अमित शाह और नितिन नवीन से मिले सीएम मोहन,विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल ...
दिल्ली दरबार में 'MP के दिग्गजों' का जमावड़ा,होली से पहले मिलेगी बड़ी सौगात !
मध्य प्रदेश की सियासत का केंद्र आज पूरी तरह दिल्ली की ओर शिफ्ट हो गया। विधानसभा के बजट सत्र की समाप्ति के तुरंत बाद प्रदेश के दिग्गज नेतृत्व ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी और फिर कैबिनेट के दो कद्दावर मंत्रियों—कैलाश विजयवर्गीय एवं प्रहलाद पटेल—की केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकातों ने राज्य में बड़े बदलावों की सुगबुगाहट तेज कर दी है।
शाह से 'वन-टू-वन' संवाद: मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद
शनिवार सुबह की शुरुआत राजनीतिक गहमागहमी के साथ हुई, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात की। इसके बाद सिलसिला थमा नहीं; पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी गृहमंत्री से अलग-अलग मुलाकातें कीं।
इन मुलाकातों को संभावित 'मोदी मंत्रिमंडल' में होने वाले फेरबदल और उसके तुरंत बाद मध्य प्रदेश में होने वाले 'मंत्रिमंडल विस्तार' से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि प्रदेश के इन दिग्गज नेताओं ने दिल्ली दरबार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर आगामी प्रशासनिक और राजनीतिक फेरबदल का रोडमैप साझा किया है।
नितिन नवीन के साथ सांगठनिक महामंथन
गृहमंत्री से मुलाकातों के बाद असली सांगठनिक सक्रियता तब दिखी जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एक साथ भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पास पहुंचे। यह मुलाकात न केवल शिष्टाचार भेंट थी, बल्कि इसमें प्रदेश के लंबित पड़े महत्वपूर्ण सांगठनिक विषयों पर निर्णायक चर्चा हुई।
नियुक्तियों की लिस्ट फाइनल: सूत्रों की मानें तो प्रदेश के विभिन्न निगम-मंडल, बोर्ड और प्राधिकरणों में होने वाली राजनीतिक नियुक्तियों की सूची को इस बैठक में अंतिम रूप दे दिया गया है।
सत्ता-संगठन का तालमेल: अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मुख्यमंत्री की संयुक्त मौजूदगी ने यह साफ कर दिया है कि नियुक्तियों के लिए क्षेत्रीय संतुलन और कार्यकर्ताओं की निष्ठा को सर्वोपरि रखा गया है।
होली से पहले मिलेगी बड़ी सौगात !
दिल्ली में दिग्गजों की इस मौजूदगी और मुलाकातों के दौर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मध्य प्रदेश में अब सुशासन और संगठन को नई ऊर्जा देने का समय आ गया है। जहाँ एक ओर प्रशासनिक सर्जरी (कलेक्टर्स-एसपी के तबादले) की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर कार्यकर्ताओं को निगम-मंडलों के जरिए 'पावर' में लाने की प्रक्रिया भी अंतिम दौर में है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि होली के त्यौहार से पहले मध्य प्रदेश भाजपा के कार्यकर्ताओं को 'नियुक्तियों की गुलाल' के रूप में बड़ी सौगात मिल सकती है।










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