अभी तक एकत्र हुई 2 लाख की राशि...
मासूम बच्चों के लिए डेस्क एवं कुर्सी उपलब्ध कराने निगम की संवेदनशील पहल !
ग्वालियर। शिक्षा वह जादुई चाबी है जो गरीबी के ताले खोलती है, और नगर निगम ग्वालियर इस चाबी को और मजबूत बनाने में जुटा है। निगम आयुक्त संघ प्रिय के मार्गदर्शन में चल रहे "गरीब बच्चों को बेहतर पढ़ाई का हक" अभियान के तहत सरकारी स्कूलों, समाजसेवी संस्थाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले मासूम बच्चों के लिए डेस्क एवं कुर्सी सेट उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया है। इस अभियान में अभी तक नगर निगम द्वारा 2 लाख का संग्रह कर लिया गया है।
प्रत्येक डेस्क-कुर्सी सेट की बाजार मूल्य मात्र ₹2050/- है, यानी एक छोटी-सी राशि से हम किसी बच्चे को जमीन पर बैठकर पढ़ने की मजबूरी से मुक्ति दिला सकते हैं। यह सिर्फ फर्नीचर नहीं, बल्कि सम्मान, सुविधा और सपनों का आधार है। अब इस नेक कार्य में नगर निगम ग्वालियर भी पूरे उत्साह से शामिल हो रहा है। अपर आयुक्त, उपायुक्त, कार्यपालन यंत्री, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से लेकर द्वितीय-तृतीय श्रेणी के सभी कर्मचारीगण – स्वेच्छा से योगदान देकर इस अभियान को अपनी ताकत बना रहे है। नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वेच्छा से सहयोग देकर लगभग 2 लाख रुपए का संग्रह तैयार कर लिया है।
यह अभियान जिला प्रशासन के सभी विभागों में में भी चल रहा है और समाज के सेवाभावी लोग भी आगे आ रहे हैं। एक वरिष्ठ नागरिक ने तो अकेले 50 हजार रुपये का योगदान देकर मिसाल कायम की है। अब बारी हमारी है – हमारे शहर के अधिकारी-कर्मचारी मिलकर साबित करें कि जब दिल से दिल जुड़ते हैं, तो बच्चों के भविष्य में रोशनी फैलती है। हर योगदान का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा – नाम, पद, विभाग और राशि सहित। शिक्षा सिर्फ पढ़ाई नहीं – यह सम्मान है, यह अधिकार है, यह सपनों का पहला कदम है! आइए, मिलकर ग्वालियर के हर बच्चे को कहें – "अब तुम्हें जमीन पर नहीं, सम्मान से बैठकर पढ़ना है!"











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