ग्वालियर विकास प्राधिकरण ने जमीन मालिक को जानकारी दिए बिना कर दिया खुर्द-बुर्द अब ...
अपनी ही पैतृक जमीन पाने के लिए,भू-स्वामी लगा रहा है दफ्तरों के चक्कर !
ग्वालियर। .ग्वालियर विकास प्राधिकरण ने फर्जीवाड़ा करके जमीन मालिक की जानकारी के बिना फर्जीबाड़ा करके खुर्द-बुर्द उसकी जमीन को कर दिया ! जब भू स्वामी के पुत्र को इसकी जानकारी लगी तो उसके द्वारा ग्वालियर विकास प्राधिकरण के तत्कालीन अधिकारीयों से संपर्क किया गया, तो पहले उसे टरकाया गया, लेकिन जब उसने रजिस्ट्री के आधार पर आरटीआई के तहत जानकारी मांगी तब कही जाकर 2022 एवं 2024 में पहली बार भू स्वामी के पुत्र प्रदीप सिंह को नोटशीट के माध्यम उसे जो जानकारी दी गई वह इसके लिए किसी झटके से कम नहीं थी। क्योंकि जिस जगह के सर्वे नंबर आधार पर जानकारी चाही गई थी वह नहीं दी गई। जानकारी में सर्वे नंबर तो वही बताया गया लेकिन एरिया दूसरा बताया गया।
भू स्वामी के पुत्र प्रदीप सिंह ने ग्राम घाटमपुर के सर्वे क्रमांक 1,2,3,5,6,14 तथा ग्राम केशोबाग के सर्वे क्रमांक 25,31 के सम्बन्ध में आवेदन में उठाये गये बिंदुयों के आधार पर चाही गई है। लेकिन ग्वालियर विकास प्राधिकरण द्वारा भू स्वामी के पुत्र को गुमराह करने का प्रयास करते हुए उक्त सर्वे नंबर्स पर गलत एरिया दर्शाते हुए गलत जगह की जानकारी दी जा रही है। उसे उक्त सर्वे नंबर्स पर केशोबाग के स्थान पर किशनबाग की जानकारी दी गई जबकि उक्त सर्वे घाटमपुर- केशोबाग के है। जब आगे और जानकारी जुटाने के लिए टाउन एन्ड कंट्री प्लानिंग से जानकारी ली गई तो उसने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त सर्वे नंबर्स पर कोई प्रकरण दर्ज ही नहीं है।
इसके बाद इस सबंध में जनसुनवाई के माध्यम से भू स्वामी के पुत्र ने कलेक्टर को अपनी परेशानी बताई तो वहां से ग्वालियर विकास प्राधिकरण को उक्त समस्या का समाधान निकालने के लिए निर्देशित किया गया लेकिन आज दिनांक तक भू स्वामी के पुत्र की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसके लिए भू स्वामी के पुत्र ने ग्वालियर जिला कलेक्टर, मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश,महामहिम राजपाल से लेकर प्रधानमंत्री तक के कार्यालय में पत्राचार किया और उक्त परेशानी को दूर करने की गुहार लगाई है। लेकिन सभी जगह से सिर्फ फाइल और नॉट शीट ही चल रही है। सही जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है और ना ही समस्या का समाधान किया जा रहा है। उल्टे भू स्वामी के पुत्र को अधिकारीयों द्वारा बार बार भ्रामक जानकारियां देकर गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है !
