जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार का सच अब आएगा सबके सामने ?
48 साल बाद खुल रहा रहस्यमय खजाना, RBI की टीम भी पहुंची !
पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिर के रत्न भंडार का रहस्य खुलने वाला है. आखिरी गणना 45 साल पहले हुई थी. लंबे इंतजार के बाद बुधवार से गिनती प्रक्रिया शुरू हो रही है. शुभ समय दोपहर 12.09 बजे से 1.40 बजे के बीच का है. इसी समय आभूषणों की गणना शुरू की जाएगी. 1978 की सूची बताती है कि इस भंडार में 367 प्रकार के सोने के आभूषण मौजूद हैं. इसी तरह, 231 प्रकार के चांदी के आभूषण भी हैं. कुल मिलाकर 149 किलो 460 ग्राम सोना और 184 किलो चांदी यहां मौजूद है. हालांकि, इतने लंबे समय से कोई जानकारी न होने से रहस्य बना रहता है. खास बात यह है कि शायद पहली बार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की टीम गिनती के समय आई हुई है.
प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. इस दौरान श्रद्धालु केवल बाहरी काठ (बैरिकेड) से ही महाप्रभु के दर्शन कर सकेंगे. भीड़ कम रखने के लिए महाप्रसाद भी जल्दी बाहर लाया जाएगा. सुबह लगभग 9 से 10 बजे के बीच गणना दल मंदिर में प्रवेश करेगा. गणना के लिए आवश्यक सामान कड़ी सुरक्षा में रत्न भंडार में ले जाया जाएगा.
डीएम की निगरानी में रत्न भंडार की चाबी
मंदिर के बाहर अग्निशमन दल, ऑक्सीजन युक्त एंबुलेंस, स्नेक हेल्पलाइन और क्विक रिस्पॉन्स टीम तैनात रहेंगी. ट्रेजरी से जिलाधिकारी की निगरानी में चाबी लाकर रत्न भंडार खोला जाएगा. गणना पूरी होने के बाद फिर से जिलाधिकारी की उपस्थिति में भंडार को बंद कर चाबी वापस जिला ट्रेजरी में जमा की जाएगी.
कैसे होगी रत्न भंडार में गणना
निर्देशों के अनुसार पहले चलंत रत्न भंडार की गणना होगी, फिर बाहरी रत्न भंडार और आखिर में भीतरी रत्न भंडार की गणना की जाएगी. साल 1978 की सूची के आधार पर सभी आभूषणों और वस्तुओं का मिलान किया जाएगा. केवल वजन, संख्या और मिलान किया जाएगा, मूल्यांकन नहीं किया जाएगा.
सेवक, स्वर्णकार, RBI अधिकारी
निर्धारित लोग पारंपरिक वेशभूषा में इस प्रक्रिया में शामिल होंगे. भंडार में प्रवेश से पहले भगवान लोकनाथ को प्रणाम किया जाएगा. गणना के लिए सुपरवाइजिंग टीम और हैंडलिंग टीम बनाई गई है. पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और 3D मैपिंग भी की जाएगी. इसमें मंदिर सेवक, दो स्वर्णकार, दो जेमोलॉजिस्ट और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के एक अधिकारी भी शामिल रहेंगे. मुख्य प्रशासक डॉ. अरविंद पाढ़ी और हाई लेवल कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस विश्वनाथ रथ के नेतृत्व में पूरी प्रक्रिया संचालित होगी.
1978 में आखिरी बार भीतरी रत्न भंडार खोला गया था और आभूषणों का हिसाब लिया गया था. 2023 में हाईकोर्ट में दिए हलफनामे के अनुसार, भीतरी, बाहरी और चलंत रत्न भंडार में सभी कीमती आभूषण सुरक्षित हैं.
कहां कितना सोना, चांदी
- - बाहरी रत्न भंडार में 8175 भरी के 79 प्रकार के सोने के आभूषण और 4671 भरी के 39 प्रकार के चांदी के आभूषण रखे हैं. (एक भरी = 10 ग्राम से थोड़ा ज्यादा)
- - चलंत (चालू उपयोग वाले) भंडार में 299 भरी के 8 प्रकार के सोने के आभूषण और 2600 भरी के 23 प्रकार के चांदी के आभूषण
- - कुल मिलाकर 12,838 भरी के 454 प्रकार के सोने के आभूषण और 22,153 भरी के 293 प्रकार के चांदी के आभूषण मौजूद हैं.
गणना प्रक्रिया के लिए श्रीमंदिर के बनिया, सरकारी बैंक के बनिया, रत्न विशेषज्ञ (जेमोलॉजिस्ट) और आरबीआई के अधिकारी शामिल रहेंगे. इसके अलावा माइन्स एंड जियोलॉजी विभाग के 3 अधिकारी और वजन एवं माप विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे.


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