सात दिनों में दो हजार लोगों ने देखी…

 ऊर्जामंत्री के आतिथ्य में हुआ ''अंतर यात्री महापुरुष : द वॉकिंग गॉड'' का समापन


ग्वालियर। शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म ''अंतर यात्री महापुरुष : द वॉकिंग गॉड'' का 19 से 25 तक ग्वालियर नई सड़क स्थित कैलाश सिनेप्लेक्स में दिखाया गया। गुरुवार को इस फिल्म का समापन व सम्मान समारोह मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश शासन के ऊर्जामंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के आतिथ्य में आचार्य प्रसन्न सागर अंतर्मना गुरुभक्त परिवार व आचार्य विद्यासागर भक्त परिवार ग्वालियर के तत्वावधान में किया गया। सात दिवसीय फिल्म में दो हजार लोगो ने देखी। जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि अन्तर्यात्री महापुरुष दा वाकिग फिल्म का सपमान कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ऊर्जामंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, विशिष्ट अतिथि चेम्बर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष डॉ वीरेंद्र गंगवाल एवं चेम्बर ऑफ कॉमर्स के मानवसेवी सचिव डॉ प्रवीण अग्रवाल ने आचार्य विद्या सागर महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। डॉ व्ही.के.डी जैन ने आचार्य विद्या सागर महाराज का जीवन परिचय दिया। 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का सम्मान माला दुपट्टा एवं शॉल ओढ़कर सम्मान अंतर्मना गुरुभक्त परिवार के डॉ व्ही, के, डी जैन, अजित कासलीवाल, मयंक पांड्या, प्रियांक सोनी (चुन्नू), राजेश पाटौदी, अनिल पाटौदी, रतन अजमेरा ने सम्मानित किया। इस मौके पर विकास गंगवाल, राजेन्द्र जैन, प्रवीण गंगवाल, पुरुषोत्तम जैन, बालचंद्र जैन, विनय कासलीवाल, आदि मौजूद थे। समापन कार्यक्रम में ऊर्जामंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, डॉ वीरेन्द्र गंगवाल प्रवीण अग्रवाल ने अन्तर्यात्री महापुरुष फिल्म में सहयोग करने वाले डॉ व्ही.के.डी जैन, प्रशांत गंगवाल, प्रियांक सोनी, मयंक पांड्या, रतन अजमेरा, अनिल पाटौदी, विवेक चौधरी, अजित कासलीवाल, प्रवक्ता सचिन जैन, पंकज बाकलीवाल, राजेश पाटौदी, डॉ अशोक जैन, डिंपल जैन, सतेंद्र जैन,एवं अंतर्मना महिलाओ को सम्मान प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। 

आभार प्रवीण गंगवाल, संचालन मयंक पांड्या ने किया। आचार्य विद्यासागर महाराज जीवन गाथा अन्तर्यात्री महापुरुष दा वाकिग फिल्म ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने देखी। आखरी दिन फिल्म देखने पहुचे जैन समाज मे इतना उत्साह था कि कैलाश सिनेप्लेक्स पर प्रात: 9:30 बजे के शो के लिए प्रात: 9 बजे से ही तांता लगने लगा! आचार्य फिल्म की अलग अलग प्रसंग देखकर सेकडो पुरुष व महिला बच्चो ने अपने जीवन को किया धन्य, गूँजे जयकारे। जैन संत विद्यासागर का जन्म कर्नाटक के बेलगांव जिले के गाँव चिक्कोड़ी में आश्विन शुक्ल पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा), विक्रम संवत्‌ 2003 यानि सन 1947 को हुआ था। मल्लप्पा अष्टगे तथा श्रीमती अष्टगे के आंगन में जन्मे विद्याधर (घर का नाम पीलू) को आचार्य श्रेष्ठ ज्ञानसागर महाराज का शिष्यत्व पाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। 

राजस्थान की ऐतिहासिक नगरी अजमेर में आषाढ़ सुदी पंचमी विक्रम संवत्‌ 2025 को लगभग 22 वर्ष की आयु में संयम धर्म के परिपालन के लिए उन्होंने पिच्छी कमंडल धारण करके मुनि दीक्षा धारण की थी। नसीराबाद (अजमेर) में गुरुवर ज्ञानसागर ने शिष्य विद्यासागर को अपने करकमलों से मृगसर कृष्णा द्वितीय संवत्‌ 2029 को संस्कारित करके अपने आचार्य पद से विभूषित कर दिया और फिर आचार्य विद्यासागर के निर्देशन में समाधिमरण के लिए सल्लेखना ग्रहण कर ली। फिल्म में आचार्य विद्यासागर की भूमिका को विवेक आनंद मिश्रा, वहीं उनके माता की भूमिका किशोरी शहाणे विज व पिता मल्लप्पा की भूमिका में अभिनेता गजेंद्र चौहान। इनके अलावा आचार्य ज्ञानसागर के रुप में दिवंगत बलदेव त्रेहान, कृष्णा भट्ट, हार्दिक मिश्रा, अर्जुन, सुधाकर शर्मा, मिलिंद गुणाजी और गुफी पेंटल भी इस बायोपिक में नज़र आएं। गीतों को प्रसिद्ध गायक अमित कुमार, अनूप जलोटा, अनुराधा पौडवाल, साधना सरगम, रामशंकर, पामेला जैन, सलोनी जैन, अरविंदर सिंह, सतीश देहरा, देव राठौड़ और शैलेष श्रीवास्तव ने गाया है।