Sri Lanka में नहीं थम रहा बवाल…

पीएम ऑफिस के बाद अब स्पीकर हाउस के बाहर डटे प्रदर्शनकारी

श्रीलंका में हालात गंभीर होते जा रहे हैं। राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के मालदीव जाने के बाद जनता और आक्रोषित हो गई है और विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। बड़ी संख्या में बुधवार को प्रदर्शनकारी पीएम हाउस में घुस गए थे। अब प्रदर्शनकारियों ने स्पीकर हाउस के बाहर डेरा डाला हुआ। कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने बुधवार को हालात बेकाबू होते देख देश में इमरजेंसी लगाने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही पश्चिमी प्रांत में कर्फ्यू भी लगा दिया गया। इस बीच यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने श्रीलंका के सभी पार्टियों के नेताओं से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक परिवर्तन के लिए समझौते की भावना को अपनाने की अपील की। 

यूएन महासचिव ने कहा कि पहले श्रीलंका के हालात को पर गहरी नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि संघर्ष के मूल कारणों और प्रदर्शनकारियों की शिकायतों का समाधान किया जाए।" वहीं यह खबर भी आ रही है कि राजपक्षे अब सिंगापुर भागने की फिराक में हैं। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे माले से सिंगापुर जाने वाली सिंगापुर एयरलाइंस की निर्धारित उड़ान से नहीं जाएंगे। डेली मिरर ने सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि राजपक्षे की अपनी पत्नी इओमा राजपक्षे और दो सुरक्षा अधिकारियों के साथ रात को एसक्यू 437 (SQ437 )पर माले से सिंगापुर के लिए रवाना होने की उम्मीद थी, लेकिन सुरक्षा मुद्दों के कारणों से वे विमान में नहीं चढ़ पाए। मालदीव मीडिया के मुताबिक संकटग्रस्त राष्ट्रपति के लिए एक निजी विमान की व्यवस्था करने पर बातचीत चल रही है। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और उनकी पत्नी ने बुधवार को श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय की पूर्ण मंजूरी के बाद कटुनायके अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से दो अंगरक्षकों के साथ मालदीव के लिए उड़ान भरी थी। 

वे 13 जुलाई 2022 को सुबह-सुबह वायुसेना की एक फ्लाइट में गए थे। राजपक्षे के देश से भाग जाने के बाद पीएम रानिल विक्रमसिंघे ने बुधवार को अस्थायी अवधि के लिए कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। बता दें 20 जुलाई को संसद द्वारा नए राष्ट्रपति का चुनाव किया जाना है। श्रीलंका अपनी स्वतंत्रता के बाद से सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, जिसके कारण राजपक्षे को राष्ट्रपति पद से हटाने की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। शनिवार (9 जुलाई) को हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति आवास पर धावा बोल दिया था लेकिन राजपक्षे उससे पहले ही वहां निकल गए थे।