38 प्रॉपर्टी बेचने के लिए एलओआई जारी ....

कर्ज में डूबी सरकार 133 सम्पत्तियां बेचेगी, इसमें कई बस डिपो शामिल


भोपाल। करीब 3 लाख करोड़ से ज्यादा के कर्ज वाली मध्यप्रदेश सरकार विभिन्न विभागों के आधीन 133 प्रॉपर्टी बेच रही है. यह संपत्ति लोक परिसंपत्ति विभाग के माध्यम से बेची जा रही है. इसमें से 38 प्रॉपर्टी बेचने के लिए एलओआई जारी कर दी गई है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से दी गई है.

यह पूछा था नेता प्रतिपक्ष नेः विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने सवाल पूछा था कि प्रदेश और प्रदेश के बाहर कहां-कहां कितने मूल्य की परिसंपत्तियां मौजूद हैं. इनके रखरखाव और मरम्मत के लिए शासन के ओर से क्या व्यवस्था की गई है. शासन की ओर से क्या व्यवस्था की गई है। शासन किन किन संपत्तियों को ऑनलाइन निविदा के जरिए बेचा गया है और इसे बेचने पर कितनी राशि प्राप्त हुई है. 

यह मिला सीएम की तरफ से जवाबः जवाब में मुख्यमंत्री की तरफ से बताया गया कि लोक परिसंपत्ति विभाग के स्वामित्व की कोई परिसंपत्ति नहीं है. विभाग के पोर्टल पर जिलों और विभागों द्वारा अपलोड की गई अनुपयोगी परिसंपत्तियों का यथोचित प्रबंधन किया जाता है. विभाग 133 संपत्तियां बेच रहा है. इनमें से 38 प्रॉपर्टी बेचने के लिए एलओआई जारी की जा चुकी है. इसमें बस स्टेंड, दफ्तर, सहकारिता विभाग की भूमि, राजस्व भूमि और शहरी इलाकों में मौजूद दफ्तरों की भूमि शामिल है. इसमें गुना का बस डिपो और भवन, राजगढ़ ब्यावरा बस डिपो, नरसिंहपुर बस डिपो, बुकिंग ऑफिस सुवासरा, मंदसौर, खुली भूमि, डबरा बस डिपो, मंत्रालय गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित, सनखेडी, भोपाल, लोक निर्माण विभाग का विश्राम गृह, इटारसी, होशंगाबाद सहित 38 संपत्तियां शामिल हैं.