मूसलाधार बारिश ने चिता को ही डूबा दिया…

मुक्तिधाम न होने पर बरसात में तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार करने को मजबूर


मुरैना। रामपुर क्षेत्र के बामसोली पंचायत के कोल्हूडांडा गांव में आज तक मुक्तिधाम का निर्माण नहीं कराया जा सका है। जिसकी वजह से ग्रामीणों को किसी का निधन होने पर खुले में ही अंतिम संस्कार करना पड़ता है। लेकिन बरसात में यहां अंतिम संस्कार करना किसी मुसीबत से कम नहीं हैं। मंगलवार की सुबह एक बुजुर्ग महिला के गांव में निधन होने के बाद उसका अंतिम संस्कार गांव में खाली पड़ी जमीन पर करना पड़ा। जहां बारिश से बचने के लिए ग्रामीणों ने चिता पर तिरपाल भी लगाई। लेकिन बरसात का पूरा पानी इस जगह पर आकर जमा हो गया। जिससे यह पूरी चिता ही पानी के डूब में आ गई। जैसे तैसे जलभराव के बीच ही ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार किया। उल्लेखनीय है कि बामसोली पंचायत के कोल्हू डांडा गांव में अभी तक मुक्तिधाम का निर्माण नहीं कराया गया है। जिससे यहां के ग्रामीणों को खासी परेशानी उठानी पड़ती है। 

मंगलवार को गांव की 63 साल की सावित्री जाटव का निधन हो गया। जिस पर स्वजन व ग्रामीण उसका अंतिम संस्कार करने के लिए गांव के पास ही एक खाली पड़ी जमीन पर लेकर गए। जहां चिता को तैयार कर दिया गया। आसमान में काले बादल मंडरा रहे थे। जिस पर ग्रामीण यहां तिरपाल का भी इंतजाम करके गए। जैसे तैसे इस चिता को आग के हवाले किया गया। इसी बीच बूंदाबांदी शुरू हो गई। जिस पर ग्रामीणों ने अपनी तिरपाल यहां लगा ली। जिससे आग जलती रहे। लेकिन कुछ देर में ही तेज बारिश शुरू हो गई। जिसके बाद इस तिरपाल को पकड़ना भी मुश्किल हो गया। लगभग आधा घंटे में ही इस जगह पर घुटनों तक पानी भर गया। वहीं यह जलती हुई चिता भी इस डूब में आ गई। इसके बाद इसी जलभराव के बीच ही ग्रामीणों ने बुजुर्ग सावित्री जाटव का अंतिम संस्कार जैसे तैसे किया। बामसोली पंचायत में आठ दिन के भीतर यह दूसरा मामला दर्ज है। दरअसल पंचायत के अठैयापुरा गांव के रहने वाले युवक जगदीश रावत का सड़क हादसे में निधन हो गया। जिस पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। 

लेकिन यहां का मुक्तिधाम पिछली साल क्वारी नदी में आई बाढ़ में बह गया। जिसके बाद ग्रामीणों को खुले में ही तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार करना पड़ा था। जिस पर ग्रामीणों ने एक साल बाद भी मुक्तिधाम न बनाए जाने पर आक्रोश भी व्यक्त किया था। अब इसी पंचायत के कोल्हूडांडा में भी मुसीबतों के बीच लोगों ने अंतिम संस्कार किया है। कोल्हू डांडा गांव के ग्रामीणों ने बुजुर्ग सावित्री के अंतिम संस्कार में आए बरसात के व्यवधान के बाद सबलगढ़ विधायक बैजनाथ कुशवाह के नाम आवेदन दिया। जिसमें गांव में मुक्तिधाम निर्माण कराने की मांग रखी गई। जिसमें बताया कि यहां ग्रामीण पंचायत में कई बार शमसान बनाने की मांग कर चुके हैं। लेकिन अभी तक सुनवाई यहां पंचायत के सरपंच व सचिव द्वारा नहीं की गई है। जबकि हर साल ही इस तरह की परेशानी का सामना ग्रामीणों को करना पड़ता है। इसलिए यहां मुक्तिधाम का निर्माण कराया जाए।