G News 24 : दुनिया में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ रही है,और मोदी जी ने 3 और 10 रुपये तक दाम घटा दिए !!!

 पीएम मोदी की महाबैठक से पहले 5 बड़ी चिंताओं का आया जवाब...

दुनिया में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ रही है,और मोदी जी ने 3 और 10 रुपये तक दाम घटा दिए !!!

पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ बड़ी बैठक से ठीक पहले सरकार ने पेट्रोल - डीजल पर 3 और 10 रुपये तक एक्साइज ड्यूटी घटा दी है. इसके साथ ही, सरकार ने देशवासियों की पांच सबसे बड़ी चिंताओं का भी जवाब दे दिया है. 

कहां तो दुनिया के देश पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा रहे हैं, भारत में आज तड़के सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाकर चौंका दिया. इसी लिए तो कहते हैं मोदी है तो मुमकिन है। पीएम आज ही राज्यों के सीएम के साथ बड़ी बैठक करने वाले हैं. पेट्रोल पर शुल्क 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये और डीजल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया है. 

ईरान युद्ध के बीच ऊर्जा संकट को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच मोदी सरकार का यह बड़ा फैसला है. जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने से बचाने के लिए सरकार तेल कंपनियों को राहत देना चाहती है. हां, पेट्रोल या डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा. एक्साइज ड्यूटी में कटौती से तेल विपणन कंपनियों को अपनी 'अंडर रिकवरी' कम करने में मदद मिलेगी.

इधर, केंद्र की सर्वदलीय बैठक के बाद, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ मौजूदा हालात पर महाबैठक करने जा रहे हैं. इस मीटिंग में ममता बनर्जी, हिमंता बिस्वा सरमा समेत उन राज्यों के सीएम हिस्सा नहीं लेंगे, जहां विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. आचार संहिता के कारण इन राज्यों के मुख्य सचिवों की अलग से बैठक होगी. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से तेल भंडार, कीमतें बढ़ने का खतरा, लॉकडाउन की फैलती आशंका, ऑड-ईवन नियम लागू होने की संभावना, सीमित आपूर्ति करने के निर्देश जैसे तमाम सवालों और अफवाहों पर लोगों के मन में पैदा हो रहे पांच सबसे बड़े सवालों का जवाब दिया है. 

1. सवाल- क्या पेट्रोल और डीजल वितरण पर किसी तरह की रोक लगाई गई है?

मंत्रालय- भारत 150 से ज्यादा देशों को परिष्कृत ईंधन (Refined Fuel) की आपूर्ति करता है. दुनिया का शुद्ध निर्यातक होने के कारण भारत में घरेलू पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित है. देशभर में एक लाख से ज्यादा खुदरा ईंधन दुकानें खुली हैं और बिना किसी रुकावट के ईंधन की आपूर्ति कर रही हैं. किसी भी दुकान को आपूर्ति सीमित करने के लिए नहीं कहा गया है. 

2. कहीं कीमतें बढ़ीं तो कहीं इमरजेंसी... क्या भारत में भी ऐसा हो सकता है?

मंत्रालय- दुनिया के कई देशों में कीमतें बढ़ी हैं. सीमित आपूर्ति हो रही है, ऑड-ईवन वाला गाड़ियों पर प्रतिबंध है और जबरन स्टेशन बंद करने पड़े हैं. कुछ ही देशों ने 'राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल' घोषित किया है. भारत में ऐसे किसी भी उपाय की आवश्यकता नहीं है. जहां दूसरे देश सीमित आपूर्ति कर रहे हैं, वहीं भारत में आपूर्ति की कोई कमी नहीं है. 

कुछ चुनिंदा पंपों पर छिटपुट रूप से घबराहट में खरीदारी की गई है, ऐसा सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो में फैलाई गई जानबूझकर गलत सूचना के कारण हुआ. ऐसे पंपों पर मांग में वृद्धि के बावजूद, सभी उपभोक्ताओं को ईंधन की आपूर्ति की गई और तेल कंपनियों के डिपो आपूर्ति बढ़ाने के लिए रातभर चालू रहे. पेट्रोल पंप मालिकों की कार्यशील पूंजी संबंधी समस्याओं के कारण किसी भी पंप पर पेट्रोल और डीजल की कमी न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल पंपों को दी जाने वाली क्रेडिट अवधि को पहले की एक दिन की अनुमति से बढ़ाकर 3 दिन से ज्यादा करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं. (26 मार्च 2026 का बयान, 27 मार्च की सुबह सरकार ने एक्साइज ड्यूटी यानी उत्पाद शुल्क घटा दिया)

3. कच्चे तेल की आपूर्ति कितनी कम हो गई है?

