G News 24 : कर्तव्य पथ पर दिखी भारत की ताकत, लड़ाकू विमानों की गगनभेदी गर्जना से गूंजा आकाश !

रोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन,यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा रहे समारोह के मुख्य अतिथि..

कर्तव्य पथ पर दिखी भारत की ताकत, लड़ाकू विमानों की गगनभेदी गर्जना से गूंजा आकाश !

नई दिल्ली। आज भारत 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस साल गणतंत्र दिवस की थीम वंदे मातरम के 150 साल इस साल गणतंत्र दिवस की थीम वंदे मातरम के 150 साल है। कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली भव्य परेड में थीम आधारित सजावट की गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली। यूरोपीय  संघ की अध्यक्ष उर्सुला लॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा इस गौरवशाली लम्हे के साक्षी बने। देश के राज्यों में भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराया गया। राष्ट्रपति के रवाना होने के बाद पीएम मोदी ने दर्शक दीघा के पास जाकर लोगों का अभिवादन किया। प्रधानमंत्री ने दर्शक दीर्घा के दोनों तरफ जाकर दर्शकों का अभिवादन किया।

राष्ट्रीय समर स्मारक पहुंच प्रधानमंत्री ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय समर स्मारक पर पहुंचे। जहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान तीनों सेनाओं के प्रमुख और सीडीएस अनिल चौहान भी मौजूद रहे।

परेड की शुरुआत

सैन्य परेड की शुरुआत हो गई है। परेड की थीम विविधता में एकता है। सेना के हेलीकॉप्टरों ने पुष्प वर्षा कर परेड की शुरुआत की। 

राष्ट्रपति मुर्मू ने फहराया तिरंगा

राष्ट्रपति मुर्मू ने तिरंगा फहराया। इस दौरान गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य अतिथि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर और सैंटोस कोस्टा भी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने मेहमानों का स्वागत किया। 

राष्ट्रपति ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर ग्रुप कैप्टन शुभाशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया। 

सेना की कैविलरी टुकड़ी ने किया मार्च

सेना की कैविलरी टुकड़ी ने कर्तव्य पथ पर परेड की, जिसका नेतृत्व कैप्टन अहान कुमार ने किया। 

वायुसेना के विमानों ने कर्तव्य पथ पर भरी उड़ान

वायुसेना के विमानों ने कर्तव्य पथ पर उड़ान भरी। जिसमें सी-295, सी-130, एयरक्राफ्ट ने चंडीगढ़ से उड़ान भरी। साथ ही सुखोई लड़ाकू विमानों, राफेल लड़ाकू विमानों ने कर्तव्य पथ के ऊपर से गगनभेदी गर्जना के साथ उड़ान भरी। 

उर्सुला वॉन डेर लेयेन बोलीं- समृद्धि भारत से दुनिया स्थिर होगी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बग्गी में मुख्य अतिथियों यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ कर्तव्य पथ पर पहुंची. यह पहली बार हुआ जब गणतंत्र दिवस पर दो मुख्य अतिथि मौजूद थे. PM मोदी ने उनका स्वागत किया, नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और दर्शकों से बात की.

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होना सम्मान की बात है। एक सफल भारत दुनिया को और स्थिर, समृद्धि और सुरक्षित बनाएगा और हम सभी को इससे फायदा होगा। 

It is the honor of a lifetime to be Chief Guests at the Republic Day celebrations. A successful India makes the world more stable, prosperous and secure. And we all benefit— Ursula von der Leyen (@vonderleyen) January 26, 2026

डेयर डेविल टीम ने कर्तव्य पथ पर दिखाए करतब

सेना की डेयर डेविल टीम ने कर्तव्य पथ पर हैरतअंगेज करतब दिखाकर दर्शकों को मोहित कर दिया। जवानों ने भौतिकी के नियमों को धता बताते हुए गजब के संतुलन का प्रदर्शन किया। कर्त्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान डेयर डेविल्स - केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की मोटरसाइकिल राइडर डिस्प्ले टीम ने मार्च किया।

वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर विशेष प्रस्तुति

वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के अवसर पर कर्तव्य पथ पर एक विशेष प्रस्तुति दी गई, जिसमें पूरे भारत की सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में पिरोकर पेश किया गया, जिसे देखकर सभी दर्शक अभिभूत हो गए। 

कई झांकियों की थीम वंदे मातरम के 150 साल

कर्तव्य पथ पर विद्युत मंत्रालय की झांकी भी निकाली गई। जिसमें स्मार्ट पावर, स्मार्ट होम को थीम बनाया गया। मध्य प्रदेश की झांकी में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को परिलक्षित किया गया। ओडिशा राज्य की झांकी की थीम परंपरा से प्रगति रहा, जिसमें महिला विकास और सेमीकंडक्टर चिप में विकास को भी दर्शाया गया। मणिपुर की झांकी में राज्य की जैविक खेती को दिखाया गया। राजस्थान की झांकी में दस्तकारी और राज्य की समृद्ध संस्कृति को दिखाया गया। 

केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की झांकी की थीम वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर रखी गई थी, जिसमें मातृभूमि के प्रति प्रेम को दर्शाया गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की झांकी में सूचना के क्षेत्र में देश के विकास को बखूबी परिलक्षित किया गया। संस्कृति मंत्रालय ने भी वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने को अपनी झांकी में दिखाया। 

