ब्राह्मणो का विरोध, फिर भी सिकरवार ले आए महापौर का टिकट…

कांग्रेस ने की प्रदेश के 16 नगर निगम में से 15 में महापौर पद के प्रत्याशियों की घोषणा

ग्वालियर/भोपाल। आखिर ब्राह्मण विरोध भी कांग्रेस के ग्वालियर पूर्व के विधायक डॉ. सतीश सिकरवार के लिए मुसीबत नहीं बन सका। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने डॉ. सिकरवार की पत्नी पूर्व पार्षद शोभा सिकरवार को ही जीत का खिलाड़ी माना है। इसलिए कांग्रेस के शहर जिलाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा, दक्षिण के विधायक प्रवीण पाठक, कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री रश्मि पवार शर्मा सहित कुछ अन्य ब्राह्मण नेताओं के विरोध के दरकिनार करते हुए शोभा सिकरवार को ही ग्वालियर से महापौर का टिकट दिया है। कांग्रेस ने गुरुवार को प्रदेश के 16 नगर निगम में से 15 में महापौर पद के प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। सुबह 10 बजे अचलेश्वर महादेव, सनातन धर्म मंदिर चक्रधर भगवान के दर्शन कर चुनावी प्रचार की शुरुआत कर दी है। 

शुरुआत से ही डॉ. सिकरवार दौड़ में सबसे आगे थे। लेकिन पिछले दिनों ग्वालियर आए पूर्व मंत्री व जिले के पर्यवेक्षक मुकेश नायक की बैठक में जिलाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने शोभा सिकरवार की दावेदारी का विरोध किया था। इससे मामला खटाई में पड़ता नजर आ रहा था। गुरुवार को भोपाल में बैठक में विधायक प्रवीण पाठक व जिलाध्यक्ष शोभा का फिर विरोध किया लेकिन कमल नाथ ने विरोध को दरकिनार कर दिया। टिकट लेकर डॉ. सिकरवार शुक्रवार की सुबह भोपाल से ग्वालियर पहुंचे। सुबह 10 बजे अचलेश्वर महादेव और भगवान चक्रधर मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना के बाद प्रचार में लग चुके हैं।

भोपाल से विभा पटेल (अध्यक्ष, मप्र महिला कांग्रेस), इंदौर से संजय शुक्ला (विधायक), जबलपुर से जगत बहादुर सिंह (जिला कांग्रेस अध्यक्ष), ग्वालियर से शोभा सिकरवार (विधायक सतीश सिकरवार की पत्नी) को प्रत्याशी बनाया गया है। जबकि उज्जैन से महेश परमार (तराना विधायक), सागर से निधि जैन (पूर्व विधायक सुनील जैन की पत्नी), रीवा से अजय मिश्रा (पूर्व नगर निगम अध्यक्ष), मुरैना से शारदा सोलंकी (पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र सोलंकी पत्नी), सतना से सिद्धार्थ कुशवाहा (विधायक), कटनी से श्रेया खंडेलवाल (यूथ कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता), सिंगरौली से अरविंद सिंह चंदेल (जिला कांग्रेस अध्यक्ष), बुरहानपुर से शहनाज अंसारी (पूर्व पार्षद), छिंदवाड़ा से विक्रम अहाके, देवास से कविता रमेश व्यास (सचिव, प्रदेश कांग्रेस), खंडवा से आशा मिश्रा को उम्मीदवार बनाया है। 

इस बार कांग्रेस ने 3 विधायकों को टिकट दी गई है। रतलाम में उम्मीदवार फाइनल नहीं हुआ है। दरअसल यहां से मेयर पद के लिए दावेदारी कर रहे दोनों दावेदार भूरिया के समर्थक है। कांग्रेस के सामने ये दुविधा है कि युवा प्रत्याशी बनाया जाए या फिर अनुभवी को उतारा जाए।