कांग्रेस ने लगाया ऑपरेशन लोटस का आरोप…

झारखंड कैश कांड में 3 विधायकों समेत 5 अरेस्ट

पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में शनिवार को कांग्रेस के तीन विधायकों को 48 लाख कैश के साथ पकड़ा गया था। हावड़ा पुलिस ने मामले में तीनों विधायकों समेत एसयूवी के ड्राइवर और एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। हावड़ा की SP स्वाति भंगालिया ने बताया कि पांचों कों आज कोर्ट में पेश किया गया। तीनों को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। उधर, झारखंड कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने बताया कि तीनों कांग्रेसी विधायकों को सस्पेंड कर दिया गया है। इरफान अंसारी (जामताड़ा), राजेश कच्छप (खिजरी) और नमन विक्सल कोंगाड़ी (कोलेबिरा) के खिलाफ रांची के अरगोड़ा थाने में FIR दर्ज कराई गई है। कांग्रेस के बेरमो विधायक अनूप सिंह उर्फ कुमार जयमंगल सिंह ने रविवार को सुबह 11 बजे प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर के साथ अरगोड़ा थाने में तीनों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। जयमंगल ने आरोप लगाया कि तीनों विधायक कोलकाता के रास्ते गुवाहाटी जाने वाले थे। जहां उनकी मुलाकात असम के CM हेमंत बिस्व सरमा से होनी थी। इन्हें सरकार गिराने के बाद 10 करोड़ रुपए और मंत्री पद ऑफर किया गया था। 

हालांकि सरमा ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा- मैं कांग्रेस में 22 साल रहा। कई टॉप नेताओं से बातचीत होती रहती है। हालांकि, पार्टी ने पहले बयान दिया था कि भाजपा का ऑपरेशन लोटस बेनकाब हो गया है। झारखंड में भाजपा विपक्ष में है और झारखंड मुक्ति मोर्चा सबसे बड़ी पार्टी है। उसने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई है। उधर, इन विधायकों में से एक के करीबी ने कहा है कि 40-50 लाख रुपए में सरकार नहीं गिराई जा सकती है। पुलिस ने अभी कैश के सोर्स का खुलासा नहीं किया है। कुछ रिपोर्ट्स में कांग्रेस सूत्रों के हवाले से ही दावा किया जा रहा है कि इस कैश का असम कनेक्शन है। इतना ही नहीं कुछ दिन पहले ही झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JPCC) के एक पूर्व अध्यक्ष की असम के एक कद्दावर बीजेपी नेता से मुलाकात हुई थी। यह बैठक दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल के बंद कमरे में हुई थी। उस मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेता के बेटे भी उनके साथ थे। पार्टी सूत्रों का दावा है कि मीटिंग के बाद से कांग्रेस नेता ने खामोशी से अपनी बिसात बिछाई। उसमें प्राथमिक तौर पर कांग्रेस के पांच विधायक शामिल हुए। उनमें से तीन शनिवार देर रात कोलकाता पुलिस के हत्थे चढ़ गए। 

हावड़ा सिटी पुलिस के डीसीपी साउथ प्रतीक्षा झाखरिया ने बताया कि शनिवार को विधायक राजेश कच्छप, नमन विक्सेल कोंगारी और इरफान अंसारी फॉर्च्यूनर में जा रहे थे। जानकारी मिली थी कि पंचला थाना क्षेत्र के रानीहाटी में NH-16 से निकल रही फॉर्च्यूनर में बड़ी मात्रा में कैश है। नाकेबंदी कर हमने गाड़ी रोकी तो जानकारी सही निकली। गाड़ी में नोटों के बंडल थे। काले रंग की फॉर्च्यूनर बोकारो के किसी नईम अंसारी के नाम से रजिस्टर्ड है, लेकिन उसके आगे विधायक जामताड़ा का बोर्ड लगा हुआ है। गाड़ी गुवाहाटी से बंगाल की तरफ आ रही थी। गाड़ी में कैश मिलने को लेकर बंगाल पुलिस को पहले से इनपुट मिला था। यह इनपुट झारखंड और दिल्ली से मिला था, जिसके बाद बंगाल पुलिस हरकत में आई। हालांकि, कैश की रिकवरी को लेकर अभी तक तीनों में से किसी विधायक ने यह साफ नहीं किया कि इसका सोर्स क्या है। अंसारी ने इसे कलेक्शन का पैसा बताया, लेकिन कितना और किस कलेक्शन का पैसा है यह नहीं क्लियर कर पाए। देर रात तक हिरासत में लेकर तीनों से पूछताछ की जा रही थी। वहीं, नोटों को गिनने के लिए मशीन मंगाई गई थी। 

कैश रिकवरी के बाद झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेपीसीसी) अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि यह झारखंड सरकार को अस्थिर करने की साजिश है। आने वाले समय में चीजें और स्पष्ट होंगी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में पिछले महीने उद्धव ठाकरे सरकार के पतन के साथ जो राजनीतिक उठापटक समाप्त हुई है। कुछ वैसी ही तस्वीर झारखंड में भी बनाने की कोशिश की जा रही है। दरअसल, राष्ट्रपति चुनाव के बाद महागठबंधन खेमे में हुई क्रॉस वोटिंग के बाद से ही कांग्रेस विधायकों पर शक था। राज्य में कांग्रेस के 18 विधायक हैं। कांग्रेस के समर्थन से झामुमो के हेमंत सोरेन की सरकार चल रही है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने इसको लेकर पार्टी के विधायकों के साथ वन टू वन मीटिंग भी की थी। उन्होंने कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम से इस संबंध में रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया था। पांडे ने यह भी साफ कहा कि क्रॉस वोटिंग करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। हावड़ा में झारखंड के जिन तीन कांग्रेस विधायकों की गाड़ी से बड़ी मात्रा में कैश मिला है, उनमें जामताड़ा के इरफान अंसारी, रांची जिले के खिजरी से राजेश कच्छप और सिमडेगा जिले के कोलेबिरा से नमन विक्सेल कोंगाड़ी के नाम शामिल हैं।