अब तक 45 लोग गिरफ़्तार...

'अग्निपथ' पर उपद्रव करने वालों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी !

ग्वालियर। 'अग्निपथ' योजना के विरोध में रेलवे ट्रैक जलाने और तोड़फोड़ करने वाले युवाओं का फ्यूचर खतरे में पड़ सकता है। इनके लिए सेना के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो सकते हैं। इन युवाओं के भविष्य को लेकर मध्यप्रदेश पुलिस के रिटायर्ड स्पेशल डीजी शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे प्रदर्शनों से युवा अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं। विरोध के नाम पर रेलवे ट्रैक बाधित करना, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, ये तो जीवन को खतरे में डालने वाले आत्मघाती कदम हैं। इससे भविष्य अंधकार में जाने वाला है। वायलेंस कभी भी सही रिजल्ट नहीं देता, इसका परिणाम हमेशा गलत ही आता है। जो लोग विरोध के नाम पर उपद्रव कर रहे हैं, वे सेना तो क्या, किसी भी सरकारी नौकरी में जाने के लायक नहीं रहेंगे। ऐसे युवाओं के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई होगी। इनकी गिरफ्तारी होगी। पुलिस इन्हें बॉन्डओवर करेगी। ऐसे में कोई भी इंटरव्यू या एग्जाम ये देकर पास भी हो जाते हैं, तो ये नौकरी करने के लिए पात्र नहीं रहेंगे। कोई भी पुलिस केस दर्ज होने के बाद भविष्य चौपट हो जाता है। सेना में फिजिकल, लिखित परीक्षा में पास कर सिलेक्ट होने के बाद जब स्थानीय थाने से पुलिस वेरिफिकेशन (चरित्र सत्यापन) कराया जाता है, तो चयन अस्वीकृत कर डिस्क्वालिफाई कर दिया जाता है। 

ग्वालियर में सेना भर्ती स्कीम 'अग्निपथ' के विरोध में हुए उपद्रव के CCTV फुटेज में उत्पात मचाने वाले तोड़फोड़ करने और लोगों को पीटने के बाद हंसते हुए नजर आ रहे हैं। उत्पात मचाने का VIDEO शूट कर रहे हैं और तबाही मचाने के बाद सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं। यह CCTV फुटेज काफी डराने वाले हैं। इससे साफ है कि दहशत का तांडव मचाने वालों को किसी से कोई मतलब नहीं था। वह तो हिंसा फैलाकर सभी को डराने का प्रयास कर रहे थे। सड़क पर मजे कर रहे थे। पुलिस ने इस मामले में 45 लोगों को पकड़ा है। इनमें 34 आरोपी हैं और 11 संदेह के आधार पर थाने में बैठाए हैं। पुलिस ने सड़क,चौराहा पर लगे CCTV कैमरों की मदद से कुछ फुटेज निकाले हैं। जिनके आधार पर 17 और दहशतगर्दों के चेहरे चिन्हित हुए हैं। जो CCTV फुटेज में तोड़फोड़ मचाते दिख रहे हैं। सेना भर्ती स्कीम अग्निपथ के विरोध में हुए उपद्रव की असल शुरूआत सेना भर्ती की तैयारी कराने वाली अकादमियों से हुई है। वहीं पर उपद्रव की पूरी पटकथा रचि गई है। वॉटसऐप ग्रुप पर दो दिन से यह सारी प्लानिंग चल रही थी। कोचिंग सेंटर पर ही बैठकर हंगामा की रूपरेखा तैयार की गई। 

इसलिए अब कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, एसएसपी ग्वालियर अमित सांघी ने सेना की भर्ती कराने वाली अकादमियों को आड़े हाथ लिया है। सभी अकादमी, एकेडमी को तीन दिन का समय दिया गया है। तीन दिन में अपने यहां तैयारी कर रहे छात्रों के नाम फोन नंबर सहित थाने में जमा करा दें। यदि ऐसा नहीं किया तो FIR दर्ज की जाएगी। ग्वालियर में उपद्रव की शुरुआत बीते रोज सुबह 10 बजे से ही शुरू हो गई थी। 10 बजे से गोला का मंदिर चौराहा पर भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। 12 बजे तक वहां करीब 800 से 1000 युवा एकत्रित हो गए और माहौल बिगड़ने लगा। आक्रोशित युवाओं ने ट्रैफिक को रोक दिया। गोला का मंदिर चौराहा पर पुलिस के सिटी सर्विलांस के तहत CCTV कैमरे लगे हैं। 24 घंटे यहां कैमरों से निगरानी होती है, लेकिन पुलिस की टीम यहां चूक कर गई। जब यहां उपद्रव होने लगा और आक्रोशित युवाओं ने लोगों से मारपीट व दुकान वालों से बाजार बंद करने के लिए तोड़फोड़ शुरू कर दी तो पुलिस को हरकत में आई।

अग्निपथ योजना का विरोध पूरे देश में सेना की तैयारी कर रहे युवा कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में भी यह आग बुरी तरह फैली हुई है। ग्वालियर-चंबल अंचल के ग्वालियर, मुरैना में उपद्रव हो चुका है। शुक्रवार को इंदौर में भी प्रदर्शन किया गया है। ग्वालियर पुलिस को आशंका है कि उपद्रवी छात्र फिर ग्वालियर में हंगामा कर प्रदर्शन कर सकते हैं। इसलिए पुलिस चौकन्ना है और CCTV कैमरों की मदद से पूरे शहर में निगरानी रखे हुए हैं। पुलिस ने अभी तक कुछ 34 लोगों को गिरफ्तार किया है। पांच मामले दर्ज किए हैं। अभी तक पुलिस ने इनको पकड़ा है। थाना सिंह, मनीष शर्मा, भूरे सिंह, विश्वजीत भदौरिया, अजीत चौहान, रितिक पांडे, नीतेश कोरी, हेरी यादव, रविन्द्र राठौर, अजय शर्मा, लालू जाटव, रोहित पटेल, रवि तोमर, महेन्द्र चौहान, दीपू त्यागी, आदित्य सिकरवार, गजेन्द्र, परवेश, धर्मवीर, विकास व पवन को हिरासत में लिया है। 11 संदेही भी पकड़े हैं जो अभी थाने में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। एएसपी क्राइम राजेश दंडौतिया का कहना है कि वायरल वीडियो और CCTV फुटेज के आधार पर लगातार उपद्रव मचाने वालों की पहचान की जा रही है। शहर के विभिन्न थानों में मामला दर्ज किया जा चुके हैं।