G NEWS 24 : डबरा में अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया गया अमृत एप का प्रशिक्षण

जिलेवासियों को साफ व स्वच्छ पेयजल मिल सके, इसके लिए...

डबरा में अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया गया अमृत एप का प्रशिक्षण

ग्वालियर। जिलेवासियों को साफ व स्वच्छ पेयजल मिल सके, इसके लिए अमृत एप से निगरानी की जाएगी। इसके तहत डबरा नगर पालिका के कर्मचारियों को अमृत एप का प्रशिक्षण दिया गया। अमृत एप से डबरा नगर पालिका के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न जल स्रोतों की जांच, जल आपूर्ति प्रणाली में लीकेज, दूषित जल की पहचान एवं पानी की टंकियों व पाइपलाइन का सर्वे एवं जियो टैग करना शामिल है। 

इस एप का प्रशिक्षण सहायक यंत्री व उपयंत्री को ई-दक्ष केंद्र में दिया गया। अमृत रेखा के साथ ही डिस्ट्रिक्ट जीआईएस व परख ऐप का प्रशिक्षण संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को दिया गया। इस प्रशिक्षण में वरिष्ठ डाटा स्पेशलिस्ट अंकिता भारद्वाज, जी.आई.एस. एक्जीक्यूटिव अरुण प्रताप सिंह राजपूत व जी.आई.एस. एक्जीक्यूटिव एमपीएसईडीसी भोपाल नितेश शर्मा द्वारा विभिन्न नगरीय निकायों के उपयोगकर्ता का निर्माण करना, सर्वे की जियो टैगिंग, रिपोर्ट तैयार करना एवं मैप पर प्रदर्शित करने के बारे में बताया गया।

इस तरह काम करेगा एप -

  1. पाइप लाइन की जीआईएस मैपिंग नगर पालिका के जल प्रकोष्ठ प्रभारी इंजीनियर संचित डिमरी ने बताया कि एप के जरिए पेयजल सप्लाई नेटवर्क - पाइपलाइन, टंकियां और सीवेज लाइने को जीआईएस के जरिए डिजिटल मैप पर दिखाया जाता है। इससे पता चलता है कि पाइपलाइन कहाँ से जाती है, किन हिस्सों में संभावित समस्या हो सकती है और किस भाग में रख-रखाव जरूरी है। इसके लिए एप पर डाटा अपलोड किया जा रहा है।
  2. एप पर ही रिपोर्टिंग फील्ड इंजीनियर और तकनीकी कर्मचारी एप में लॉग-इन करके मौके पर ही निरीक्षण रिपोर्ट दर्ज कर सकते हैं। वे पानी के नमूनों, पाइपलाइन लीकेज, सफाई स्टेटस आदि को जियो-टैगिंग (जीपीएस टैग) के रूप में ऐप में अपडेट कर सकते हैं।
  3. संभावित खतरों की पहचान एप पर सीवेज और पेयजल पाइप लाइन का डाटा एक साथ रहेगा, तो यह जाना जा सकता है कि किन जगहों पर यह दोनों सिस्टम मिल रहे हैं। यानि ऐसी जगह जहां सीवेज व पेयजल लाइन एक साथ है, उन्हें संभावित खतरे के रूप में चिन्हित किया जाएगा।

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