अपनी ही जमीन लेने के लिए भू-स्वामी के पुत्र प्रदीप सिंह 2019 से लगातार प्रयासरत है,लोक सूचना के तहत तथा सी.एम. हेल्प लाईन शिकायत क्रमांक 29003856 दिनांक 21/9/2024 में चाही गई जानकारी तथा राज भवन पत्र क्रमांक 2512/2024/राज भवन (द्वारा ई मेल) भोपाल दिनांक 3/4/2024 कार्यालय में आवक पत्र क्रमांक 1658 दिनांक 14/10/2024 प्राप्त हुआ है। जिसमें ग्राम घाटमपुर के सर्वे क्रमांक 1,2,3,5,6,14 तथा ग्राम केशोबाग के सर्वे क्रमांक 25,31 के सम्बन्ध में आवेदन में उठाये गये बिंदुयों के सबंध में जो जानकारी माननीय कलेक्टर महोदय जिला ग्वालियर व माननीय महामहिम राजपाल महोदय को, उपलब्ध करायी गयी है वह गलत तथ्यों सहित व दुर्भावना पूर्ण ढंग से प्रस्तुत की गयी है।
पत्र क्रमांक / ग्वा.वि.प्रा./भू अर्जन/24/11043 दिनांक 6-11-2024 आवेदक द्वारा प्राधिकरण से सदैव घाटमपुर के सर्वे नम्बरों 1,2,3,5,6,14 तथा कैशो बाग के सर्वे नम्बरों 25,31 की जानकारी चाही गयी परन्तु आवेदक को हमेशा केशोबाग की जगह किशनबाग व घाटमपुर की जगह किशनबाग क्षेत्र बहोडापुर की जानकारी दी जा रही है एवं अनुबंध काटा पीटी करके दिये जा रहे हैं, और भ्रमित किया जा रहा है कि किसी आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित को विनय नगर योजना, क्रमांक 4 में भूखण्ड दिये जा चुके हैं।
वहीं टाउन एण्ड कंट्री ग्वालियर के लोक सूचना अधिकारी के पत्र क्रमांक 162/लो.सू.अधि. / नग्रानि/2023/986 दिनांक 4-11-2023 के अनुसार उक्त समस्त सर्वे नम्बरों पर कोई भी प्रकरण स्वीकृत नहीं है। यहां पर सवाल यह है कि यदि ग्वा.वि.प्रां. द्वारा इन सर्वे नम्बरों पर मुआवजा दे दिया है तो उसकी जानकारी जैसे मुआवजा राशी का चैक नम्बर भुगतान का माध्यम तथा अनुबन्ध देने में आनाकानी क्यों की जा रही है एवं घाटमपुर के सर्वे नम्बरों 1,2,3,14 के बदले किशनबाग क्षेत्र बहोडापुर का अनुबन्ध काटापीटी करके और केशीबाग के सर्वे नम्बरों 25,31 के बदले किशनबाग के अनुबन्ध व जानकारी दे कर आवेदक को गुमराह क्यों किया जा रहा है और आवेदक के साथ साथ सी.एम. हेल्पलाईन, कलेक्टर ग्वालियर व माननीय राजपाल महोदय कार्यालय को भी गलत जानकारी दे कर गुमराह क्यों किया जा रहा है।
आवेदक द्वारा जब पत्र क्रमांक 1855/12.4.2023 के द्वारा उपरोक्त सर्वे नम्बरों के अनुबन्ध की छायाप्रति के लिये सूचना के अधिकार में जानकारी चाही गयी तब आवेदक को अवलोकन हेतु प्राधिकरण के कार्यालय में पत्र क्रमांक/ग्वा.वि.प्रा./ भू अर्जन/2018/3076 दिनांक 28.4.2024 के द्वारा बुलाया गया और पत्र क्रमांक ग्वा.वि.प्रा./भू अर्जन/2018/3304 दिनांक 15.5.2023 दिया गया जिसमें साफ साफ उल्लेख है कि ग्राम घाटमपुर के सर्वे नंबर 1,2,3,14, व 5,6 तथा. केशोबाग के सर्वे नंबर 25,36 की नस्तियों के अवलोकन में कोई भी अनुबंध व मालिकाना हक होना नही पाया गया है।
अब यहां पर यह सवाल अनुत्तरित है कि यदि ग्वा.वि.प्रा. के अनुसार उक्त सर्वे नंबरों का अनुबध किसी आधुनिक ग्रह निर्माण समिती से 1989 में ही हो चुका था और आधुनिक ग्रह निर्माण समिती को भूखण्ड भी आवंटित हो गये थे जबकि टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग लिख कर देता है कि उनके यहां उक्त सर्वे नंबरों के बाबत कोई प्रकरण दर्ज नहीं है। उस समय प्राधिकरण ने अपने नाम से उक्त सर्वे नंबरों का नामांकन नही करया फिर आवेदक द्वारा सन् 2019 से जमीन और मुआवजे के लिये प्राधिकरण से लिखा पढी प्रारम्भ हो जाने के बाद तथा स्वत्व स्वामित्व के दस्तावेज अनेकों बार प्रस्तुत करने बाद 18/11/2021 को खसरे में प्राधिकरण के नाम से नामांकन करा लिया गया और तो और प्रधिकरण द्वारा पूर्व में भी आवेदक को नामांतरण के अलग अलग प्रकरण दिये जा चुके हैं।
भ्रामक एवं गलत जानकारी उपलब्ध कराने वाले ग्वा.वि.प्रा. के उन कर्मचारियों तथा अधिकारीयों पर सख्त से सख्त कार्यवाही होना जरूरी है क्योंकि ये वरिष्ठ अधिकारीयों को गलत जानकीरयां उपलब्ध करा कर भ्रमित कर रहे हैं और शायद किसी बडे फर्जीबाडे के राज को छिपाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।










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