G News 24 : अजित पवार के प्लेन क्रैश की पता चली शुरुआती वजह !

 पायलट को बारामती में मैनुअल लैंडिंग के लिए कहा गया था !

अजित पवार के प्लेन क्रैश की पता चली शुरुआती वजह !

अजित पवार का प्लेन क्रैश होने के बाद जब पुलिस टीम शवों की तलाश कर रही थी तो डिप्टी सीएम के शव की पहचान उनकी घड़ी और सिटिंग पोजीशन से की जा सकी. पुलिसकर्मियों को घड़ी के बारे में पहले से जानकारी थी. वह ऐसे एयरक्राफ्ट में स्पेशल सीट पर बैठते थे. अब बारामती एयरस्ट्रिप को लेकर पता चला है कि पायलट को मैनुअल लैंडिंग के लिए कहा गया था पर क्यों?

नहीं थी बारामती एयरस्ट्रिप पर तकनीकी सुविधा ...

बारामती एयरस्ट्रिप पर यह सुविधा ही नहीं थी तो पायलट को अपनी आंखों पर भरोसा करना था और मैनुअल लैंडिंग का प्रयास करना था. बुधवार सुबह पायलट ने यही किया था. पहली बार लैंडिंग नहीं हो सकी और दूसरी बार लंबा चक्कर लगाकर लैंडिंग का प्रयास कर रहे थे. कोहरे के कारण ही शायद प्लेन को रनवे पर लाने में पायलट को मुश्किल हुई होगी. इसी दौरान रनवे के किनारे प्लेन क्रैश हो गया. पहले बड़ा धमाका हुआ फिर कई छोटे ब्लास्ट हुए. पूरा प्लेन आग में जलने लगा. 24 घंटे बाद घटनाक्रम को देखने से साफ है कि अगर एयरस्ट्रिप पर लैंडिंग के लिए जरूरी तकनीकी सपोर्ट होता तो शायद यह आसानी से लैंड कर जाता. पूर्व पायलट और एविएशन एक्सपर्ट एहसान खालिद का भी अनुमान है कि विजिबिलिटी काफी कम होने और आईएलएस यानी instrument landing system का न होना हादसे के बड़े फैक्टर हो सकते हैं.  

अब बारामती की हवाई पट्टी को लेकर उठने लगे हैं कई सवाल ...

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार जिस प्लेन से बारामती आ रहे थे, उसे एयरस्ट्रिप पर मैनुअली लैंड करने के लिए कहा गया था. यह जानकारी सामने आने के बाद बारामती एयरपोर्ट की हवाई पट्टी को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं. आसमान से ली गई तस्वीर में साफ पता चलता है कि जिस जगह पर चार्टर्ड प्लेन क्रैश हुआ है, वहां से हवाई पट्टी ज्यादा दूर नहीं थी. पुणे-बारामती इलाके में 28 जनवरी की सुबह घना कोहरा था. विजिबिलिटी काफी कम थी फिर पायलट मैनुअल लैंडिंग करने की कोशिश क्यों कर रहे थे? इसके पीछे नई बात पता चली है. 

पहले तो यह जान लीजिए कि बारामती की हवाई पट्टी छोटी है जहां प्लेन उतरते हैं. यहां ILS यान इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम की सुविधा नहीं है. यह जमीन पर रेडियो नेविगेशन प्रणाली होती है जो खराब मौसम, कोहरे, भारी बारिश या रात के समय सुरक्षित और सटीक लैंडिंग के लिए पायलटों को गाइड यानी मार्गदर्शन करती है. सारी वजहें कम दृश्यता वाली ही हैं. इस सिस्टम की मदद से ही रनवे पर क्षैतिज और लंबवत दोनों सीध में सटीक लैंडिंग का सिग्नल मिलता है और पायलट की काफी मदद हो जाती है. 

बारामती हवाई पट्टी अनकंट्रोल्ड है? 

  1. - यह मुख्य रूप से पायलटों की ट्रेनिंग और प्राइवेट एयरक्राफ्ट ऑपरेशन के लिए इस्तेमाल होती है. 
  2. - यहां कम विजिबिलिटी के दौरान पायलटों को अप्रोच या लैंडिंग में मदद करने के लिए कोई नेविगेशनल सहायता नहीं मिलती है. 
  3. - दरअसल, यहां का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) स्थानीय फ्लाइंग ट्रेनिंग संगठनों के पायलटों या इंस्ट्रक्टरों की ओर से कंट्रोल किया जाता है क्योंकि यह एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के ATC टावर के बगैर एक अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड है. 

सरकार ने बताया कब क्या हुआ

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया है कि बुधवार सुबह करीब 8.18 बजे डिप्टी सीएम अजित पवार को लेकर आया प्लेन बारामती ATC के संपर्क में आया. क्रू और एटीसी के बीच बातचीत से पता चला कि रनवे पर अप्रोच के दौरान विजिबिलिटी कम थी. क्रू को मैन्युअल रूप से लैंड करने की सलाह दी गई क्योंकि अप्रोच और लैंडिंग के दौरान विमान को गाइड करने के लिए कोई इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम नहीं है. 

पहली बार लैंडिंग कैंसल फिर... मेडे कॉल भी नहीं, 

क्रू ने आसमान में चक्कर लगाया क्योंकि वे प्लेन को सफलतापूर्वक लैंड नहीं करा पाए. दूसरे प्रयास के दौरान 8.44 बजे यह रनवे के किनारे दुर्घटनाग्रस्त हो गया. टक्कर लगते ही जेट में आग लग गई, जिससे कोई जीवित नहीं बचा. 

काफी अनुभवी थे पायलट कपूर

प्लेन को कैप्टन सुमित कपूर (61) उड़ा रहे थे. उनके पास 15,000 से ज्यादा फ्लाइंग घंटों का अनुभव था. उनके साथ फर्स्ट ऑफिसर शांभवी पाठक (25) थीं. पाठक के पास लगभग 1,500 घंटे का फ्लाइंग अनुभव था. दुर्घटना में ठाणे के रहने वाले डिप्टी सीएम के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर विदिप जाधव (50) और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली (29) की भी मौत हो गई.

डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) और एक्सीडेंट एयरक्राफ्ट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है. दोनों एजेंसियों के अधिकारी विमान की अंतिम स्थिति और उसके फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर की जानकारी लेने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे हुए हैं. 

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा है कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि खराब विजिबिलिटी दुर्घटना का कारण हो सकती है. उन्होंने कहा, 'ATC और क्रू के बीच बातचीत से पुष्टि होती है कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा था.' इमरजेंसी सर्विस यात्रियों को बचाने के लिए दुर्घटनास्थल पर पहुंची लेकिन तुरंत दखल नहीं दे पाईं क्योंकि मलबे से आग की लपटें निकल रही थीं. इससे पहले VSR वेंचर्स का ही एक प्लेन सितंबर 2023 में मुंबई एयरपोर्ट पर क्रैश हुआ था. उस समय वजह भारी बारिश और कम विजिबिलिटी बताई गई थी. 

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