चार दिवसीय इस उत्सव में भागीदारी निभाएंगी ग्वालियर-चंबल अंचल की साहित्यिक संस्थाएं 

अंतरराष्ट्रीय ग्वालियर साहित्य उत्सव में शिरकत करेंगे देश-विदेश के जाने-माने साहित्यकार एवं रचनाकार 


ग्वालियर। उद्भव सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान, अखिल भारतीय साहित्य संस्थान एवं सेंट्रल अकेडमी ग्वालियर के संयुक्त तत्वावधान में 27 से 30 अगस्त तक चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ग्वालियर साहित्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन की तैयारियों को लेकर नई सड़क स्थित विवेकानंद सभागार में कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक श्रीधर पराडकर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। 

बैठक में ग्वालियर-चंबल संभाग की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान मुख्य संरक्षक श्री पराडकर ने कहा कि ग्वालियर साहित्य उत्सव शहर के लिए एक बड़ी सौगात होगी। 

यहां देश-विदेश के जाने-माने साहित्यकार, शिक्षाविद एवं रचनाकार शब्दों के सतरंगी संसार से आमजन को रू-ब-रू कराएंगे। इस आयोजन से ग्वालियर के साहित्य एवं स्थानीय साहित्यकारों को नई पहचान मिलेगी। उद्भव के अध्यक्ष डॉ. केशव पाण्डेय ने कहा कि उद्भव हमेशा अव्वल दर्जे के कार्यक्रम आयोजित करती आई है। साहित्य उत्सव का यह प्रथम आयोजन है। ऐसे में हम सब की जिम्मेदारी बनती है कि आयोजन को भव्यता प्रदान करने के लिए तन-मन से जुट जाएं और अपना शत् प्रतिशत योगदान देने का हर संभव प्रयास करें। 

इस दौरान ग्वालियर साहित्य संस्थान के भगवान स्वरूप चैतन्य, गीतायान के घनश्याम भारती, मध्य भारत हिन्दी साहित्य सभा के डॉ. कुमार संजीव, पंजाबी साहित्य अकादमी की नीरू सिंह ज्ञानी, पाठक मंच की संयोजक डॉ. मंजूलता आर्य, मधुर मराठी मंच के अशोक शिरोणकर, संगम संस्था के अमित चितवन, स्वर श्रृंगार की संध्या प्रमोट बापट, संस्कार मंजरी की नीलम गुप्ता एवं साहित्यान संस्था के राजेश अवस्थी लावा ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए साथ ही उत्सव की सफलता के लिए हर संभव सहयोग करने का संकल्प लिया। संचालन उद्भव संस्था के सचिव दीपक तोमर ने तथा आभार व्यक्त सुरेंद्र पाल सिंह कुशवाह ने किया। इस मौके पर धीरज शर्मा, दिलीप मिश्रा, राजेंद्र मुदगल, भूपेंद्र कस्तूबे एवं जगदीश गुप्त विशेष रूप से मौजूद थे।