर सड़कों पर उपद्रव मचाएं यह तो बिल्कुल उचित नहीं है। हालांकि अमेरिका ने जो किया वह ठीक नहीं किया लेकिन फिर भी या उनकी आपसी लड़ाई है आप इस पचड़े पड़कर आपसी मतभेद ना बडाएं।

अब आप ईरान को ही देख लीजिए जहां ईरान में खेमनोई के मारे जाने से पूरी दुनिया में उत्तर-पुथल मच गई है। कुछ लोग मातम मना रहे हैं तो वहीं ईरान में कुछ लोग खुशियां भी मना रहे हैं यह घटना आपको एक सबक देती है की हर एक का इस प्रकार की घटनाओं से कुछ ना कुछ आपसी इंटरेस्ट जुड़ा होता है।

इसलिए वे इस प्रकार का व्यवहार करते हैं। अत: भारत के लोग अपने विवेक का परिचय देते हुए एक दूसरे के प्रति सम्मान और आदर की भावना से व्यवहार करें । क्योंकि हमारा देश भी हमें यही सिखाता है। हमेशा याद रखिए कि  सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा... 

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