घटना के बाद भी पीड़िता जिंदा थी और अच्छे इलाज से उसे बचाया जा सकता था...

साकीनाका रेप और मर्डर के मामले में कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

मुंबई। साकीनाका रेप और मर्डर के मामले में आरोपी को कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है। मामले में आरोपी मोहन चौहान को डिंडोशी कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इसे दुर्लभ मामला बताया है। सितंबर 2021में मोहन चौहान ने एक महिला के साथ रेप कर उसकी निर्मम हत्या कर दी थी, जिसके बाद 11 सितंबर को पीड़ित महिला की मुंबई के राजावाडी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। 

आरोपी मोहन चौहान को 30 मई को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (डिंडोशी अदालत) एच सी शेंडे द्वारा रेप और मर्डर के लिए भारतीय दंड संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया गया था। वहीं आज अदालत ने दोषी को फांसी की सजा का एलान किया है। बता दें कि साकीनाका रेप और मर्डर मामले में अभियोजन पक्ष ने बुधवार को 45 वर्षीय दोषी के लिए मौत की सजा देने का अनुरोध किया था, जिसने पिछले सितंबर में मुंबई के साकीनाका इलाके में 30 साल की एक महिला के साथ रेप किया था और उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड डालकर उसकी हत्या कर दी थी। 

अभियोजन ने कहा कि यह अपराध दुर्लभतम श्रेणी में आता है। सोमवार को कोर्ट ने मोहन चौहान को रेप और मर्डर के मामले में दोषी करार दिया था। कोर्ट में जब दोषी से पूछा गया कि उसे कितनी सजा मिलनी चाहिए तो वह जोर-जोर से रोने लगा और आरोप लगाने लगा कि उसे इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। वहीं दोषी के वकील ने कहा कि यह दुर्लभ मामला नहीं है क्योंकि घटना के बाद भी पीड़िता जिंदा थी और अच्छे इलाज से उसे बचाया जा सकता था।