विधायक की हत्या मामले में वैल्लोर जेल में काट रहा उम्र कैद की सजा…

34 साल बाद एडीजे कोर्ट में पेश हुआ एक करोड़ की लूट का मुख्य आरोपी

ग्वालियर। करीब 34 साल पहले 16 मई को उपनगर इलाके के किला गेट क्षेत्र में रहने वाले शहर के प्रतिष्ठित सर्राफा कारोबारी रमेश चंद्र गोयल और उनकी पत्नी बसंती देवी की जघन्य हत्या करके करीब एक करोड़ का सोना चांदी लूटने वाले आरोपी को गुरुवार को जिला न्यायालय में एडीजे कोर्ट में पेश किया गया। बेहद खूंखार आरोपी लक्ष्मण सिंह बावरी मूलत: राजस्थान का रहने वाला है। लेकिन तमिलनाडु में इसने एक विधायक की हत्या और लूट की वारदात को अंजाम दिया था, जिस कारण वेल्लोर जेल में उम्र कैद की सजा काट रहा है। 

पिछले साल कोर्ट ने इसे प्रोडक्शन वारंट पर हाजिर करने के लिए पुलिस को निर्देशित किया था, लेकिन आरोपी की खूंखार छवि को देखते हुए उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में यहां लाने के निर्देश भी दिए गए थे। गुरुवार को तमिलनाडु पुलिस के जवान लक्ष्मण सिंह को कोर्ट में पेश करने पहुंचे। जहां से पुलिस ने उसे 20 जून तक पुलिस रिमांड पर लिया है। तमिलनाडु पुलिस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में हत्यारोपी को यहां लेकर आई। 

खास बात यह है कि करीब सात आरोपियों ने इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था। जिसमें पांच आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए थे, दो आरोपी फरार थे। जिसमें एक आरोपी की मौत हो गई। इस वारदात का एकमात्र जीवित आरोपी लक्ष्मण सिंह बावरी ही बचा है। राजस्थान के भरतपुर जिले का रहने वाला लक्ष्मण सिंह बावरी अपने गिरोह के साथ ट्रक चलाता था और रात में लूट की और हत्या की वारदात को अंजाम देता था। इस गिरोह पर करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोगों की हत्या के आरोप हैं। 

तमिलनाडु में विधायक की हत्या के बाद इस पर 'थीरन' नामक पिक्चर भी बन चुकी है। इस गिरोह की खास बात यह थी कि पहले गिरोह के लोग अपने शिकार की हत्या करते थे, उसके बाद लूटते थे। इस मामले में ग्वालियर के थाना प्रभारी दीपक यादव को भी कोर्ट ने मुलजिम की पेशी में हो रही देरी को लेकर फटकार लगाई थी। हैरानी की बात यह है कि लक्ष्मण सिंह के गिरोह से करीब 80 लाख के गहनों की रिकवरी हो चुकी थी। जिसे माल खाने में जमा करा दिया गया था, लेकिन कोर्ट के माल खाने से यह जेवर गायब हो गए। यह मामला अलग से हाई कोर्ट में चल रहा है।