पीड़ित ने पुलिस पर FIR न दर्ज करने का लगाया आरोप...
ग्वालियर: पड़ोसियों ने महिला और उसके पति पर किया हमला !
भितरवार। ग्राम एराय में एक महिला और उसके पति पर पड़ोसियों द्वारा कथित तौर पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता श्रीमती रेखा जाटव ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने थाना आंतरी में रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने FIR लिखने से इनकार कर दिया और जांच के नाम पर पैसे की मांग की। एक महीने से न्याय की गुहार लगा रही महिला ने अब आईजी ग्वालियर और मुख्यमंत्री से अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना का विवरण देते हुए रेखा जाटव ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं। उनके पति कालीचरण जाटव भी मजदूरी का काम करते हैं। 11 फरवरी 2026 को सुबह उनके बच्चे ने घर के दरवाजे पर भैंस बांधी थी। इसी दौरान पड़ोसी उमाचरण जाटव ने भैंस को अपनी दीवार की तरफ न बांधने की बात कहकर विवाद शुरू कर दिया। बच्चे ने स्पष्ट रूप से कहा कि भैंस उनकी दीवार की तरफ नहीं बांधी जाएगी, लेकिन उमाचरण ने गाली-गलौज शुरू कर दी।
इसके बाद उमाचरण के भाई और अन्य रिश्तेदार राजू, करन, विक्की, अरुण, राहुल, लक्की और अजीत ने घर में घुसकर रेखा जाटव और उनके पति कालीचरण जाटव पर हमला कर दिया। दोनों को बुरी तरह पीटा गया। आस-पास के कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। हमले में दोनों को गंभीर चोटें आईं, लेकिन आरोपियों ने कोई रहम नहीं किया।
घटना के बाद रेखा जाटव और उनके पति थाना आंतरी पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। लेकिन थाना प्रभारी ने FIR लिखने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि जांच के लिए खर्चा दो, तब रिपोर्ट लिखी जाएगी। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस पैसे की मांग कर रही है और मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। इसके बाद रेखा जाटव ने एसडीओपी डबरा और एसपी ग्वालियर के पास जनसुनवाई में शिकायत की, लेकिन एक महीने बीत जाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। वे लगातार परेशान हैं और न्याय की उम्मीद में उच्च अधिकारियों तक पहुंच रही हैं।
रेखा जाटव ने आईजी ग्वालियर और मुख्यमंत्री से अपील की है कि अपराधियों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि थाना प्रभारी आंतरी ने न केवल रिपोर्ट लिखने से इनकार किया, बल्कि रुपए मांगकर भ्रष्टाचार का प्रयास किया। महिला ने बताया कि वह गरीब परिवार से हैं और ऐसे में न्याय मिलना उनके लिए बहुत जरूरी है, अन्यथा अपराधी बेखौफ होकर और हमले कर सकते हैं।
यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ोसी विवादों और पुलिस की उदासीनता को उजागर करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई न होने से अपराध बढ़ते हैं। पुलिस अधिकारियों से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं मिला है, लेकिन पीड़िता की गुहार पर उच्च स्तर से हस्तक्षेप की उम्मीद की जा रही है। मामले की जांच जारी है।










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