बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम बेहतर बनाने को लेकर ली प्राचार्यों की बैठक...
पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिये विशेष कक्षायें लगाएं : कलेक्टर
ग्वालियर। शालावार चयनित पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिये अंग्रेजी, गणित व विज्ञान विषयों की विशेष कक्षायें लगाएं। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक स्कूल में चयनित बच्चे इन कक्षाओं में उपस्थित हों। यह निर्देश कलेक्टर रुचिका चौहान ने बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम बेहतर बनाने के उद्देश्य से बुलाई गई हाईस्कूल व हायर सेकेण्ड्री स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक में दिए। उन्होंने कहा जो शिक्षक परीक्षा परिणाम सुधारने के लिये विशेष प्रयास नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत भी मौजूद थे। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित की जाने वाली हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्ड्री बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम को बेहतर बनाने के लिये जिला प्रशासन ने विशेष रणनीति बनाई है।
इसी के तहत शुक्रवार को बाल भवन के ऑडिटोरियम में यह बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी व डीपीसी रविन्द्र सिंह तोमर सहित जिले के सभी विकासखंडों के बीईओ व बीआरसी एवं विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य मौजूद थे। कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा कि पिछले साल की बोर्ड परीक्षाओं एवं इस साल हुई अर्द्धवार्षिक व प्री-बोर्ड परीक्षा में जिन विद्यालयों के परीक्षा परिणाम अपेक्षाकृत ठीक नहीं रहे हैं, उन विद्यालयों के पढ़ाई में कमजोर चल रहे बच्चों के लिये अलग से विशेष कक्षायें लगाई जाएं। साथ ही जो बच्चे पास होने के बॉर्डर पर हैं उनके लिये भी इसी प्रकार की कक्षायें लगाकर पढ़ाएं।
बैठक में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन स्कूलों में किसी विषय विशेष के शिक्षकों की जरूरत है उनकी व्यवस्था विकासखंडवार प्राचार्यों की बैठक लेकर करें। साथ ही निर्देश दिए कि ड्रॉप आउट बच्चों को शालाओं में उपस्थिति के लिये पालकों से सतत संपर्क करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिन विद्यालयों में बच्चों की प्रोफाइल तैयार नहीं हुई है वहां जल्द से जल्द प्रोफाइल तैयार कराएं अन्यथा सख्त कार्रवाई की जायेगी। कलेक्टर रुचिका चौहान ने बैठक में यह भी निर्देश दिए कि एसआईआर के सुपरवाइजर के रूप में जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है वे अतिरिक्त समय में अपने स्कूल में पढ़ाने भी जाएं। इस काम के साथ-साथ पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिये लगाई जा रहीं कक्षाओं में पीरियड भी लें। ऐसे सुपरवाइजर जो एसआईआर का बहाना बनाकर क्लास नहीं लेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
पिछले साल जिन स्कूलों के बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम बेहतर रहे हैं उनके अनुभव भी बैठक में संबंधित प्राचार्यों ने साझा किए। कलेक्टर रुचिका चौहान ने अन्य विद्यालयों को इन अनुभवों का लाभ उठाकर पढ़ाई में कमजोर बच्चों का परिणाम बेहतर करने के निर्देश दिए। सांदीपनि स्कूल कुलैथ (सीएम राइज) के प्राचार्य संजीव शर्मा ने अपने स्तर पर बोर्ड परीक्षाओं के लिये 100 प्रश्नपत्र तैयार किए हैं। इसी तरह कुछ विद्यालयों के प्राचार्यों ने बताया कि उनके विद्यालय के शिक्षकों ने पढ़ाई में कमजोर बच्चों को गोद लेकर विशेष मार्गदर्शन दिया जा रहा है। कुछ विद्यालयों के प्राचार्यों का कहना था कि उन्होंने विद्यालय का रिजल्ट बेहतर बनाने के लिये पढ़ाई में ठीक, औसत व कमजोर बच्चों के लिये अगले एक महीने के दौरान अलग-अलग कक्षायें लगाने की रणनीति बनाई है।









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