तीर्थयात्रा से प्रेम कहानी तक, पाकिस्तानी युवक नासिर हुसैन के लिए बदला अपना नाम और धर्म...
तीर्थ पर गईं भारत की सरबजीत का PAK में निकाह,अब हुई गिरफ्तार,लाहौर के शेल्टर होम में फंसीं !
इस्लामाबाद। पाकिस्तानी युवक से शादी कर इस्लाम अपनाने वाली भारतीय महिला सरबजीत कौर को लाहौर के शेल्टर होम में रखा गया है। दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने पर भारत को सौंपे जाने की संभावना है। पाकिस्तानी युवक नासिर हुसैन के लिए अपना नाम और धर्म बदलने वाली भारतीय महिला सरबजीत कौर, जो अब नूर के नाम से जानी जाती हैं, एक बार फिर सुर्खियों में हैं। भारत लौटाने की प्रक्रिया अटकने के बाद उन्हें लाहौर के एक शेल्टर होम में शिफ्ट कर दिया गया है। अंतिम फैसला भारतीय अधिकारियों को सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, सरबजीत कौर को पहले वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत भेजे जाने की तैयारी थी और इसके लिए परेड की औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गई थीं। लेकिन यात्रा दस्तावेजों में तकनीकी खामी के चलते उनकी वापसी फिलहाल टल गई। अब जब तक भारत की ओर से दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक उन्हें लाहौर के दार-उल-अमन शेल्टर होम में रखा गया है।
प्रक्रिया पर बातचीत जारी
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारी सरबजीत की कानूनी और प्रशासनिक स्थिति को लेकर आपस में विचार-विमर्श कर रहे हैं। फिलहाल उन्हें भारत सौंपने की कोई तय तारीख सामने नहीं आई है। इस पूरे मामले से जुड़ी याचिका पंजाब हाई कोर्ट में भी विचाराधीन है। सरबजीत के खिलाफ मुकदमा लड़ रहे वकील अली चंगेजी सिंधु ने बताया कि अदालत ने पहले ही कैबिनेट डिवीजन, पंजाब पुलिस महानिरीक्षक, केंद्रीय जांच एजेंसी और अन्य संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब की है। पांच दिसंबर को हुई सुनवाई में जस्टिस फारूक हैदर ने सभी पक्षों से विस्तृत जानकारी मांगी थी।
तीर्थयात्रा से प्रेम कहानी तक
सरबजीत कौर पिछले साल चार नवंबर को भारत से सिख तीर्थयात्रियों के एक जत्थे के साथ पाकिस्तान गई थीं। तय कार्यक्रम के अनुसार उन्हें भारत लौटना था, लेकिन उन्होंने वापस आने के बजाय पाकिस्तान में ही रहने का फैसला किया। इसी दौरान उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाया और शेखूपुरा निवासी नासिर हुसैन से अपनी मर्जी से शादी कर ली। बताया जाता है कि सरबजीत और नासिर की पहचान 2016 में सोशल मीडिया के जरिए हुई थी, जो धीरे-धीरे रिश्ते में बदल गई। धर्म परिवर्तन के बाद सरबजीत ने अपना नाम बदलकर नूर रख लिया।
फॉरेनर्स एक्ट बना अड़चन
सरबजीत के वकील अहमद हसन पाशा के अनुसार, फॉरेनर्स एक्ट 1946 के तहत सरबजीत को पाकिस्तान में रहने की कानूनी अनुमति नहीं थी। इसी कारण उन्हें भारत वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में सरबजीत स्पाउस वीजा पर पाकिस्तान लौट सकती हैं और बाद में स्थायी निवास के लिए आवेदन कर सकती हैं।









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