G News 24 : टॉय पिस्टल अड़ाकर लूटने वाले चढ़े पुलिस के हत्थे !

 दो वारदातों का हुआ खुलासा...

टॉय पिस्टल अड़ाकर लूटने वाले चढ़े पुलिस के हत्थे !

ग्वालियर। खिलौना पिस्टल अड़ाकर दंपतियों को निशाना बनाकर लूट करने वाले चार बदमाशों को बिजौली थाना पुलिस ने पकड़ा है। पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ के बाद पुलिस ने दो वारदातों का खुलासा कर लिया है। पहली वारदात बिजौली की है तो दूसरी वारदात पिछोर की है। पुलिस अफसरों की माने तो पकड़े गए लुटेरों से पूछताछ में कई अन्य वारदातों का खुलासा हो सकता है। पुलिस ने बदमाशों से वारदात में प्रयुक्त खिलौना पिस्टल, अपाचे बाइक के साथ लूटे गए जेवर वरामद कर लिए है।

एसपी राजेश सिंह चंदेल ने बताया कि बीती 11 दिसम्बर की रात बिजौली थाना क्षेत्र के रतवाई निवासी आकाश बाल्मीक व उसकी पत्नी आरती बाल्मीक पर पिस्टल अड़ाकर बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया था। वारदात का पता चलते ही पुलिस को बदमाशों को पकडऩे का टॉस्क दिया और पुलिस बदमाशों की तलाश कर रही थी कि तभी पिछोर थाना क्षेत्र में भी बदमाशों ने दंपति को निशाना बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। दोनों घटनाओं की जांच के लिए टीआई बिजौली मनीष धाकड़, एएसआई उदयवीर सिंह, मनोज शर्मा, राजीव सोलंकी, प्रधान आरक्षक संजीव यादव, पूरन सिकरवार, आरक्षक विष्णू जाट और मुकेश यादव को लगाया। 

दोनों वारदातों में पुलिस के हाथ एक सुराग मिला था कि वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश अपाचे बाइक से आए थे। इसका पता चलते ही तीन टीमें बनाकर बदमाशों की तलाश शुरू की तो एक बदमाश अपाचे बाइक के साथ हाथ लग गया। इसके हाथ आते ही पूछताछ शुरू की तो इसके अन्य साथियों का सुराग मिला और उन्हें दबोचने के लिए पुलिस टीमें रवाना की और सभी आरोपी पकड़ लिए। 

पुलिस पूछताछ में पता चला है कि पकड़े गए विकास कुशवाह, धर्मेन्द्र कुशवाह, अभिषेक उर्फ चुनमुन कुशवाह और राजेश कुशवाह की पहचान बेलदारी करते हुए हुई थी और बेलदारी करते हुए ही उन्होंने लूट की वारदातों को अंजाम देने के लिए गिरोह बनाया और इस गिरोह को चुनमुन लीड़ कर रहा था। जिस दिलेरी से बदमाश वारदातों को अंजाम देते थे, उससे पुलिस का मानना है कि बदमाशों ने इन दो घटनाओं के अलावा अन्य वारदातों को अंजाम दिया होगा। पुलिस ने पूछताछ के बाद बिजौली व पिछोर में हुई लूट का माल बरामद कर लिया है। 

इस मामले में खास बात यह है कि पकड़े गए लुटेरे सिर्फ वारदात करने के लिए ही आपस में कॉल पर बातचीत करते थे और वारदात के बाद ना तो कॉल करते थे और ना ही बातचीत, इसलिए एक लुटेरा हाथ आया तो पुलिस ने सभी को पकड़ लिया, क्योंकि वह एक दूसरे के कनेक्ट में नहीं थे और अगर वह कनेक्ट होते तो एक के पकड़े जाने पर दूसरे फरार हो जाते।

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