आजाद जी ने कभी भी अंग्रेजों की गुलामी स्वीकार नहीं की…

मां भारती के वीर सपूत चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर किए श्रद्धा सुमन अर्पित

ग्वालियर। चंद्रशेखर आजाद जी की जयंती के उपलक्ष में और पार्षद एवं समाजसेवी राजन जैन के निवास पर एक विचार गोष्ठी का किया गया। गोष्ठी में वीर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जीवन पर,उनके आचार विचार और उनके आजादी के लिए दिए गए योगदान और बलिदान पर गोष्ठी में शामिल लोगों के द्वारा अपने व्यक्त विचार व्यक्त किए हैं। 

वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में कहा कि वीर शहीद आजाद के जीवन से युवाओं को सदैव प्रेरणा मिलती है। चंद्रशेखर आजाद जी ने कभी भी अंग्रेजों की गुलामी स्वीकार नहीं की और मां भारती के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। वे आज भी विचारों के रूप में हम सबके बीच  है  हम सब युवाओं का एक ही लक्ष्य होना चाहिए कि इनके विचारों पर चलकर देश की सेवा करें इसी तरह समाज सुधारक बाल गंगाधर तिलक जी ने कई  बुरी प्रथाओं पर रोक लगाई शिक्षा देश के लिए उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा ऐसे समाज सुधारक को शत-शत नमन। 

हमे इन महान लोगों के जीवन से प्रेरणा लेकर हम सब को आगे बढ़ना होगा इस अवसर पर कार्यक्रम में पूर्व पार्षद राजेंद्र जैन ,लक्ष्मी नारायण प्रजापति,रवि यादव, नासिर खान, एडवोकेट दिनेश सविता ,रविंद्र वर्मा, रशीद खान, एडवोकेट विनोद दिक्षित  रमेश बाथम,हरविलास त्यागी, छोटू उमरिया आदि कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।