पुण्यतिथि पर भारतरत्न अटलबिहारी वाजपेयी को भूली भाजपा...

अटल जी को डा.शोभा सतीश सिंह सिकरवार ने किये श्रद्धा सुमन अर्पित



ग्वालियर। ग्वालियर को विश्व पटल पर पहचान दिलाने वाले सदी के इस महानायक और अजातशत्रु भारतरत्न अटलबिहारी वाजपेयी को उसकी अपनी संस्था ने भुला दिया। आज समूचा शहर उन्हें उनकी पुण्य तिथि पर याद करते हुए अपने श्रद्धा  सुमन अर्पित कर रहा था वही अटलजी की पुण्यतिथि पर इस शहर के भाजपा नेता अटलजी को पुष्पांजलि देना भूल गए।

दरअसल मंगलवार को देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारतरत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि है, इस मौके पर ग्वालियर के कमल सिंह के बाग में स्थित पैतृक निवास पर सन्नाटा पसरा हुआ है। इसको लेकर अटल जी की भतीजी कांति मिश्रा ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा है कि आज पूरे देश भर में अटल जी की पुण्यतिथि को मनाया जा रहा है, लेकिन दुर्भाग्य है कि जिस भाजपा के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया उस पार्टी की तरफ से कोई भी नेता पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए उनके घर नहीं पहुचा।

हालांकि इस शहर में पूर्व सांसद नारायण कृष्ण शेजवलकर और माधवशंकर इंदापुरकर के जन्मदिन और पुण्यतिथि को भव्यता के साथ साल-दर-साल मनाए जाने की परम्परा किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में यह सवाल खड़े होना लाजमी है कि जिस ग्वालियर को अटल बिहारी वाजपेयी के गृह नगर के नाम से जाना जाता है, उस शहर में अटलजी के सियासी दल द्वारा उनकी पुण्यतिथि को भुला देना। देश ही नहीं विश्व भर में शर्मसार करने वाली घटना है।

वहीं  अटलजी की विरोधी सियासी पार्टी कांग्रेस के विधायक डाक्टर सतीश सिंह सिकरवार और शहर की महापौर डाक्टर शोभा सिकरवार के अलावा जिला अध्यक्ष डाक्टर देवेन्द्र शर्मा उनके पैतृक निवास जाकर श्रद्धाजंलि अर्पित की और यहां के स्थानीय भाजपा सांसद ने इस भूल पर अफसोस का इजहार करने की वजाय  यह कहकर अपना पल्ला झाड़ने का प्रयास किया  कि हमने अटल जी को भुलाया नहीं है, बल्कि अटल जी की पुण्यतिथि पर हर साल होने वाला कार्यक्रम इस बार सुबह की जगह शाम को कर दिया गया है। भाजपा ने उनकी याद में शाम को कार्यक्रम आयोजित किया है।

खास बात तो यह रही कि ग्वालियर के जिस वार्ड में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का पैतृक निवास है, वहां के पार्षद भाजपा नेता रवि तोमर हैं, लेकिन उन्होंने भी अटलजी के निवास पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित करने की जहमत नहीं उठाई। इस बात को लेकर अटलजी की भतीजी कांति मिश्रा ने स्थानीय पार्षद रवि तोमर को भला-बुरा कहते हुए कहा कि “आज सबसे पहले इस वार्ड के पार्षद की जिम्मेदारी है कि वह घर पर आकर अटल जी को पुष्पांजलि अर्पित करें, लेकिन शायद ऐसा लग रहा है कि ग्वालियर में भाजपा और उनके नेता अटल जी को भूलते ही जा रहे हैं। कांति ने कहा कि जब अटल जी की अपनी पार्टी के बड़े क्षत्रप ही उन्हें भूल रहे हैं, तो दीगरों से क्या उम्मीद की जाए।

अटल जी के घर के पास रहने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि, “आज पूरा मोहल्ला अटल जी को याद करता है और उनकी पुण्यतिथि पर सभी लोग घर पर पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य है कि आज भाजपा की तरफ से कोई भी नेता उनके घर नहीं पहुंचा, जबकि कांग्रेस के जिला अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा अटल जी के घर पुष्पांजलि अर्पित करने पहुंचे।” देवेंद्र ने कहा कि, “भाजपा पार्टी और उनके नेता मतलबी है, अगर आज कोई चुनाव होता तो सभी नेता वोट की खातिर अटल जी के नाम पर सियासत करते दिखाई देते।”

इकलौते पूर्व प्रधानमंत्री जिनकी मंदिर में होती है पूजा

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था, लेकिन उनका बचपन ग्वालियर के कमल सिंह के बाग में गुजरा था। उन्होंने प्राथमिक और स्नातक की शिक्षा भी ग्वालियर से हासिल की थी। राजनीतिक कैरियर की शुरुआत भी ग्वालियर से हुई थी। इसलिए ग्वालियर से जुड़ी यादें और उनकी कार्यशैली को लोग आज भी याद करते हैं। ग्वालियर से उनका खास नाता रहा है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि, पूरे देश भर में इकलौते प्रधानमंत्री के रूप में उनकी आज भी पूजा की जाती है। यहां उनका मंदिर स्थापित है। सुबह शाम उनकी आरती उतारी जाती है।