अगले महीने होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को देखते हुए…

ममता बनर्जी ने 15 जून को बुलाई विपक्ष की बैठक, मुख्यरमंत्रियों सहित 22 दलों के नेता आमंत्रित

नईदिल्ली। अगले महीने होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को देखते हुए बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर विपक्ष को लामबंद करने की कवायद शुरू की है। ममता ने 22 विपक्षी राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं को पत्र लिखकर उन्हें आगे की रणनीति तैयार करने के लिए 15 जून को दिल्ली में होने वाली बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। इनमें गैर-भाजपा शासित राज्यों के ज्यादातर मुख्यमंत्री शामिल हैं। इससे पहले 2012 व 2017 के राष्ट्रपति चुनाव के समय भी ममता ने विपक्षी दलों को लामबंद करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पाई थी। पत्र में ममता ने लिखा है-"जबर्दस्त लोकतांत्रिक चरित्र वाले देश को मजबूत और प्रभावशाली विपक्ष की जरुरत है। सभी प्रगतिशील बलों को एकजुट होकर विभाजनकारी ताकत का प्रतिरोध करना होगा। विभिन्न केंद्रीय एजेंसियां विपक्षी नेताओं को लगातार निशाना बना रही हैं। हमें अपना प्रतिरोध मजबूत करना होगा।

आमंत्रित किए गए नेताओं में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, भाकपा के राष्ट्रीय महासचिव डी. राजा, माकपा के राष्ट्रीय महासचिव सीताराम येचुरी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार, राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, राज्यसभा सदस्य एचडी देवगौड़ा, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के अध्यक्ष पवन चामलिंग और आइयूएमएल के अध्यक्ष केएम कादेर मोहिदीन शामिल हैं।