एप्रन में 13 विमान खड़े हो सकेंगे...

1400 यात्रियों की होगी नए एयर टर्मिनल बिल्डिंग की क्षमता 


ग्वालियर l ग्वालियर में  वर्ल्ड क्लास एयरपोर्ट बनने  जा रहा है। राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल का विस्तार होने जा रहा है। एयर टर्मिनल की नई बिल्डिंग की क्षमता 1400 यात्रियों की होगी। अभी वर्तमान में एयरपोर्ट की क्षमता सिर्फ 200 यात्रियों की है। यहां हवाई पट्‌टी पर एयरबस व बड़ी फ्लाइट आसानी से लैंड व टेकऑफ कर सकेंगी। इसके लिए एयरबेस की जरुरत नहीं पड़ेगी। साथ ही, एयर टर्मिनल के नए एप्रन में 3 की जगह अब 13 विमान खड़े हो सकेंगे। यहां वर्ल्ड क्लास वर्कशॉप भी बनेगा। एयर टर्मिनल के विस्तार में 446 करोड़ रुपए खर्च होने जा रहे हैं। अब वह पल आ गया है जब सिविल एयरपोर्ट के विस्तार का शिलान्यास होने जा रहा है। 16 अक्टूबर को केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथ से यह शिलान्यास होना है।

राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल की विस्तार योजना में इसका कायाकल्प हो जाएगा। योजना के अंतर्गत न केवल एयर टर्मिनल में नई बिल्डिंग बनाई जा रही है बल्कि रनवे और एप्रन का भी निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा पार्किंग, टैक्सी-वे के साथ ही एयर टर्मिनल का बाहरी आवरण भी पूरी तरह बदल दिया जाएगा। यहां अब पार्किंग भी बड़ी होगी। इसके अलावा एयर टर्मिनल के बाहर ग्वालियर की विरासत की झलकियां दिखाई जाएंगी। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया विशेष मॉडल पर काम कर रही है। एयर टर्मिनल की नई बिल्डिंग 25 हजार वर्ग मीटर में तैयार होगी। यह केवल 15 माह में बनकर तैयार हो जाएगी, ऐसा अभी दावा किया जा रहा है। इसका निर्माण प्रारंभ हो चुका है। एयर टर्मिनल और एप्रन-वे बनने के बाद एयरपोर्ट पर एक साथ 13 विमान खड़े हो सकेंगे। इनमें 4 छोटे और 9 बड़े विमान भी शामिल होंगे। इतना ही नहीं, पीक आवर्स में यहां 1400 यात्री आ-जा सकेंगे। 

अभी सिर्फ 200 यात्री की क्षमता है। एयरपोर्ट के अधिकारियों के अनुसार राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल की विस्तार योजना दो चरणों में पूरी की जाएगी। इसके लिए 446 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। ग्वालियर एयरपोर्ट की कुल जमीन 172.6 एकड़ है। इसमें से 143.2 एकड़ जमीन आलू अनुसंधान केंद्र की लीज पर एयरपोर्ट विस्तार के लिए दी गई है। इसके बाद ही सिविल एयरपोर्ट का विस्तार संभव हो सका है। एयर टर्मिनल के विस्तार के फर्स्ट फेस में एयरपोर्ट की नई बिल्डिंग बनाने में करीब 240 करोड़ रुपए खर्च होंगे। साथ ही एप्रन वे और टैक्सी-वे के निर्माण में 30.40 करोड़ रुपए खर्च आएगा। एप्रन-वे के निर्माण से यहां एक साथ 13 विमान खड़े हो सकेंगे। जिनमें चार छोटे तो नौ बड़े विमान होंगे। एप्रन वो जगह होती है जहां फ्लाइट खड़ी होती हैं। यहीं से फ्लाइट के अंदर यात्री बैठते हैं। उसके बाद फ्लाइट रनवे पर आकर टेकऑफ करती है। एयर टर्मिनल में 4 नए एयरब्रिज बनाए जा रहे हैं जो सीधे टर्मिनल और एप्रन से जुड़े रहेंगे। इससे यात्री चेकिंग-बोर्डिंग के बाद सीधे फ्लाइट में प्रवेश करेंगे और फ्लाइट से एयरब्रिज के माध्यम से टर्मिनल बिल्डिंग में आ सकेंगे। एयरपोर्ट पर कार पार्किंग की क्षमता 700 कार की होगी। साथ ही सीवर ट्रीटमेंट प्लांट 600 केएलडी का होगा जिससे रोज लगभग 488 केएलडी पानी ट्रीट कर गार्डन व अन्य काम में उपयोग में लिया जाएगा। पावर बैकअप के लिए 1500 केवीए के 3 डीजी सेट लगेंगे l