संबल योजना तथा श्रमिक कार्ड में अंतर को लेकर ...

विधायक डाॅ. सिकरवार ने विधानसभा में उठाये कई सवाल


ग्वालियर।
ग्वालियर पूर्व से काॅग्रेस विधायक डाॅ. सतीश सिकरवार ने विधानसभा में आज खानिज विभाग से संबंधित सवाल उठाए और कई जानकारियां मांगी। साथ ही उन्होंने संबल योजना तथा श्रमिक कार्ड में अंतर और खाद्यय मंत्री से जानना चाहा कि बह बताए कि रबी फसल के समर्थन मुल्य पर पंजीयन कि क्या स्थिति है। 

विधायक डाॅ. सतीश सिकरवार ने पूछा कि क्या खानिज साधन मंत्री महोदय यह वताने की कृपा करेंगे कि ग्वालियर पूर्व विधानसभा में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की जून 2022 की स्थिति में कितनी संख्या है। जिनमें पुरूष, महिलाओं की संख्यावार जानकारी दी जावें। वर्ष 2021 एवं जून 2022 में कितने श्रमिक परिवारों की पुत्रियों को विवाह हेतु व्यक्तिगत विवाह एवं सामूहिक विवाह के आयोजन हेतु सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है। नाम, पिता-माता के पते सहित, राशि की संख्या सहित जानकारी दी जावें। क्या वर्ष 2021 के कोरौना काल में भी निर्माण श्रमिकों की पुत्रियों को विवाह हेतु सहायता राशि उपलब्ध कराई गई थी। इस काल में कितने सामूहिक विवाह आयोजित किये गये थे, संख्या सहित पूर्ण जानकारी दी जावें।

खानिज साधन मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने जबाब देते हुए कहा कि ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अंतर्गत माह जून, 2022 की  स्थिति में 9529 निर्माण श्रमिक पंजीकृत है, जिनमें 8274 पुरूष एवं 1255 महिला श्रमिक पंजीब्द्व है। ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में बर्ष 2021 में व्यक्तिगत विवाह हेतू म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण  कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा संचालित विवाह सहायता योजना के अंतर्गत कुल 220 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है, जिसमें प्रत्येक हितग्राही को सहायता राशि रूपये 51000 प्रदाय की गई है जिसकी जानकारी पुस्ताकलय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जून 2022 में ग्वालियर  पूर्व विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कोई भी सामुहिक विवाह आयोजित नहीं किया गया है। 

ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में बर्ष 2021 के कोरोना काल में विवाह सहायता योजना के अंतर्गत कुल 65 निर्माण श्रमिकों की पुत्रियों के लिए विवाह सहायता राशि 51000 प्रति श्रमिक प्रदाय की गई है। इस काल में ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में कोई सामूहिक विवाह आयोजित नहीं किया गया है। विधायक डाॅ. सतीश सिकरवार ने पूंछा कि क्या राजस्व मंत्री यह बताऐंगे कि  जिला, तहसील, मुरैना के ग्राम-जौरा खुर्द के सर्वे क्रमांक 6062 एवं 2069 का बंटवारा प्रकरण क्रमांक 46/2019/2020/अ-27 आदेष दिनांक 23 जून .2020 में स्वीकृत किया गया है आवेदक के हिस्से अनुसार सर्वे,रकबा सहित पूर्ण जानकारी दी जावे। उक्त बटवारा असमान भाग से किया जाकर कुल कितने रकबा को असमान रूप से हिस्तान्तरित किया गया है उक्त के बराबर में खातेदारों की बल्दियत भी बदल दी गई है इस प्रकार इस प्रकरण में स्टाम्प डयूटी की हानि होकर शासन के नियमो का उल्लंघन किया है पूर्ण जानकारी तथ्यों सहित दी जावे। 

उक्त प्रकरण की शिकायतें कब-कब किन किन अधिकारियों शासन के प्रतिनिधियों को की गई शिकायतकर्ताओं के नाम, अधिकारियों के नाम सहित जानकारी दी जावे । क्या शासन निर्धारित स्टाम्प डयूटी में असत्य प्रमाण जुटाकर की गई कार्यवाही की जाॅच कर जिम्मेदार कर्मचारी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करेगा यदि हाॅ तो कब तक समय सीमा बताई जावे । राजस्व मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने जबाब देते हूये कहा कि तत्कालीन तहसीलदार तहसील मुरैना नगर द्वारा ग्राम जौराखुर्द के प्रकरण क्रमांक 46/2019/2020W-27 में तत्कालीन पटवारी द्वारा फर्द बटवारा के अनुसार जौराखुर्द के सर्वे क्रमांक 2062 एवं 2069 का बंटवारा आदेश दिनांक 23 मई 2020 द्वारा स्वीकृत किया गया है । 

उक्त बंटवारा न्यायालयीन प्रक्रिया अंतर्गत उभयपक्षों को सुनवाई का समुचित अवसर दिया गया है। प्रश्नांकित सर्वे क्रमांक 6062 का कोई बंटवारा नहीं किया गया है। उक्त बंटवारा प्रकरण की शिकायत शिकायतकर्ता उदयवीर सिंह सिकरवार तत्कालीन जिला उपाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी मुरैना द्वारा आयुक्त चंबल संभाग मुरैना को की गई थी। विधायक डाॅ. सतीश सिकरवार ने खाद्यय मंत्री से पूंछा कि वह बताए कि  किसानों द्वारा गेंहू, चना, सरसों, मूंग, अरहर, के समर्थन मूल्यों पर किन-किन जिलो के अनाज बार संख्या की जानकारी दें और उक्त सम्भाग के किस-किस जिले में कितनी शासन की मान्य संस्थाओं, सहकारी, समितियों पर जून 2022 तक कितनी खरीद की गई है गेंहू, चना, सरसों सहित अन्य फसलों की मात्रा सािहत पूर्ण जानकारी दी जावे।  क्या शासन द्वारा अनुमानित मात्रा में जून 2022 तक समर्थन मुल्य पर खरीद हो सकी है अनुमान के अनुरूप खरीद नहीं होने के क्या कारण रहे। जिन कारणों  से खरीद नहीं हो सकी है शासन उन कारणों के समाधान का किस प्रकार से प्रयास करेगा पूर्ण जानकारी दी जावे।

खाद्य्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने जबाव देते हूए कहा कि रवि विपणन बर्ष 2022-23 में खूले बाजार में गेंहू के मूल्य समर्थन मूल्य से अधिक होने के कारण विगत बर्षों की तुलना में समर्थन मूल्य पर उपार्जन अपेक्षाकृत कम हूआ है। ग्वालियर एवं चंबल संभाग में ऐसे पंजीकृत किसान जो अपनी एफ.ए.क्यू गुणवत्ता का गेंहूँ विक्रय करने उपार्जन केन्द्र पर पहुंचे उन सभी किसानों उनकी उपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी हेतू 4 अप्रेल 2022 से 4 मई 2022 तक अवधि निर्धारित की गई थी इस अवधि में थी। इस अवधि में  जो किसान अपनी उपज का विक्रय नहीं कर पाये उन्हे समुचित अवसर प्रदान करने के लिये उपार्जन अवधि में 31 मई 2022 तक वृद्धि की गई। इस अवधि में समर्थन मूल्य पर चना का उपार्जन विगत वर्ष की तुलना में लगभग चार गुना अधिक किया गया। इसके अलावा कई सबाल उठाए।