G News 24 : भारत में 25 दिनों का तैयार माल यानी कि पेट्रोल-डीजल और दूसरे ईंधन मौजूद हैं : भारत सरकार

 फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा होने की संभावना नहीं है...

भारत में 25 दिनों का तैयार माल यानी कि पेट्रोल-डीजल और दूसरे ईंधन मौजूद हैं : भारत सरकार

भारत के पास अभी 25 दिनों का क्रूड और 25 दिनों का तैयार माल यानी कि पेट्रोल-डीजल और दूसरे ईंधन मौजूद हैं. फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा होने की संभावना नहीं है. मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया. कच्चे तेल की कीमतें 66 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर करीब 100 डॉलर तक पहुंच गई हैं, वहीं लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की दरें भी दोगुनी से अधिक होकर 24-25 डॉलर प्रति ब्रिटिश थर्मल यूनिट हो गई हैं. फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा होने की संभावना नहीं है.

भारत में 25 दिनों का तैयार माल यानी कि पेट्रोल-डीजल और दूसरे ईंधन मौजूद हैं

सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारत के पास अभी 25 दिनों का क्रूड और 25 दिनों का तैयार माल यानी कि पेट्रोल-डीजल और दूसरे ईंधन मौजूद हैं. एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर फिलहाल उपभोक्ताओं पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ेगा. G7 की तरफ से जैसे ही इस तरह का संकेत मिला कि वह स्टॉक रिलीज कर सकते हैं उसी के चलते क्रूड ऑयल की कीमत जो सुबह अचानक आसमान छूने लगी थी वह शाम होते-होते थोड़ी कम हो गई. 

क्रूड ऑयल की कीमत में उछाल

मौजूदा हालात को देखते हुए क्रूड ऑयल की कीमत $100 के करीब बने रहने की संभावना है. अगर किसी कारण इसमें बढ़ोतरी होती है तो कीमत 125-130 डॉलर तक जा सकती है, लेकिन फिर गिरकर $100 के आसपास पहुंच सकती है. भारत में 40 फीसदी फ्यूल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए आता है जबकि 60 फीसदी अलग-अलग रास्तों के जरिए पहुंचता है. फिलहाल हमारे पास दूसरे रास्तों से भी फ्यूल आ रहा है. सूत्रों के मुताबिक अभी एविएशन इंडस्ट्री को चिंता करने की जरूरत नहीं है.

अमेरिका ने भारत से अनुरोध किया है कि वह समुद्री परिवहन में पहले से मौजूद रूसी कच्चे तेल को खरीदकर उसे भारतीय रिफाइनरियों की ओर मोड़ दे, ताकि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच आपूर्ति में संभावित कमी और कीमतों में उछाल की आशंकाओं को कम किया जा सके. अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा कि यह कदम बाजार को स्थिर रखने के लिए एक अल्पकालिक और व्यावहारिक प्रयास है.

'LPG का उत्पादन बढ़ाएं', रिफाइनरियों को सरकार का आदेश

मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात और ईंधन सप्लाई में दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने LPG गैस को लेकर कुछ बड़े फैसले किए हैं. सरकार ने तेल रिफाइनरियों से कहा है कि LPG का उत्पादन बढ़ाया जाए.

सरकार ने LPG गैस को लेकर लिए बड़े फैसले.

मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात और ईंधन सप्लाई में दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने LPG गैस को लेकर कुछ बड़े फैसले किए हैं. सरकार ने तेल रिफाइनरियों से कहा है कि LPG का उत्पादन बढ़ाया जाए और जो अतिरिक्त गैस बने उसे सबसे पहले घरों में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडरों के लिए दिया जाए. ताकि आम लोगों को गैस की कमी न हो.

LPG सप्लाई को सरकार की प्राथमिकता

सरकार ने घरेलू LPG सप्लाई को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है. साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए नया नियम लगाया गया है. अब एक सिलेंडर लेने के बाद अगली बुकिंग कम से कम 25 दिन बाद ही की जा सकेगी. वहीं जो इम्पोर्टेड LPG है  उसे फिलहाल हॉस्पिटल और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी संस्थानों को देने पर जोर दिया जा रहा है.

तीन कार्यकारी निदेशोंकी बनाई कमेटी

रेस्तरां, होटल और दूसरी इंडस्ट्री को LPG सप्लाई के मामलों की समीक्षा करने के लिए तेल कंपनियों के तीन कार्यकारी निदेशकों (ED) की एक कमेटी बनाई गई है, जो तय करेगी कि उन्हें कितनी गैस दी जा सकती है.

एक्स पर पोस्ट कर दी जानकारी

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है. पोस्ट में लिखा,  वर्तमान भू-राजनीतिक व्यवधानों और ईंधन आपूर्ति पर एलपीजी की कमी को देखते हुए, मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी का अधिक उत्पादन करने और अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू उपयोग के लिए इस्तेमाल करने के आदेश जारी किए हैं.

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