करीब 21 ग्राम पंचायतों को मिलाकर गठित की साड़ा क्षेत्रीय समिति…

किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट हो किसान : यादव

ग्वालियर। केंद्र व राज्य सरकारें दिन प्रतिदिन किसान विरोधी नीतियों को लागू कर रही है। इसके खिलाफ़ किसान बिरादरी को एकजुट होना होगा। उक्त आव्हान मध्यप्रदेश किसान सभा के राज्य सचिव अखिलेश यादव ने साड़ा क्षेत्रीय समिति के सम्मेलन के अवसर पर पर किया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आज स्टोन पार्क के पास पुरानी छावनी से तिघरा तक कि करीब 21 ग्राम पंचायतों को मिलाकर साड़ा क्षेत्रीय समिति का गठन किया गया। गुरदीप सिंह की अध्यक्षता में शुरू हुए सम्मेलन में साड़ा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। 

जिसमे सनखोड़ा नाले पर बांध का निर्माण, किसानों को पर्याप्त बिजली आपूर्ति, खाद की कालाबाजारी, साड़ा द्वारा किसानों से अधिग्रहित भूमि का वर्तमान बाजार दर से भुगतान, आवारा जानवरो की रोकथाम, एवम तिघरा नहर को पुनः शुरू किया जाने के प्रस्ताव पास किया गए। इसके साथ ही अग्निपथ के खिलाफ भी प्रस्ताव पारित किया गया। एवम इन मुद्दों को लेकर 17 अगस्त को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 14 अगस्त की शाम से रात्रि 12 बजे तक आजादी का जश्न मनाये जाने का भी निर्णय हुआ था। इसके साथ ही गांव गांव में संगठन की सदस्यता अभियान चलाकर प्रत्येक गांव में किसान समितियां बनाई जाएगी। 

सम्मेलन में सर्व सम्मति से 22 सदस्यीय कार्यकारिणी का चुनाव भी किया गया जिसमें प्रीतम सिंह को अध्यक्ष, सिध्देश्वर शर्मा को महासचिव, गुरदीप सिंह, रसीद खान, अमजले खान, राजकुमार सिंह राजपूत, उपाध्यक्ष तथा सह सचिव प्रकाश यादव, अंगद सिंह बघेल, मातादीन धनावत, गुरदीप सिंह संधू, कोषाध्यक्ष तलविंदर चुने गए। इसके अलावा शिवचरण सिंह पटेल, सतनाम सिंह, श्याम सिंह, अवतार सिंह, राधेश्याम यादव, सुरेश कुशवाह, भूपेन्द्र सिंह गुर्जर, समीर सिंह, भज्जू खान, कार्यकारिणी सदस्य चुने गए। सम्मेलन का संचालन किसान सभा के नेता रामबाबू जाटव ने किया।