ट्रंप के मंत्री ने यूरोप को बताया धोखेबाज...
भारत-EU के ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ से चिढ़ा अमेरिका !
भारत और यूरोपीय संघ के बीच आज ऐतिहासिक फ्री ट्रेड डील साइन होने जा रही है जिसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। 18 साल के बाद इस अहम समझौते पर साइन की अपौचारिकता पूरी की जाएगी। भारत दौरे पर आए यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा इस डील को लेकर बात करेंगे। यूरोपीय यूनियन के साथ हैदराबाद हाउस में होने जा रहे इस शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी दोनों नेताओं की मेजबानी करेंगे। सुबह साढ़े 11 बजे ये शिखर सम्मेलन शुरू होगा। दोपहर सवा 1 बजे इस बारे में प्रेस स्टेटमेंट जारी किया जाएगा। इस बीच भारत और यूरोप के बीच होने जा रही इस डील पर अमेरिका के वित्त मंत्री तीखा बयान दिया है।
अमेरिकी शुल्क की वजह से वैश्विक व्यापार में जारी रुकावटों के बीच ये जो समझौता होने जा रहा है उसका मकसद दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देना है। 18 साल के लंबे इंतजार के बाद ये मौका आया है। इसकी वार्ता साल 2007 में शुरू हुई थी। वार्ता के समापन की घोषणा आज आयोजित होने जा रही भारत-EU शिखर सम्मेलन के दौरान की जाएगी।
भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के एलान से पहले ही अमेरिका इसको लेकर भड़क गया है। ट्रंप के ट्रेजरी मंत्री स्कॉट बेसेंट ने यूरोप को धोखेबाज करार दिया है। एक इंटरव्यू में स्कॉट बेसेंट ने कहा कि "अमेरिका ने यूरोप से कहीं ज़्यादा कुर्बानी दी है। रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया जबकि यूरोप ने भारत से ट्रेड डील साइन कर ली। दरअसल, इस डील से यूरोप अपने ही खिलाफ चल रही जंग को फाइनेंस कर रहा है।"
भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच एक ऐतिहासिक free trade deal होने जा रही है। इस डील पर कल दिल्ली में साइन होंगे... कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने यूरोपियन यूनियन के साथ भारत की ट्रेड डील को मदर ऑफ ऑल डील्स करार दिया है। इस डील पर साइन होने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार में 50 बिलियन डॉलर तक की बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। फिलहाल यूरोपीय यूनियन के साथ भारत का ट्रेड 137 बिलियन डॉलर का है। भारत, यूरोपियन यूनियन के 27 देशों को 76 बिलियन डॉलर का सामान एक्सपोर्ट करता है और बदले में यूरोपीय देशों से 61 बिलियन डॉलर का सामान इंपोर्ट करता है। भारत के टोटल एक्सपोर्ट में यूरोपियन यूनियन के 27 देशों की हिस्सेदारी करीब 17 परसेंट है।
भारत और EU के बीच ट्रेड डील बेहद अहम है। इस डील से टैरिफ का बोझ भी कम होगा और अमेरिका के साथ व्यापार में भारत और यूरोपीय देशों की निर्भरता भी कम होगी। यूरोपियन यूनियन के साथ ट्रेड डील के बाद भारत टेक्सटाइल, दवाओं, स्टील, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और मशीनरी का ज्यादा एक्सपोर्ट कर पाएगा। इससे ट्रंप के टैरिफ से जो नुक़सान हुआ है उसकी काफी हद तक भरपाई होगी क्योंकि ट्रेड डील के बाद EU का टैरिफ कम हो जाएगा। इस डील का फायदा यूरोपीय देशों को भी होगा क्योंकि यूरोपीय देशों से भारत को कार, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स, मशीनरी, वाइन और स्पिरिट का एक्सपोर्ट बढ़ेगा।










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