पंजाब की झांकी में गुरु तेग बहादुर के बलिदान को परिलक्षित किया गया

पंजाब की झांकी में गुरु तेग बहादुर के बलिदान और उनके योगदान को दर्शाया गया। पंजाब की झांकी में गुरुद्वारे की प्रतिकृति से राज्य की आध्यात्मिक शक्ति को प्रदर्शित किया गया। पंजाब के बाद हिमाचल प्रदेश की झांकी निकली, जिसमें राज्य के शूरवीरों को नमन किया गया और साथ ही राज्य की संस्कृति को प्रदर्शित किया गया। इसके बाद जम्मू कश्मीर की झांकी निकली जिसमें राज्य की समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित किया गया। जम्मू कश्मीर की झांकी में कृषि और केसर की खेती को प्रमुखता से दिखाया गया। 

एनडीआरएफ की झांकी में देश की आपदा से निपटने की मजबूत होती क्षमता को दिखाया गया। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय की झांकी दिखाई गई। जिसमें पीएम श्री स्कूल को परिलक्षित किया गया। 

सैन्य ताकत के बाद सांस्कृतिक विविधता और विकास का प्रदर्शन

सैन्य झांकी के बाद अब सांस्कृतिक झांकियों की शुरुआत हो गई है। आयुष मंत्रालय की झांकी में भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को दर्शाया गया। इसके बाद कौशल विकास उद्यमशीलता की झांकी प्रदर्शित की गई। इसके बाद छत्तीसगढ़ की झांकी निकाली गई, जिसमें डिजिटल विकास और बलिदानियों के प्रति सम्मान को प्रदर्शित किया गया। 

इसके बाद गृह मंत्रालय की झांकी निकाली गई, जिसमें भारतीय न्याय संहिता को लागू करने और गुलामी की सोच को मिटाने को प्रदर्शित किया गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश की झांकी निकली, जिसमें राज्य के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को दर्शाया गया। 

देश की युवा शक्ति का कर्तव्य पथ पर जोशीला मार्च

देश की युवा शक्ति एनसीसी गर्ल्स के मार्चिंग दस्ते ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इसके ठीक पीछे एनसीसी के कंबाइंड बैंड ने मार्च किया और कदम कदम बढ़ाए जा, सारे जहां से अच्छा हिंदोंस्ता हमाारा की धुन बजाई। इनके बाद एनसीसी बॉयज के दल ने मार्च किया। इसके बाद माय भारत नेशनल भारत सर्विस के युवाओं ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। 

बीएसएफ, दिल्ली पुलिस के दल ने किया मार्च

सीआईएसएफ और सीआरपीएफ के दस्ते ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इनके बाद चीन सीमा पर तैनात आईटीबीपी के दस्ते ने मार्च किया। दिल्ली पुलिस के दल ने भी मार्च किया। कर्तव्य पथ पर रेगिस्तान के जहाज ऊंट पर बीएसएफ के दल ने परेड किया। यह दस्ता 1976 के बाद से लगातार गणतंत्र दिव परेड का हिस्सा रहा है।

अरुणाचल स्काउट और राजपूत रेजीमेंट के दल ने किया मार्च

ऊंचे और पहाड़ी इलाकों पर युद्ध में विशेषज्ञा रखने वाले अरुणाचल स्काउट ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इसके बाद सेना की राजपूत रेजीमेंट ने मार्च किया। यह सेना की सबसे पुरानी रेजीमेंट में से एक है। इसके बाद असम रेजीमेंट के जवानों ने मार्च किया।  

सेना की जम्मू कश्मीर लाइट इंफेंट्री के दस्ते ने मार्च किया। साथ ही कंबाइंड मिलिट्री बैंड ने मार्च किया, जिसका नेतृत्व सूबेदार एए खान ने किया। सिख लाइट इंफेंट्री के मार्चिंग दस्ते ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इंडियन नेवी बैंड ने सामंजस्य और भव्यता को दिखाते हुए जय भारती की धुन बजाई। इस दौरान पीएम मोदी मुख्य अतिथियों को सैन्य परेड के बारे में कुछ समझाते नजर आए और दोनों विदेशी मेहमान बड़ी उत्सुकता से सैन्य परेड को देखते दिखे। 

सेना के पशु दस्ते ने किया मार्च, मूक योद्धाओं को देख दर्शक रोमांचित

आकाश मिसाइल और ड्रोन शक्ति ईगल प्रहार ने कर्तव्य पथ  पर मार्च किया। कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना के पशु दस्ते ने मार्च किया, जिसका नेतृत्व कैप्टन हर्षिता यादव ने किया। भारतीय वायु सेना के दल ने भी मार्च किया।

ब्रह्मोस मिसाइल टुकड़ी ने कर्तव्य पथ पर किया मार्च

दिव्यास्त्र और अग्निबाण टुकड़ी ने परेड की। साथ ही रॉकेट टुकड़ी सूर्यास्त्र और ब्रह्मोस मिसाइल की टुकड़ी ने भी कर्तव्य पथ पर परेड की और हर भारतीय के सीने को गर्व से भर दिया।

131 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से किया गया सम्मानित

पद्म अवार्ड 2026: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। जिसमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री विजेता शामिल हैं, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन काम और सेवा के जरिए पहचान बनाई है।

राष्ट्रगान के साथ कर्तव्य पथ परेड का समापन

इसके बाद राष्ट्रगान के साथ कर्तव्य पथ परेड का समापन हुआ। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, विदेशी मेहमानों यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष सैंटोस डा कोस्टा कर्तव्य पथ से रवाना हो गए। 



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