स्थिति को नियंत्रित करने के लिए छोड़े आंसू गैस के गोले…

इंदौर में अग्निपथ योजना के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, 15 लोग गिरफ्तार

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में शुक्रवार की सुबह केंद्र की अग्निपथ भर्ती योजना का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। पुलिस भी इस दौरान रेलवे स्टेशन पर पहुंची। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। उन्होंने बताया कि घटना में दो पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं और करीब 15 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। अग्निपथ योजना को लेकर पूरे देश में छात्रों के द्वारा जमकर उग्र प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी कड़ी में इंदौर के लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन पर भी छात्रों ने एक ट्रेन को रोक कर जमकर प्रदर्शन किया। सैकड़ों प्रदर्शनकारी शहर के रेलवे स्टेशन के पास पटरियों पर जमा हो गए और पथराव किया, जिससे अधिकारियों को कुछ ट्रेनों को रोकने या रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा। 

इंदौर के पुलिस आयुक्त हरिनारायण चारी मिश्रा ने बताया, "शहर के लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन के पास पटरियों पर विभिन्न समूहों में करीब 600 युवा जमा हो गए, जिससे रेलवे प्रशासन को कुछ ट्रेनों को रोकना पड़ा। घटना के दौरान दो पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं, लेकिन पथराव में ट्रेन यात्रियों के घायल होने की अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है। लगभग 15 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।" उन्होंने कहा कि जब प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और उन्हें तितर-बितर करने और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए लाठीचार्ज भी किया। कई ट्रेनों को कैंसल किया गया: इंदौर के लक्ष्मी बाई रेलवे स्टेशन पर छात्रों ने इंदौर-डोंडा ट्रेन को रोककर प्रदर्शन किया, जबकि इस पूरे मामले की जानकारी जब पुलिस को लगी, तो पुलिस भी मौके पर पहुंची और छात्रों को मौके से खदेड़ कर कुछ छात्रों को हिरासत में ले लिया। 

इस बीच, पश्चिम रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने दौंड-इंदौर (22943) और वाराणसी-इंदौर महाकाल एक्सप्रेस (20413) को 45 मिनट तक रोका। उन्होंने कहा कि पश्चिम रेलवे ने विरोध की सूचना मिलने के बाद दो डीईएमयू (डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) ट्रेनें रद्द कर दीं। मीणा ने यह भी कहा कि विरोध को देखते हुए शहर के विभिन्न स्टेशनों पर पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों को भी तैनात किया गया है। बता दें कि जब पुलिस ने छात्रों को खदेड़ा तो, उन्होंने पत्थर बाजी शुरू कर दी। फिर पुलिस ने टियर गैस का प्रयोग करते हुए छात्रों को खदेड़ा, तो वहीं कुछ छात्रों की जमकर पिटाई भी कर दी। छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान ट्रेन में भी तोड़-फोड़ की कोशिश की। इसके अलावा छात्रों ने एडिशनल एसपी की गाड़ी और कुछ कारों में भी तोड़-फोड़ की। तकरीबन एक से डेढ़ घंटे की जद्दोजहद करने के बाद छात्रों को रेलवे स्टेशन से तकरीबन 2 से 3 किलोमीटर दूर खदेड़ दिया गया। 

बता दें कि तकरीबन 200 से अधिक छात्रों ने इस दौरान रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर अचानक से इंदौर-डोंडा ट्रेन को रोका और जमकर प्रदर्शन किया। वहीं, आसपास लगे सीसीटीवी के आधार पर भी छात्रों को चिन्हित किया जा रहा है और कड़ी कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। जब छात्रों के द्वारा उग्र प्रदर्शन की सूचना पुलिस को मिली तो पुलिस के द्वारा डीसीपी धीरेंद्र भदोरिया, दो एडिशनल डीसीपी सहित तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे और हंगामा कर रहे छात्रों को हिरासत में लिया गया। इंदौर में गुरुवार को करीब 150 युवकों ने अग्निपथ योजना का विरोध किया था। ग्वालियर में एक रेलवे स्टेशन के पास प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और दुकानों में आग लगा दी थी, जिससे गुरुवार को कुछ देर के लिए ट्रेन परिचालन प्रभावित रहा। बिहार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित कई राज्यों में रक्षा बलों में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।