मंत्रालय- होर्मुज संकट के बावजूद भारत को आज दुनियाभर के अपने 41 से ज्यादा आपूर्तिकर्ता देशों से पहले की तुलना में ज्यादा कच्चा तेल मिल रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजारों, विशेष रूप से पश्चिमी देशों से उपलब्ध उच्च मात्रा ने किसी भी व्यवधान की भरपाई कर दी है. भारत की सभी रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता से काम कर रही हैं. इंडियन ऑयल कंपनियों ने अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली है. आपूर्ति में कोई कमी नहीं है.

4. अब भारत के पास कितने दिन का तेल भंडार बचा है?

मंत्रालय- कुछ लेखों और सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाई जा रही है कि देश में केवल 6 दिनों का ही भंडार बचा है. भारत की कुल भंडार क्षमता 74 दिनों की है और पश्चिम एशिया संकट के 27वें दिन भी वास्तविक भंडार लगभग 60 दिनों का है. इसमें कच्चे तेल का भंडार, उत्पाद भंडार और भूमिगत गुफाओं का रणनीतिक भंडारण शामिल है. वैश्विक स्तर पर चाहे जो हो, हर भारतीय के लिए लगभग दो महीने की स्थिर आपूर्ति उपलब्ध है. अगले दो महीनों के कच्चे तेल की खरीद भी सुनिश्चित कर ली गई है. भारत अगले कई महीनों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है... भारत के भंडार के समाप्त या अपर्याप्त होने के किसी भी दावे को पूरी तरह से खारिज किया जाता है.

5. क्या एलपीजी सिलेंडर संकट होने वाला है?

मंत्रालय- एलपीजी की कोई कमी नहीं है. एलपीजी नियंत्रण आदेश के बाद घरेलू रिफाइनरी उत्पादन में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे दैनिक एलपीजी उत्पादन 50 टीएमटी (हमारी आवश्यकता का 60 प्रतिशत से अधिक) तक पहुंच गया है, जबकि कुल दैनिक आवश्यकता लगभग 80 टीएमटी है. अब शुद्ध दैनिक आयात आवश्यकता घटकर केवल 30 टीएमटी रह गई है यानी भारत अब आयात की आवश्यकता से कहीं अधिक उत्पादन कर रहा है. घरेलू उत्पादन के अतिरिक्त, अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया से 800 टीएमटी एलपीजी कार्गो पहले से ही सुरक्षित हैं और भारत के 22 एलपीजी आयात टर्मिनलों पर पहुंच रहे हैं, जो 2014 में मौजूद 11 टर्मिनलों की तुलना में दोगुने हैं.

लगभग एक महीने की आपूर्ति की पूरी व्यवस्था हो चुकी है और अतिरिक्त खरीद को लगातार अंतिम रूप दिया जा रहा है. तेल कंपनियां प्रतिदिन 50 लाख से अधिक सिलेंडर सफलतापूर्वक दे रही हैं. उपभोक्ताओं के घबराहट में (पैनिक) ऑर्डर देने के कारण सिलेंडर की मांग 89 लाख सिलेंडर तक पहुंच गई थी, जो घटकर फिर से 50 लाख सिलेंडर रह गई है. जमाखोरी या कालाबाजारी से बचने के लिए राज्य सरकारों से परामर्श कर वाणिज्यिक सिलेंडरों का आवंटन बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है. 

गैस, पेट्रोल-डीजल पर सरकार ने दिया बड़ा अपडेट, कहा- 2 महीने का बैकअप तैयार है 

सरकार ने देश में गैस, पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर बड़ा अपडेट दिया है. सरकार ने कहा कि देश में अगले 2 महीनों के लिए कच्चे तेल की खरीद भी सुनिश्चित कर ली गई है और पेट्रोल-डीजल का कोई संकट नहीं है. LPG की भी कोई कमी नहीं है और लोग अफवाह में पड़कर पैनिक न लें.मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे जानबूझकर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं से गुमराह न हों, जिनका मकसद अनावश्यक दहशत फैलाना है.

सरकार ने कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए लगातार कोशिश कर रही है. अगर आपको भी पेट्रोल पंप पर तेल देने से कोई मना कर रहा है या सिलेंडर की दिक्कत हो रही है तो आप भी 9310497453 पर हमें व्हाट्सऐप करें.  

सरकार ने भारत में लॉकडाउन के खतरे को पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत बताया है. ...

सरकार ने भारत में लॉकडाउन के खतरे और आपातकालीन ईंधन उपायों से जुड़ी फर्जी खबरों और सोशल मीडिया पोस्टों को पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत बताया है. मंत्रालय ने कहा है कि यह गलत सूचना शरारती तत्वों द्वारा फैलाई जा रही है और कुछ स्वार्थी तत्व इसे बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे आम जनता में अनावश्यक चिंता पैदा हो रही है. सरकार ने लोगों से कहा है कि वे ईंधन और गैस की जानकारी के लिए केवल सरकारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें.


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