नृत्य में हुए माँ शक्तिस्वरूपा-महिषासुर का मर्दनी शक्तिस्वरूपा के दर्शन…

नृत्य और संगीत के जरिए दिया समाज को सकारात्मक संदेश 

ग्वालियर l  पांच दिवसीय ग्रीनवुड उद्भव उत्सव के दूसरे दिन हुई क्लासिकल डांस की प्रस्तुतियां l जब-जब धरती पर शुम्भ व निशुम्भ जैसी आसुरी शक्ति का प्रभाव बढ़ता है और समाज को क्षति होती है तब दुर्गारूपी शक्तिस्वरूपा जागृत होती है और इन दुष्टों का संहार करती है। प्रत्येक इंसान में आसुरी और दैवी दोनों ही शक्तियां मौजूद हैं। आवश्यकता है दैवीय शक्ति को जागृत करने की। नृत्य और संगीत के माध्यम से कलाकारों ने जब समाज को इस तरह का संदेश दिया तो पूरा सभागार करतल ध्वनियों से गूंजता रहा। 

यह सुखद सकारात्मक संदेश देने वाला नजारा देखने को मिला ग्रीनवुड उद्भव उत्सव में। पॉच दिवसीय  17वें अंतरराष्ट्रीय डांस एवं म्यूजिक फेस्टिवल के दूसरे दिन सिंधिया कन्या विद्यालय के ऑडिटोरियम में इसका आयोजन किया गया। जहां देश के विभिन्न राज्यों र्से आइं टीमों के लिए क्लासिक केटेगरी, क्लासिक ऑपन केटेगरी, सेमी क्लासिक केटेगरी, सेमी क्लासिक ऑपन एवं फॉक केटेगरी और फॉक ऑपन केटेगरी में स्कूल, कॉलेज व संस्थाओं का नेतृत्व करते हुए अपने क्षेत्र की कला व् संस्कृति का बेहतरीन दृश्य प्रस्तुत किया।